शुभ दीपावली

रोशनी और खुशियों का यह पावन पर्व आपके जीवन को जगमगा दे!

शराब तस्करी रोकने पहुंचे TI दिलीप पुरी को ट्रक ने कुचला, मौत से मचा हड़कंप

📌 पटना और बिहार के सभी ज़िलों की ताज़ा ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!

👉 WhatsApp से जुड़ें

 

शराब तस्करी रोकने पहुंचे TI दिलीप पुरी को ट्रक ने कुचला, मौत से मचा हड़कंप

मध्य प्रदेश के देवास जिले से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। यहां अवैध शराब तस्करी रोकने की कोशिश में खातेगांव थाना प्रभारी (TI) दिलीप पुरी गोस्वामी की जान चली गई। TI दिलीप पुरी रविवार रात हरदा-नेमावर हाईवे पर संदिग्ध शराब से भरे ट्रक को रोकने पहुंचे थे। आरोप है कि इसी दौरान चालक ने पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए ट्रक आगे बढ़ा दिया और अधिकारी उसकी चपेट में आ गए।

घटना के बाद पुलिस विभाग में शोक का माहौल है। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और मामले में चालक समेत कथित तस्करी नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है।

अवैध शराब की सूचना पर बनाई गई थीं कई पुलिस टीमें

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, देवास के पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा को सूचना मिली थी कि हरदा की ओर से अवैध शराब से भरा एक ट्रक इंदौर के रास्ते गुजरात जाने वाला है। सूचना मिलने के बाद ट्रक को पकड़ने के लिए पांच से अधिक पुलिस टीमें गठित की गईं।

इन टीमों में कन्नौद, खातेगांव और सतवास के थाना प्रभारियों के साथ अन्य पुलिसकर्मियों को भी शामिल किया गया था। पुलिस ने संभावित रास्तों पर अलग-अलग स्थानों पर घेराबंदी और नाकाबंदी की थी।

बताया जा रहा है कि संदिग्ध ट्रक का नंबर MP 43 H 4786 था। पुलिस को आशंका थी कि वाहन में बड़ी मात्रा में अवैध शराब ले जाई जा रही है। इसी सूचना के आधार पर पुलिस और संबंधित विभाग की टीमें ट्रक की तलाश कर रही थीं।

हरदा-नेमावर हाईवे पर कैसे हुआ दर्दनाक हादसा?

मिली जानकारी के अनुसार, ट्रक हरदा की ओर से आ रहा था। रास्ते में हरदा-नेमावर हाईवे पर चालक ने पानी पीने के लिए वाहन रोका। इसी दौरान खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी मौके पर पहुंचे और चालक को ट्रक से नीचे उतरने के लिए कहा।

आरोप है कि इसके बाद चालक और थाना प्रभारी के बीच कहासुनी और झूमाझटकी शुरू हो गई। पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए चालक ने ट्रक लेकर भागने की कोशिश की।

इसी दौरान दिलीप पुरी नीचे गिर गए और ट्रक का पिछला पहिया उनके ऊपर से गुजर गया। गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

यह घटना पुलिसकर्मियों के लिए बड़ा झटका है। अवैध शराब की तस्करी रोकने के अभियान के दौरान एक थाना प्रभारी की जान जाने से कानून-व्यवस्था और पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

घटना के बाद ट्रक छोड़कर फरार हुआ चालक

घटना के बाद चालक ट्रक लेकर कुछ दूरी तक गया और फिर वाहन छोड़कर फरार हो गया। आबकारी उपनिरीक्षक पूजा गहलोद के मुताबिक, सूचना मिलने पर विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी। घटनास्थल से कुछ दूरी पर ट्रक खड़ा मिला।

जांच के दौरान वाहन के अंदर शराब की पेटियां रखी हुई मिलीं। अधिकारी के अनुसार, ट्रक के पास वैध परमिट नहीं था। इस वजह से आबकारी विभाग को पहले इसकी जानकारी नहीं थी।

पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर चालक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शराब कहां से लाई गई थी, इसकी कुल मात्रा कितनी थी और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था।

शराब तस्करी नेटवर्क में इन नामों की हो रही जांच

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस मामले में हरदा के राहुल जायसवाल का नाम सामने आया है। इसके अलावा देवास के कुछ शराब कारोबारियों और कथित तस्करों के भी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।

हालांकि, इन लोगों की भूमिका को लेकर अभी जांच जारी है। किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता को अंतिम रूप से तभी माना जा सकता है, जब पुलिस जांच में पर्याप्त सबूत सामने आएं।

बताया गया है कि ट्रक मालिक और कथित शराब तस्करी से जुड़े कैरम सिंह को आलीराजपुर पुलिस ने बेहडवा गांव से गिरफ्तार किया है। पुलिस अलग-अलग आरोपियों की भूमिका और उनके आपसी संपर्कों की जानकारी जुटा रही है।

इस नेटवर्क की जांच में पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि शराब की आपूर्ति कहां से हुई और तस्करी के लिए किन रास्तों का इस्तेमाल किया जा रहा था।

रात में मौके पर पहुंचे एसपी, जांच जारी

घटना की जानकारी मिलने के बाद देवास एसपी आदित्य मिश्रा रात करीब 3:30 बजे खातेगांव पहुंचे। उन्होंने मामले की जानकारी ली और पुलिस कार्रवाई की स्थिति का जायजा लिया।

फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। जांच में ट्रक की आवाजाही, शराब के स्रोत, परमिट और तस्करी से जुड़े संभावित लोगों की भूमिका अहम मानी जा रही है।

पुलिस विभाग में शोक, तस्करी पर कार्रवाई को लेकर उठे सवाल

TI दिलीप पुरी की मौत ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान सामने आने वाले जोखिमों को फिर चर्चा में ला दिया है। एक पुलिस अधिकारी की ड्यूटी के दौरान मौत से विभाग में शोक है।

अब इस मामले में दो महत्वपूर्ण सवाल हैं—क्या ट्रक के पीछे कोई संगठित तस्करी नेटवर्क काम कर रहा था और क्या इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक भी पुलिस पहुंच पाएगी?

इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे। फिलहाल पुलिस का ध्यान आरोपियों की भूमिका स्पष्ट करने और शराब तस्करी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने पर है।

🛍️ ऑनलाइन शॉपिंग करें
Amazon, Flipkart, Myntra और AJIO पर खरीदारी करें
यहाँ से खरीदारी करने पे एक्स्ट्रा डिस्काउंट मिल सकता है।
Next Post Previous Post
"ताज़ा ख़बरें पाएं"
1