Bihar Ka Mausam: 24 जिलों में बारिश का अलर्ट, 18 जिलों में बाढ़ से हाहाकार
📌 पटना और बिहार के सभी ज़िलों की ताज़ा ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!
👉 WhatsApp से जुड़ें
बिहार में मौसम का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। Bihar Ka Mausam एक बार फिर लोगों के लिए बड़ी चिंता बन गया है, क्योंकि राज्य के कई हिस्सों में झमाझम बारिश के साथ बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। Bihar Ka Mausam को लेकर मौसम विभाग ने 24 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है, जबकि 18 जिलों में बाढ़ से 6.65 लाख से अधिक आबादी प्रभावित बताई गई है। उत्तर और पूर्वी बिहार में रविवार को भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं और निचले इलाकों में पानी फैलने का खतरा बना हुआ है।
7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने बिहार के सात जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। सुपौल, अररिया, सहरसा, मधेपुरा, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार में मौसम बिगड़ने की आशंका जताई गई है। इन इलाकों में तेज से भारी बारिश हो सकती है। खासतौर पर अररिया, किशनगंज और कटिहार के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। लगातार बारिश होने पर निचले क्षेत्रों में जलजमाव की समस्या बढ़ सकती है। पहले से बाढ़ प्रभावित इलाकों में भी नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
इन 17 जिलों में येलो अलर्ट, 40 KM/H तक चल सकती है हवा
राज्य के 17 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इनमें पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर और वैशाली शामिल हैं। इसके अलावा मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, खगड़िया, भागलपुर, मुंगेर, जमुई और बांका में भी मौसम खराब रहने की चेतावनी है। इन जिलों में करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी जताया गया है। ऐसे में लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है। खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने की जरूरत है।
पटना में अगले 4 दिन बदला रहेगा मौसम
राजधानी पटना में अगले चार दिनों तक मौसम का मिजाज बदला रह सकता है। आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है और कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज के साथ बिजली चमकने की भी आशंका बनी हुई है। 6 से 9 सितंबर के बीच पटना का अधिकतम तापमान 32 से 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। न्यूनतम तापमान 26 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। पटना के अलावा भोजपुर, बक्सर, गया, नालंदा और औरंगाबाद के कुछ हिस्सों में भी हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
कैमूर सबसे गर्म, सीवान में हुई सबसे ज्यादा बारिश
शनिवार को कैमूर बिहार का सबसे गर्म जिला रहा। यहां अधिकतम तापमान 36.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। औरंगाबाद में 35.5 डिग्री, गया में 33.8 डिग्री, अरवल में 33.2 डिग्री और नालंदा में 33.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। जहानाबाद का अधिकतम तापमान 33 डिग्री और मोतिहारी का 32.8 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, पिछले 24 घंटे में सीवान के नौतन में सबसे ज्यादा 80.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
18 जिलों में बाढ़ का असर, 6.65 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
बिहार में लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने बाढ़ की स्थिति को गंभीर बना दिया है। राज्य के 18 जिले बाढ़ की चपेट में बताए गए हैं। बाढ़ से करीब 6.65 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य की नौ नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे नदी किनारे बसे गांवों में चिंता बढ़ गई है। कई प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ रहा है। प्रशासन और स्थानीय स्तर पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
पुनपुन नदी 2.57 मीटर ऊपर, पटना के आसपास बढ़ी चिंता
पुनपुन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटे में नदी का पानी करीब 28 सेंटीमीटर बढ़ने की जानकारी सामने आई है। श्रीपालपुर में पुनपुन नदी खतरे के निशान से 2.57 मीटर ऊपर पहुंच गई है। जलस्तर में लगातार वृद्धि से आसपास के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। लोगों को नदी के किनारे जाने से बचने और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने की जरूरत है।
भागलपुर-खगड़िया में बाढ़ का दबाव, सारण में बांध टूटा
भागलपुर में गंगा नदी खतरे के निशान से 32 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। कहलगांव में गंगा का जलस्तर लाल निशान से 82 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। खगड़िया में भी बाढ़ का असर जनजीवन पर दिखाई दे रहा है। कई लोग अपने मवेशियों के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं। सारण के दिघवारा में माही नदी का बांध करीब 30 फीट तक टूट गया। इसके बाद आसपास के इलाकों में तेजी से पानी फैल गया। छपरा में बाढ़ का पानी NH-19 तक पहुंचने से सड़क यातायात भी प्रभावित हुआ है।
बेगूसराय में 1000 से ज्यादा घर डूबे
बेगूसराय के सिमरिया बिंद टोली में बाढ़ की स्थिति काफी गंभीर बताई जा रही है। यहां 1000 से अधिक घर पानी में डूब चुके हैं। मुंगेर के छह प्रखंड भी बाढ़ से प्रभावित हैं। लाल दरवाजा इलाके की सड़कों पर तीन से चार फीट तक पानी भरने की जानकारी है। बारिश और नदियों के जलस्तर पर अगले कुछ दिनों तक नजर रखना महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि कई क्षेत्रों में लगातार पानी बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
पटना-गया रेलखंड प्रभावित, कई ट्रेनों के बदले रूट
बाढ़ का असर अब रेल परिचालन पर भी पड़ने लगा है। पटना-गया रेलखंड पर जट डुमरी के पास पुनपुन नदी का पानी पुल संख्या 21 तक पहुंच गया है। सुरक्षा को देखते हुए रेलवे ने डाउन लाइन पर ट्रेनों का परिचालन रोक दिया है। पानी कम होने और ट्रैक की सुरक्षा जांच के बाद ही स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। गंगा दामोदर एक्सप्रेस (13330/13329) को फतुहा, इस्लामपुर और तिलैया के रास्ते चलाया जा रहा है। वहीं, बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस (15138/15137) का रूट भी बदला गया है और यह पटना से आरा व बक्सर के रास्ते संचालित होगी। इसके अलावा कई अन्य ट्रेनें तीन से चार घंटे की देरी से चल रही हैं। यात्रियों को यात्रा से पहले संबंधित रेलवे सूचना की जांच करने की सलाह दी जा रही है।