Bihar News: दीपक कुमार को नई जिम्मेदारी, CMO से आपदा प्रबंधन में पहुंचे
📌 पटना और बिहार के सभी ज़िलों की ताज़ा ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!
👉 WhatsApp से जुड़ें
Bihar News: बिहार में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव हुआ है। वरिष्ठ पूर्व IAS अधिकारी दीपक कुमार को बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। Bihar News के मुताबिक, इसके साथ ही मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के रूप में उनकी मौजूदा जिम्मेदारी में बदलाव हुआ है। 30 सितंबर 2026 को सामने आई रिपोर्टों में नियुक्ति की जानकारी दी गई है।
दीपक कुमार 1984 बैच के बिहार कैडर के IAS अधिकारी रहे हैं। वह बिहार के मुख्य सचिव के पद पर भी काम कर चुके हैं और बाद में मुख्यमंत्री सचिवालय में प्रधान सचिव की जिम्मेदारी संभालते रहे।
आपदा प्रबंधन प्राधिकार में मिली नई जिम्मेदारी
बिहार सरकार ने दीपक कुमार को अब बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार का उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। इस नियुक्ति के साथ मुख्यमंत्री सचिवालय में उनके लंबे कार्यकाल का एक चरण समाप्त हुआ है।
रिपोर्टों के अनुसार, वह करीब साढ़े पांच साल तक मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव की भूमिका में रहे। वह 20 मार्च 2021 को सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त हुए थे और अगले ही दिन, 21 मार्च 2021 को उन्हें मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव की जिम्मेदारी दी गई थी।
इस तरह सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने राज्य सरकार के प्रशासनिक कामकाज में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई।
11 सितंबर से खाली था उपाध्यक्ष का पद
बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार के उपाध्यक्ष पद पर इससे पहले उदयकांत मिश्र कार्यरत थे। रिपोर्टों के अनुसार उनका कार्यकाल पूरा होने के बाद 11 सितंबर 2026 से यह पद रिक्त था।
अब सरकार ने इस पद पर दीपक कुमार की नियुक्ति की है।
आपदा प्रबंधन प्राधिकार की भूमिका राज्य में आपदा जोखिम कम करने, तैयारी, राहत और आपदा प्रबंधन से जुड़े संस्थागत कार्यों से जुड़ी होती है। बिहार में बाढ़ समेत विभिन्न आपदाओं को देखते हुए यह प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण क्षेत्र है।
दीपक कुमार का प्रशासनिक करियर कैसा रहा?
दीपक कुमार 1984 बैच के IAS अधिकारी हैं। मई 2018 में उन्हें बिहार का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था। उन्होंने 31 मई 2018 को यह जिम्मेदारी संभाली थी।
मुख्य सचिव बनने से पहले वह विकास आयुक्त और केंद्र में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी NHAI के अध्यक्ष जैसे पदों पर भी काम कर चुके थे। NHAI से बिहार कैडर में लौटने के बाद उन्हें मुख्य सचिव की जिम्मेदारी मिली थी।
2021 में मुख्य सचिव पद से हटने के बाद मुख्यमंत्री सचिवालय में उनकी नई भूमिका सामने आई। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार वह इसके बाद मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव बने।
नीतीश कुमार के कार्यकाल से भी जुड़ा रहा नाम
दीपक कुमार का नाम बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में भी महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ जुड़ा रहा है।
2018 में मुख्य सचिव बनाए जाने से पहले ही उनके नीतीश कुमार के साथ प्रशासनिक स्तर पर काम करने का रिकॉर्ड रहा था। उस समय की रिपोर्टों में भी उनके मुख्यमंत्री के साथ काम करने और मुख्यमंत्री कार्यालय में पूर्व भूमिका का उल्लेख मिलता है।
हालांकि, किसी अधिकारी को किसी नेता का “करीबी” या “खास” बताने जैसी राजनीतिक व्याख्याओं को अलग-अलग रिपोर्टों में अलग तरीके से पेश किया गया है। उपलब्ध आधिकारिक और समाचार रिकॉर्ड से यह स्पष्ट है कि दीपक कुमार ने नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री रहने के दौरान कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर काम किया।
सम्राट चौधरी सरकार में बदली जिम्मेदारी
अब दीपक कुमार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रधान सचिव पद से हटाकर बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार का उपाध्यक्ष बनाया गया है। ताजा रिपोर्टों में इसे प्रशासनिक जिम्मेदारी में बदलाव के तौर पर दर्ज किया गया है।
इस नियुक्ति के बाद मुख्यमंत्री सचिवालय में प्रधान सचिव की भूमिका में आगे कौन अधिकारी जिम्मेदारी संभालेगा, इस पर अलग प्रशासनिक आदेश महत्वपूर्ण होगा।
पिछले दिनों बिहार में कई प्रशासनिक बदलाव
दीपक कुमार की नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब बिहार में कई महत्वपूर्ण पदों पर बदलाव की खबरें सामने आई हैं।
ताजा रिपोर्टों में दीपक कुमार की नियुक्ति के साथ ही बिहार प्रशासन में पदों और जिम्मेदारियों में बदलाव का सिलसिला चर्चा में है। हालांकि, अलग-अलग नियुक्तियों को एक ही फैसले या किसी एक कारण से जोड़ने के लिए आधिकारिक तौर पर उपलब्ध आदेशों को आधार बनाना जरूरी होगा।
इसलिए दीपक कुमार की नई नियुक्ति को फिलहाल एक प्रशासनिक पद परिवर्तन के रूप में देखा जा सकता है।
अब आपदा प्रबंधन में क्या होगी भूमिका?
नई जिम्मेदारी के तहत दीपक कुमार बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार में उपाध्यक्ष की भूमिका निभाएंगे। इस पद पर उनके प्रशासनिक अनुभव का इस्तेमाल राज्य की आपदा प्रबंधन व्यवस्था से जुड़े कार्यों में किया जा सकता है।
बिहार में बाढ़, भारी बारिश और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए तैयारी, जोखिम कम करना और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण रहता है। राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर सितंबर 2026 में बाढ़, निकासी, सामुदायिक रसोई और अन्य आपदा संबंधी गतिविधियों से जुड़े आदेश भी दर्ज हैं।
दीपक कुमार की नई जिम्मेदारी के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर उनके अनुभव का इस्तेमाल आपदा प्रबंधन से जुड़े इन क्षेत्रों में किस तरह किया जाता है, इस पर आगे नजर रहेगी।
