बिहार में बिहार MLC चुनाव 2026 को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। क्या हुआ, कब होगा, कहाँ चुनाव होंगे, कौन-कौन शामिल है, क्यों अहम है और कैसे समीकरण बन रहे हैं—इन सभी सवालों के जवाब इस चुनाव में छिपे हैं। बिहार MLC चुनाव 2026 के तहत जून 2026 में कुल 11 सीटों पर चुनाव होना है, जिसमें 9 सीटें कार्यकाल समाप्त होने से और 2 सीटें उपचुनाव के कारण खाली हैं। इस चुनाव में NDA और महागठबंधन के बीच सीधी टक्कर देखने को मिलेगी।
कितनी सीटों पर होगा चुनाव?
बिहार विधान परिषद की कुल 11 सीटों पर चुनाव प्रस्तावित है।
इनमें 9 सीटें नियमित रूप से खाली हो रही हैं, जबकि 2 सीटें इस्तीफे के कारण खाली हुई हैं।
यह चुनाव राज्यसभा चुनाव के तुरंत बाद हो रहा है, इसलिए इसका राजनीतिक महत्व और बढ़ गया है।
NDA का गणित क्यों मजबूत?
National Democratic Alliance (NDA) इस चुनाव में मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है।
विधानसभा में संख्या बल के आधार पर NDA को 11 में से करीब 10 सीटें मिलने की संभावना जताई जा रही है।
Nitish Kumar और भाजपा के नेतृत्व में गठबंधन का गणित फिलहाल उनके पक्ष में दिख रहा है।
सीट बंटवारे में कौन आगे?
संभावित समीकरण के अनुसार भाजपा और जदयू को 4-4 सीटें मिल सकती हैं।
वहीं Chirag Paswan की पार्टी लोजपा (रामविलास) एक सीट पर दावा कर रही है।
इसके अलावा Upendra Kushwaha की पार्टी को भी एक सीट मिलने की संभावना है।
यह सीट बंटवारा आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भी संकेत देता है।
महागठबंधन के सामने क्या चुनौती?
Mahagathbandhan संख्या बल के मामले में कमजोर नजर आ रहा है।
एक सीट जीतने के लिए करीब 25 विधायकों के वोट की जरूरत होती है।
महागठबंधन के पास सहयोगी दलों सहित कुल 41 विधायक हैं, जिससे वे केवल एक सीट आसानी से जीत सकते हैं।
क्या दूसरी सीट संभव है?
महागठबंधन के पास एक सीट जीतने के बाद 16 विधायक बचेंगे।
दूसरी सीट जीतने के लिए उन्हें कम से कम 9 और विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी।
यही कारण है कि दूसरी सीट जीतना उनके लिए चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।
किन नेताओं का खत्म हो रहा कार्यकाल?
जून 2026 में कई दिग्गज नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।
इनमें राजद के सुनील कुमार सिंह और मोहम्मद फारुक, जदयू के गुलाम गौस और अन्य नेता शामिल हैं।
भाजपा और कांग्रेस के भी कुछ सदस्य इस सूची में हैं, जिससे नए चेहरे आने की संभावना बढ़ गई है।
क्या होगा राजनीतिक असर?
यह चुनाव सिर्फ विधान परिषद तक सीमित नहीं है।
इसे 2026 के आगामी विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल भी माना जा रहा है।
इसमें दलों की रणनीति, गठबंधन और अंदरूनी एकजुटता की असली परीक्षा होगी।
निष्कर्ष
बिहार MLC चुनाव 2026 में NDA फिलहाल बढ़त में दिख रहा है, लेकिन महागठबंधन भी रणनीति बनाने में जुटा है।
यह चुनाव आने वाले बड़े चुनावों की दिशा तय कर सकता है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि अंतिम सीट बंटवारा और उम्मीदवारों का चयन किस तरह होता है।
Source: राजनीतिक विश्लेषण एवं मीडिया रिपोर्ट
