Shivhar News: महिला किसानों को मिला पोषण का मंत्र, सहजन से लड्डू तक चर्चा
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Shivhar News: राष्ट्रीय पोषण माह के अवसर पर शिवहर में महिला किसानों के लिए विशेष गोष्ठी का आयोजन किया गया। Shivhar News के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाओं को संतुलित आहार, पोषक अनाज और स्थानीय खाद्य पदार्थों के महत्व की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया और दैनिक भोजन में पोषणयुक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करने के तरीकों पर चर्चा हुई।
यह कार्यक्रम कृषि विज्ञान केंद्र, शिवहर की ओर से ग्राम फतेहपुर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना नहीं था, बल्कि स्थानीय खाद्य संसाधनों के जरिए महिलाओं को स्वास्थ्य और आय सृजन से जोड़ने की संभावनाओं पर भी जानकारी देना रहा।
राष्ट्रीय पोषण माह पर महिलाओं को दी गई जानकारी
कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र, शिवहर की वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. अनुराधा रंजन कुमारी ने महिलाओं को संतुलित और पोषक आहार के महत्व के बारे में विस्तार से बताया।
उन्होंने दैनिक भोजन में अलग-अलग पोषक तत्वों को शामिल करने की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही पोषक अनाजों की गुणवत्ता और उनके संभावित पोषण लाभों के बारे में भी जानकारी दी।
महिलाओं को बताया गया कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य पदार्थों का सही तरीके से उपयोग करके परिवार के भोजन को अधिक विविध और पोषणयुक्त बनाया जा सकता है।
पोषक अनाजों को भोजन का हिस्सा बनाने पर जोर
गोष्ठी में पोषक अनाजों के उपयोग पर विशेष चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने इनके पोषण संबंधी गुणों और दैनिक आहार में इन्हें शामिल करने के तरीकों के बारे में जानकारी साझा की।
स्थानीय स्तर पर उपलब्ध अनाज और खाद्य सामग्री को भोजन में शामिल करने से आहार में विविधता बढ़ाई जा सकती है। कार्यक्रम में महिलाओं को परिवार की जरूरत के अनुसार पोषक खाद्य पदार्थों के चयन के लिए जागरूक किया गया।
विशेषज्ञों ने पोषण को केवल किसी एक खाद्य पदार्थ से जोड़ने के बजाय संतुलित और विविध आहार पर ध्यान देने की बात कही।
पोषक लड्डू से आय बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा
कार्यक्रम के दौरान डीपीएम, जीविका ने पोषक तत्वों से भरपूर पोषक लड्डू तैयार करने और उनकी बिक्री की संभावनाओं के बारे में महिलाओं को जानकारी दी।
बताया गया कि ऐसे उत्पादों को विभिन्न मेलों और स्थानीय आयोजनों में बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है। इससे महिलाओं को पोषण संबंधी जागरूकता के साथ आय सृजन का अवसर भी मिल सकता है।
महिला समूहों के लिए खाद्य उत्पाद तैयार करना और उन्हें स्थानीय बाजार या मेलों तक पहुंचाना स्वरोजगार की दिशा में एक संभावित गतिविधि बन सकता है। कार्यक्रम में इसी तरह की संभावनाओं पर महिलाओं का ध्यान आकर्षित किया गया।
सहजन के पोषण गुणों की भी दी गई जानकारी
गोष्ठी में सहजन को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। डॉ. एन.एम.एच. इनलिंग ने सहजन के महत्व और इसके पोषण संबंधी गुणों के बारे में उपस्थित महिलाओं को जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि सहजन के अलग-अलग हिस्सों का उपयोग भोजन में किया जा सकता है। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध इस पौधे को आहार में शामिल करने के विभिन्न तरीकों की जानकारी भी कार्यक्रम में साझा की गई।
सहजन जैसे स्थानीय खाद्य संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा देने का उद्देश्य परिवारों को उपलब्ध पोषक विकल्पों के प्रति जागरूक करना रहा।
महिलाओं को स्थानीय खाद्य पदार्थों के प्रति किया गया जागरूक
कार्यक्रम में स्थानीय और पौष्टिक खाद्य पदार्थों को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। महिलाओं को बताया गया कि परिवार के भोजन में उपलब्ध स्थानीय खाद्य सामग्री को शामिल करके आहार को अधिक विविध बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य महिलाओं को अपने परिवार के दैनिक भोजन में पोषणयुक्त खाद्य पदार्थ शामिल करने के लिए प्रेरित करना रहा।
महिलाएं परिवार के भोजन की योजना और तैयारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे में पोषण संबंधी जानकारी का प्रसार परिवार के स्तर पर भी जागरूकता बढ़ाने में मदद कर सकता है।
पोषण के साथ आर्थिक अवसर जोड़ने की पहल
इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य और पोषण के साथ महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को भी चर्चा का हिस्सा बनाया गया। पोषक लड्डू जैसे खाद्य उत्पादों की तैयारी और बिक्री से जुड़े संभावित अवसरों की जानकारी दी गई।
अगर स्थानीय महिला समूह ऐसे उत्पाद तैयार करते हैं, तो गुणवत्ता, स्वच्छता, पैकेजिंग और बाजार की मांग जैसे पहलुओं पर भी ध्यान देना जरूरी होगा।
इस तरह पोषण जागरूकता को स्थानीय खाद्य उत्पादन और संभावित आय सृजन के साथ जोड़ने की दिशा में गतिविधियां आगे बढ़ाई जा सकती हैं।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या रहा?
कार्यक्रम के प्रमुख उद्देश्य इस प्रकार रहे:
- महिलाओं को संतुलित और पोषक आहार के प्रति जागरूक करना।
- पोषक अनाजों के उपयोग की जानकारी देना।
- सहजन जैसे स्थानीय खाद्य संसाधनों के पोषण संबंधी गुणों से परिचित कराना।
- परिवार के दैनिक भोजन में पोषणयुक्त खाद्य पदार्थ शामिल करने के लिए प्रेरित करना।
- पोषक खाद्य उत्पादों के माध्यम से महिलाओं के लिए संभावित आय सृजन के अवसरों की जानकारी देना।
राष्ट्रीय पोषण माह के अवसर पर आयोजित यह महिला किसान गोष्ठी स्थानीय खाद्य पदार्थों, पोषण जागरूकता और महिला सहभागिता को एक साथ जोड़ने वाला कार्यक्रम रहा। कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से दी गई जानकारी का उद्देश्य महिलाओं को अपने परिवार के भोजन और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के प्रति अधिक जागरूक बनाना रहा।
