पटना/बेतिया। बेतिया सेक्स रैकेट मामले ने पश्चिम चंपारण जिले में सनसनी फैला दी है। बेतिया सेक्स रैकेट का खुलासा उस समय हुआ जब पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर एक आवासीय इलाके में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान मकान मालकिन, उसकी बेटी, बेटी की एक दोस्त समेत कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने मौके से कई मोबाइल फोन, यौनवर्धक दवाएं और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की है।
यह मामला बेतिया शहर के कालीबाग थाना क्षेत्र का है, जहां रिहायशी इलाके में कथित रूप से अनैतिक गतिविधियां संचालित होने की सूचना लंबे समय से मिल रही थी। पुलिस की कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है।
गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
पुलिस को सूचना मिली थी कि एक मकान में महिलाओं और युवतियों के माध्यम से कथित देह व्यापार कराया जा रहा है। सूचना के बाद सदर वन एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया।
कालीबाग और मनुआपुल थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से मकान की घेराबंदी कर छापेमारी की। पुलिस के पहुंचते ही घर के अंदर मौजूद कुछ लोग बाहर निकलने की कोशिश करने लगे, लेकिन टीम ने उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया।
अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई पूरी तरह योजनाबद्ध तरीके से की गई ताकि किसी भी व्यक्ति को भागने का मौका न मिले।
मां, बेटी और उनकी सहयोगी गिरफ्तार
छापेमारी के दौरान चार महिलाओं और एक युवक को हिरासत में लिया गया। गिरफ्तार महिलाओं में मकान मालकिन, उसकी पुत्री और पुत्री की एक करीबी सहयोगी शामिल हैं।
पुलिस ने युवक की पहचान श्रीनगर थाना क्षेत्र के भवानीपुर निवासी के रूप में की है। पूछताछ के बाद सभी आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे भी कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।
घर से क्या-क्या बरामद हुआ?
पुलिस की तलाशी के दौरान कई ऐसी वस्तुएं मिलीं, जिन्हें जांच के लिए जब्त किया गया है।
बरामद सामान में कई मोबाइल फोन, यौनवर्धक दवाएं, सिगरेट के पैकेट, गुटखा-पान मसाला, एक मोटरसाइकिल और अन्य सामग्री शामिल है।
जांच एजेंसियां अब जब्त किए गए मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी पड़ताल कर रही हैं ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी मिल सके।
मेडिकल जांच के बाद भेजे गए जेल
गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपितों को मेडिकल जांच के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया।
कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
यह पहला अवसर नहीं है जब इसी क्षेत्र से ऐसी शिकायतें सामने आई हैं। इससे पहले भी पुलिस ने इसी इलाके में छापेमारी कर कई लोगों को हिरासत में लिया था।
पिछली कार्रवाई में चार महिलाओं और दो युवकों को पकड़ा गया था। उस दौरान भी पुलिस को सूचना मिली थी कि एक मकान में अवैध गतिविधियां संचालित हो रही हैं।
जांच के दौरान पकड़ी गई कुछ युवतियों के दूसरे जिलों और दूसरे राज्यों से जुड़े होने की जानकारी भी सामने आई थी।
पुलिस अब नेटवर्क की जांच में जुटी
पुलिस का मानना है कि मामले की गहराई से जांच करने पर और भी तथ्य सामने आ सकते हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि गतिविधियां कितने समय से चल रही थीं और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका थी।
मोबाइल कॉल डिटेल, संपर्क सूत्रों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अवैध गतिविधि में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
स्थानीय लोगों में बढ़ी चर्चा
रिहायशी इलाके में इस तरह के मामले के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भी चर्चा तेज हो गई है। कई लोगों ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना की है और इलाके में निगरानी बढ़ाने की मांग की है।
प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए नियमित निगरानी और जांच अभियान जारी रहेंगे।
