तेजस्वी का बड़ा आरोप, बोले- BJP ने संजय झा को JDU में ‘प्लांट’ किया
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👉 WhatsApp से जुड़ेंबिहार की राजनीति में तेजस्वी यादव के एक बयान से सियासी हलचल तेज हो गई है। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने जेडीयू को कमजोर करने और खत्म करने की दीर्घकालिक रणनीति के तहत संजय झा को पार्टी में ‘प्लांट’ किया था। उनके इस बयान के बाद जेडीयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार झा ने भी पलटवार किया और तेजस्वी को अपनी पार्टी पर ध्यान देने की सलाह दी।
तेजस्वी ने दावा किया कि संजय झा अपने कथित मिशन में सफल रहे और आज जेडीयू की स्थिति के लिए वही जिम्मेदार हैं। हालांकि, ये तेजस्वी यादव के राजनीतिक आरोप हैं, जिन पर संजय झा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
तेजस्वी यादव ने संजय झा पर क्या आरोप लगाया?
आरजेडी के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान संजय झा को लेकर बड़ा राजनीतिक दावा किया।
उन्होंने कहा कि बीजेपी ने जेडीयू को खत्म करने की योजना के तहत संजय झा को पार्टी में भेजा था। तेजस्वी के मुताबिक, संजय झा 2012 में बीजेपी छोड़कर जेडीयू में शामिल हुए थे।
तेजस्वी ने यह भी कहा कि उस समय संजय झा के राजनीतिक संरक्षक और बीजेपी के वरिष्ठ नेता रहे दिवंगत अरुण जेटली की सहमति से यह कदम उठाया गया था।
उन्होंने दावा किया कि बीजेपी ने इससे पहले संजय झा को लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं दिया था और इसके कुछ वर्षों बाद उन्होंने जेडीयू का रुख किया।
‘मिशन में सफल हो गए’, तेजस्वी का दावा
तेजस्वी यादव ने अपने आरोप को आगे बढ़ाते हुए कहा कि संजय झा को जेडीयू में भेजने का उद्देश्य पार्टी को कमजोर करना था।
उन्होंने दावा किया कि संजय झा इस कथित मिशन में सफल रहे हैं। तेजस्वी ने कहा कि जेडीयू का हर नेता जानता है कि आज नीतीश कुमार की राजनीतिक स्थिति के पीछे कौन जिम्मेदार है।
तेजस्वी ने यहां तक दावा किया कि जेडीयू अब पूरी तरह खत्म हो चुकी है। उनके इस बयान को बिहार की राजनीति में जेडीयू और बीजेपी के रिश्तों को लेकर एक बड़े राजनीतिक हमले के तौर पर देखा जा रहा है।
हालांकि, तेजस्वी के इस दावे की पुष्टि के लिए कोई स्वतंत्र प्रमाण इस उपलब्ध जानकारी में सामने नहीं दिया गया है।
संजय झा ने ‘एनआरआई नेता’ कहकर किया पलटवार
तेजस्वी यादव के आरोपों पर संजय झा ने भी जवाब देने में देर नहीं की। उन्होंने तेजस्वी को ‘एनआरआई नेता’ बताते हुए कहा कि उन्हें जेडीयू और नीतीश कुमार की चिंता करने की जरूरत नहीं है।
संजय झा ने आरोप लगाया कि जब भी बिहार में कोई संकट आता है, तेजस्वी यादव राज्य में नजर नहीं आते। उन्होंने कहा कि तेजस्वी को जेडीयू की चिंता करने के बजाय अपनी पार्टी और उसकी राजनीतिक स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।
झा ने यह भी कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में तेजस्वी की पार्टी का जनाधार कम हुआ है। उनके मुताबिक, नीतीश कुमार और पूरी जेडीयू अपनी राजनीतिक दिशा तय करने में सक्षम हैं।
‘विपक्ष के नेता के रूप में जिम्मेदारी निभाएं’
संजय झा ने तेजस्वी यादव से विपक्ष के नेता के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभाने की अपील भी की।
उन्होंने कहा कि तेजस्वी को बिहार की जनता से जुड़े मुद्दे उठाने चाहिए और विपक्ष की भूमिका मजबूती से निभानी चाहिए।
इस तरह दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी केवल जेडीयू की राजनीतिक स्थिति तक सीमित नहीं रही, बल्कि व्यक्तिगत राजनीतिक हमलों तक भी पहुंच गई।
तेजस्वी ने बेटियों को लेकर भी दिया जवाब
संजय झा के ‘एनआरआई नेता’ वाले बयान पर तेजस्वी यादव ने भी जवाब दिया।
तेजस्वी ने कहा कि संजय झा की बेटियां विदेश में रहती हैं और वह खुद भी अक्सर विदेश जाते हैं। हालांकि, तेजस्वी ने यह भी कहा कि उन्होंने पहले कभी इस बात को लेकर संजय झा पर टिप्पणी नहीं की।
इस बयान के बाद दोनों नेताओं के बीच चल रही राजनीतिक बहस और तेज हो गई। एक तरफ तेजस्वी यादव जेडीयू की मौजूदा स्थिति को लेकर संजय झा पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं संजय झा उनके राजनीतिक नेतृत्व और बिहार में उनकी मौजूदगी पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
नीतीश कुमार के फैसले से बदला बिहार का सियासी समीकरण
इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि बिहार की बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों से भी जुड़ी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर राज्यसभा जाने का फैसला किया था।
इसके बाद बीजेपी के सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हुआ। इस घटनाक्रम को बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा गया, क्योंकि इससे बीजेपी के नेतृत्व में सरकार बनने की स्थिति बनी।
नीतीश कुमार के लंबे राजनीतिक सफर और जेडीयू-बीजेपी के बदलते संबंधों को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा है। तेजस्वी यादव का ताजा बयान भी इसी राजनीतिक संघर्ष की कड़ी के रूप में सामने आया है।
जेडीयू की रणनीति पर तेजस्वी का हमला
तेजस्वी यादव के बयान का मुख्य निशाना जेडीयू और बीजेपी के बीच लंबे समय से रहे राजनीतिक संबंध हैं। उन्होंने संजय झा की बीजेपी से जेडीयू में हुई राजनीतिक यात्रा को लेकर सवाल खड़े किए और इसे पार्टी के कमजोर होने से जोड़ दिया।
वहीं, संजय झा ने इन आरोपों को लेकर कोई समर्थन देने के बजाय तेजस्वी पर ही पलटवार किया। उन्होंने अपनी पार्टी को मजबूत बताते हुए कहा कि जेडीयू अपने फैसले लेने और अपनी राजनीतिक दिशा तय करने में सक्षम है।
दोनों नेताओं के बयानों से साफ है कि बिहार की राजनीति में सियासी आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
आगे और तेज हो सकती है सियासी बयानबाजी
तेजस्वी यादव और संजय झा के बीच हुई यह बयानबाजी ऐसे समय सामने आई है, जब बिहार में राजनीतिक समीकरण लगातार चर्चा में हैं।
तेजस्वी का दावा जहां जेडीयू के भीतर बीजेपी की भूमिका पर सवाल उठाता है, वहीं संजय झा का जवाब आरजेडी नेतृत्व की राजनीतिक स्थिति पर केंद्रित रहा।
फिलहाल, ‘प्लांट’ किए जाने का आरोप तेजस्वी यादव का राजनीतिक दावा है और उपलब्ध जानकारी में इसे साबित करने वाला स्वतंत्र प्रमाण नहीं दिया गया है। ऐसे में इस पूरे विवाद में दोनों पक्षों के राजनीतिक बयानों को उनके संदर्भ में देखना महत्वपूर्ण होगा।
