PM Modi Birthday: बिहार के स्कूलों में ‘आशीर्वाद का दीया’, RJD ने उठाए सवाल
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👉 WhatsApp से जुड़ेंप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन यानी PM Modi Birthday के मौके पर बिहार में 17 सितंबर से ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू हो रहा है। PM Modi Birthday के अवसर पर अभियान के पहले दिन ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसमें स्कूलों और कई सरकारी संस्थानों में दीप प्रज्वलन की तैयारी की गई है। बिहार सरकार के अनुसार यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा और इसका उद्देश्य जनभागीदारी के जरिए सेवा एवं सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यक्रमों को आगे बढ़ाना है।
हालांकि, स्कूलों और सरकारी संस्थानों में दीप जलाने को लेकर राजनीतिक बहस भी शुरू हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सरकार के इस कार्यक्रम पर सवाल उठाए हैं और पूछा है कि सरकारी विभागों तथा कर्मचारियों को प्रधानमंत्री के जन्मदिन से जुड़े आयोजन में शामिल करने का औचित्य क्या है।
17 सितंबर से शुरू होगा ‘सेवा संकल्प अभियान’
बिहार सरकार की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक ‘सेवा संकल्प अभियान’ 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में अभियान की तैयारियों पर चर्चा की गई थी।
अभियान की शुरुआत ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से हो रही है। अलग-अलग जिलों में सार्वजनिक स्थानों, सरकारी परिसरों और अन्य निर्धारित स्थानों पर दीप प्रज्वलन की तैयारी की गई है।
रिपोर्टों के अनुसार अभियान के दौरान सरकारी योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने, जनभागीदारी बढ़ाने और विभिन्न विभागों की गतिविधियों को लोगों से जोड़ने पर भी जोर रहेगा।
यानी कार्यक्रम केवल दीप जलाने तक सीमित नहीं है। इसके तहत अलग-अलग विभागों के स्तर पर कई गतिविधियां भी प्रस्तावित हैं।
स्कूलों में दीप जलाने के निर्देश से क्या बदलेगा?
बिहार के कई जिलों में स्कूलों को 17 सितंबर की शाम ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक शिक्षा विभाग ने जिला स्तर पर इस कार्यक्रम के लिए स्कूलों को दिशा-निर्देश भेजे हैं।
दानापुर से सामने आए निर्देशों में विद्यालयों के स्तर के अनुसार दीपों की न्यूनतम संख्या अलग-अलग बताई गई है। प्राथमिक विद्यालयों के लिए 25, मध्य विद्यालयों के लिए 40 और कुछ उच्च माध्यमिक विद्यालयों के लिए 50 से लेकर 100 तक दीपों का प्रावधान बताया गया है।
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) के लिए भी दीपों की संख्या निर्धारित किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, अलग-अलग जिलों में स्थानीय निर्देशों के अनुसार कार्यक्रम का प्रारूप और संख्या अलग हो सकती है।
इससे स्कूलों में कार्यक्रम के लिए शाम तक शिक्षक-कर्मचारियों की मौजूदगी का सवाल भी सामने आया है। सामान्य स्कूल समय समाप्त होने के बाद कार्यक्रम आयोजित होने के कारण इस व्यवस्था को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा हो रही है।
समस्तीपुर, दरभंगा और पूर्णिया में भी तैयारियां
समस्तीपुर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ को एक महीने तक चलाने की तैयारी की गई है। अभियान में शिक्षा विभाग के साथ पंचायत राज, जीविका, आंगनवाड़ी, स्वास्थ्य केंद्रों और स्वच्छता से जुड़े ढांचे को भी गतिविधियों से जोड़े जाने की जानकारी सामने आई है।
दरभंगा में भी स्कूलों को दीप प्रज्वलन और कार्यक्रम की तस्वीर उपलब्ध कराने से संबंधित निर्देश दिए जाने की रिपोर्ट है। वहीं पूर्णिया में जिला प्रशासन ने अभियान की तैयारियों को लेकर बैठक कर संबंधित अधिकारियों को कार्यक्रम के संचालन के निर्देश दिए।
राज्य के दूसरे जिलों में भी ‘आशीर्वाद का दीया’ को लेकर अलग-अलग स्तर पर तैयारियां की गई हैं। हाजीपुर में मुख्य कार्यक्रम के लिए अक्षयवट राय स्टेडियम को चुना गया है, जहां शाम को सामूहिक दीप प्रज्वलन की तैयारी की गई।
फोटो और वीडियो के जरिए निगरानी की तैयारी
कार्यक्रम के आयोजन के बाद उसकी तस्वीरें और वीडियो संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी कई जगहों पर की गई है।
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार कुछ जिलों में नोटकैम जैसे माध्यमों से कार्यक्रम की फोटोग्राफी कराने और तस्वीरें व्हाट्सऐप के जरिए वरिष्ठ अधिकारियों या नोडल पदाधिकारियों को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
इसका उद्देश्य कार्यक्रम के क्रियान्वयन की रिपोर्टिंग और निगरानी करना बताया गया है। हालांकि, अलग-अलग जिलों में निगरानी की प्रक्रिया स्थानीय प्रशासन के निर्देशों के अनुसार बदल सकती है।
RJD ने सरकारी आयोजन पर उठाए सवाल
‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को लेकर RJD ने सरकार पर राजनीतिक निशाना साधा है। पार्टी ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकारी कर्मचारियों और विभागों को प्रधानमंत्री के जन्मदिन से जुड़े कार्यक्रम में शामिल करने का क्या औचित्य है।
RJD ने यह भी सवाल उठाया कि क्या सरकारी विभागों का इस्तेमाल किसी राजनीतिक नेता के जन्मदिन के आयोजन के लिए किया जाना चाहिए। पार्टी ने बिहार में बाढ़ की स्थिति का उल्लेख करते हुए सरकार से राहत और प्रभावित लोगों की समस्याओं पर अधिक ध्यान देने की मांग भी उठाई।
RJD की प्रतिक्रिया राजनीतिक आलोचना है। दूसरी ओर, सरकार की ओर से अभियान का घोषित उद्देश्य जनभागीदारी, सेवा और सरकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाना बताया गया है। इसलिए दोनों पक्षों के दावों को अलग-अलग संदर्भ में देखना जरूरी है।
‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम क्यों चर्चा में है?
इस कार्यक्रम की चर्चा मुख्य रूप से इसलिए हो रही है क्योंकि इसमें सरकारी स्कूलों और अन्य संस्थानों को भी जोड़ा गया है। इसके अलावा कार्यक्रम की समय-सारिणी, दीपों की संख्या और आयोजन के बाद फोटो भेजने जैसे निर्देशों ने इसे स्थानीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बनाया है।
सरकार के अनुसार ‘सेवा संकल्प अभियान’ एक महीने तक चलने वाला व्यापक कार्यक्रम है। इसके दौरान सरकारी योजनाओं की जानकारी, जनभागीदारी और सेवा से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
वहीं विपक्ष इस आयोजन के सरकारी संस्थानों में होने और प्रधानमंत्री के जन्मदिन से इसके सीधे जुड़ाव को लेकर सवाल उठा रहा है। आने वाले दिनों में अभियान की अन्य गतिविधियों के साथ यह राजनीतिक बहस भी आगे बढ़ सकती है।
