ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर आज प्रदर्शन, पुलिस अलर्ट
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👉 WhatsApp से जुड़ेंदिल्ली में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन को लेकर आज 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हलचल बढ़ने की संभावना है। ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन का आह्वान सामाजिक कार्यकर्ताओं और छात्र संगठनों ने किया है, लेकिन दिल्ली पुलिस ने कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी है। इसके बावजूद आयोजकों और कुछ सामाजिक-राजनीतिक नेताओं ने लोगों से सुबह 11 बजे जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की है। प्रदर्शन में SIR, मतदाता सूची और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग प्रमुख मुद्दे बताए गए हैं।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की पुलिस ने नहीं दी अनुमति
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर 2 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए किसी संगठन को अनुमति नहीं दी है। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए मध्य दिल्ली और लुटियंस दिल्ली के कई हिस्सों में अतिरिक्त इंतजाम किए हैं।
जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेड लगाए गए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त बल की व्यवस्था की गई है।
प्रस्तावित प्रदर्शन का संबंध विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और मतदाता सूचियों को लेकर उठाए जा रहे सवालों से है। आयोजकों की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की गई है।
नेहा बोरा, योगेंद्र यादव ने लोगों से पहुंचने की अपील की
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन यानी AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। इससे पहले AISA, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों की ओर से संसद मार्ग थाने में प्रस्तावित कार्यक्रम की जानकारी भी दी गई थी।
सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने भी लोगों से 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की है। आयोजकों का कहना है कि प्रदर्शन के जरिए SIR और मतदाता सूची से जुड़े सवाल उठाए जाएंगे।
हालांकि, इन नेताओं द्वारा लगाए गए आरोपों और दावों को स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता। चुनाव आयोग की ओर से SIR से संबंधित प्रक्रियाओं और मतदाता सूची को लेकर अलग-अलग आधिकारिक जानकारी दी जाती रही है।
See you tomorrow at Jantar Mantar! pic.twitter.com/A53SxDgO05
— Neha (@neha_aisa) October 1, 2026
मनोज झा और प्रशांत भूषण भी कर चुके हैं घोषणा
प्रस्तावित प्रदर्शन की घोषणा से पहले AISA अध्यक्ष नेहा बोरा, राज्यसभा सदस्य मनोज झा और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी।
इस दौरान प्रदर्शन के मुद्दों और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को सामने रखा गया। आयोजकों ने SIR की प्रक्रिया और मतदाता सूचियों में बदलाव को लेकर अपनी चिंताएं भी व्यक्त कीं।
दिल्ली में यह पहली बार नहीं है जब इसी मुद्दे पर प्रदर्शन को लेकर पुलिस और आयोजकों के बीच स्थिति बनी हो। 25 सितंबर को भी जंतर-मंतर के आसपास SIR के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान 60 से अधिक लोगों को हिरासत में लिए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। इनमें नेहा बोरा, योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण भी शामिल थे।
संजय सिंह ने 13 करोड़ नाम हटाने का दावा किया
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने भी प्रदर्शन में लोगों के शामिल होने की अपील की है। उन्होंने दावा किया कि निर्वाचन आयोग ने देशभर में 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए हैं।
यह संख्या और इससे जुड़े आरोप संजय सिंह के राजनीतिक दावे हैं। इन्हें स्वतंत्र रूप से सत्यापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।
AAP के अन्य नेताओं ने भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। इन नेताओं का कहना है कि SIR के कारण मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े सवाल खड़े हुए हैं।
आतिशी और मनीष सिसोदिया ने भी की अपील
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने भी लोगों से जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता अधिकारों को लेकर केंद्र सरकार तथा निर्वाचन आयोग पर आरोप लगाए हैं।
AAP नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 2 अक्टूबर के प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की।
इन बयानों में लगाए गए राजनीतिक आरोप संबंधित नेताओं के विचार हैं। इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष निकालने के लिए संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड और चुनाव आयोग का पक्ष देखना जरूरी है।
दो अक्टूबर को जंतर-मंतर आइए ज्ञानेश कुमार का इस्तीफ़ा माँगने। वरना आज वोट का अधिकार छीना जा रहा है, कल बाकी अधिकार भी छीन लिए जायेंगे।#jantarmantar #gyaneshkumarmustresign #votechori pic.twitter.com/eNtxuvKRaN
— Manish Sisodia (@msisodia) October 1, 2026
जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा कड़ी, रास्तों पर बैरिकेडिंग
प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की आशंका को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई है।
जंतर-मंतर और नई दिल्ली जिले के प्रमुख स्थानों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मी और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवान तैनात किए गए हैं। प्रवेश और निकास वाले स्थानों के साथ संवेदनशील इलाकों में भी निगरानी बढ़ाई गई है।
2 अक्टूबर को गांधी जयंती के कार्यक्रमों के कारण भी मध्य दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था पहले से कड़ी है। इसके चलते जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में यातायात पर भी असर पड़ सकता है।
दिल्ली मेट्रो ने भी सुरक्षा व्यवस्था के तहत 11 स्टेशनों पर प्रवेश और निकास को अस्थायी रूप से बंद रखने की जानकारी दी है, जबकि कुछ स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा जारी रखने की बात कही गई है।
आज क्या होगा, इस पर रहेगी नजर
2 अक्टूबर का प्रस्तावित प्रदर्शन ऐसे समय हो रहा है, जब SIR और मतदाता सूचियों को लेकर राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों और नागरिक समूहों के बीच बहस जारी है।
आयोजकों ने लोगों से सुबह 11 बजे जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की है, जबकि दिल्ली पुलिस ने कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी है। ऐसे में आज जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था तथा आयोजकों की गतिविधियों पर नजर रहेगी।
प्रदर्शन का मुख्य केंद्र SIR, मतदाता सूची और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग रहेगी। आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि आयोजक और प्रशासन आज की परिस्थितियों में किस तरह आगे बढ़ते हैं।
