Shivhar News: सुरगाही पंचायत बनी बाल विवाह मुक्त, लिया बड़ा संकल्प
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👉 WhatsApp से जुड़ेंShivhar News: शिवहर जिले के तरियानी प्रखंड की सुरगाही ग्राम पंचायत को बाल विवाह मुक्त पंचायत घोषित किया गया। Shivhar News के तहत सामने आई इस पहल में बाल विवाह के सामाजिक और शैक्षणिक दुष्प्रभावों पर चर्चा हुई और पंचायत क्षेत्र में इसे रोकने के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता जताई गई।
सुरगाही पंचायत में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता और सामाजिक संकल्प को लेकर विशेष बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, जीविका दीदियों, आंगनबाड़ी सेविकाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।
बैठक में बाल विवाह के खिलाफ लिया गया संकल्प
यह बैठक शिवहर के अनुमंडल पदाधिकारी सह बाल विवाह निषेध पदाधिकारी के मार्गदर्शन में आयोजित की गई। बिहार ग्राम विकास परिषद के सहयोगी संगठन जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के तत्वावधान में कार्यक्रम हुआ।
बैठक का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना और समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान सुरगाही ग्राम पंचायत को बाल विवाह मुक्त पंचायत घोषित किया गया। इस घोषणा के साथ पंचायत क्षेत्र में बाल विवाह रोकने के लिए सामूहिक प्रयास करने पर जोर दिया गया।
बाल विवाह से होने वाले नुकसान बताए
बिहार ग्राम विकास परिषद के शिवहर जिला समन्वयक अनिल कुमार ने उपस्थित लोगों को बाल विवाह से होने वाले सामाजिक और शैक्षणिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि कम उम्र में विवाह बच्चों की शिक्षा और उनके भविष्य पर असर डाल सकता है। उन्होंने बाल विवाह की रोकथाम के लिए समाज के अलग-अलग वर्गों की सक्रिय भागीदारी को जरूरी बताया।
अनिल कुमार ने कहा कि केवल प्रशासनिक प्रयासों से बाल विवाह की रोकथाम संभव नहीं है। इसके लिए जनप्रतिनिधियों, जीविका दीदियों, आंगनबाड़ी सेविकाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों को मिलकर काम करना होगा।
मुखिया और सरपंच ने की घोषणा
सुरगाही ग्राम पंचायत को बाल विवाह मुक्त पंचायत घोषित करने की घोषणा पंचायत के मुखिया राकेश कुमार और सरपंच शत्रुध्न कुमार ने की।
इस अवसर पर मुखिया राकेश कुमार और सरपंच शत्रुध्न साह ने बाल विवाह रोकने के लिए पंचायत स्तर पर सामूहिक प्रयास जारी रखने का आह्वान किया।
उन्होंने बच्चों की शिक्षा और सुरक्षित भविष्य को प्राथमिकता देने की बात कही। ग्रामीणों से भी अपील की गई कि वे बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ जागरूकता फैलाने में सहयोग करें।
पंचायत के लोगों की भागीदारी पर जोर
कार्यक्रम में पंचायत के वार्ड सदस्य, जीविका दीदी, आंगनबाड़ी सेविका और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
बिहार ग्राम विकास परिषद के सामाजिक एवं सामुदायिक कार्यकर्ता आनंद मोहन कुमार और रूना कुमारी ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
बैठक में ग्रामीणों के बीच बाल विवाह की रोकथाम से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। पंचायत स्तर पर लोगों को जागरूक करने और बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर दिया गया।
बाल विवाह रोकने में समुदाय की भूमिका महत्वपूर्ण
बाल विवाह की रोकथाम के लिए समुदाय की भागीदारी महत्वपूर्ण मानी जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में परिवार, पंचायत प्रतिनिधि, विद्यालय, आंगनबाड़ी और सामाजिक संगठनों के बीच बेहतर समन्वय से जागरूकता गतिविधियों को आगे बढ़ाया जा सकता है।
सुरगाही पंचायत में आयोजित बैठक में भी इसी सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया गया। लोगों से कहा गया कि बाल विवाह की किसी भी संभावित घटना की जानकारी संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाने में सहयोग करें।
बच्चों की पढ़ाई जारी रखना और उन्हें सुरक्षित वातावरण देना भी इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया।
बाल विवाह मुक्त पंचायत का मतलब क्या?
बाल विवाह मुक्त पंचायत की पहल का उद्देश्य मुख्य रूप से:
- पंचायत क्षेत्र में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना।
- बच्चों की शिक्षा को प्रोत्साहित करना।
- बाल विवाह के सामाजिक और शैक्षणिक प्रभावों की जानकारी देना।
- पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ाना।
- संभावित बाल विवाह को रोकने के लिए सामूहिक प्रयास करना।
- बच्चों के सुरक्षित और बेहतर भविष्य के लिए सामाजिक वातावरण तैयार करना।
इस तरह की पंचायत स्तरीय पहल में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। केवल घोषणा के बजाय जागरूकता, निगरानी और समय पर हस्तक्षेप जैसे प्रयास लगातार जारी रखना जरूरी होता है।
ग्रामीणों ने जताई सामूहिक प्रतिबद्धता
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता फैलाने की सामूहिक प्रतिबद्धता जताई।
लोगों ने अपने पंचायत क्षेत्र में बाल विवाह रोकने और बच्चों की शिक्षा तथा सुरक्षित भविष्य के लिए सहयोग करने का संकल्प लिया।
सुरगाही पंचायत को बाल विवाह मुक्त घोषित किए जाने के साथ स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे को लेकर सामाजिक जागरूकता बढ़ाने की कोशिश को आगे बढ़ाया गया है। आने वाले समय में पंचायत क्षेत्र में इस संकल्प को किस तरह लगातार लागू किया जाता है, यह भी महत्वपूर्ण रहेगा।
