मुजफ्फरपुर स्कूल में कुर्सी का शुद्धिकरण पड़ा भारी, हेडमास्टर सस्पेंड

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मुजफ्फरपुर में स्कूल हेडमास्टर सस्पेंड होने का मामला सामने आया है, जिसने शिक्षा विभाग से लेकर स्थानीय स्तर तक चर्चा बढ़ा दी है। स्कूल हेडमास्टर सस्पेंड किए जाने की वजह कार्यालय कक्ष में कुर्सी और आसपास के स्थान पर गंगा जल छिड़ककर शुद्धिकरण करने से जुड़ा एक वीडियो बताया गया है। वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले को संज्ञान में लिया और प्रभारी प्रधानाध्यापक ज्ञान प्रकाश के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की।

मामला मुरौल प्रखंड के राजकीयकृत शिवनंदन उच्च माध्यमिक विद्यालय से जुड़ा है। विभाग ने प्रभारी प्रधानाध्यापक को निलंबित करने के साथ उनका वेतन रोकने का आदेश दिया है। मामले की आगे जांच भी की जा रही है।

वीडियो सामने आने के बाद विभाग ने लिया संज्ञान

मिली जानकारी के अनुसार, प्रभारी प्रधानाध्यापक ज्ञान प्रकाश का एक वीडियो सामने आया, जिसमें वह अपने कार्यालय कक्ष में रखी कुर्सी और आसपास के स्थान पर गंगा जल छिड़कते नजर आ रहे हैं।

वीडियो में उनके हाथ में एक ग्लास दिखाई देता है। वह उसमें रखे गंगा जल को हाथ में लेकर मंत्र पढ़ते हुए कुर्सी और कार्यालय में उसका छिड़काव करते दिखाई देते हैं।

वीडियो में मौजूद एक शिक्षिका की आवाज भी सुनाई देती है। शिक्षिका के यह कहने के बाद कि प्रक्रिया पूरी हो गई है, प्रधानाध्यापक की ओर से भी इसकी पुष्टि की जाती है।

इसके बाद शिक्षिका शांति-शांति करने की बात कहती हैं। वीडियो में प्रधानाध्यापक फिर गंगा जल लेते हैं और ‘ओम शांति’ कहते हुए उसका छिड़काव करते दिखाई देते हैं।

4 सितंबर को शिक्षा विभाग के संज्ञान में आया वीडियो

बताया गया कि यह वीडियो चार सितंबर को शिक्षा विभाग के संज्ञान में आया। इसके बाद प्रभारी प्रधानाध्यापक को नोटिस जारी कर मामले में लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया।

विभागीय स्तर पर प्रथम दृष्टया इस पूरे मामले को सरकारी सेवक के निर्धारित आचरण और कर्तव्य निर्वहन से जुड़ा विषय माना गया।

इसके बाद मामले में विभागीय कार्रवाई आगे बढ़ाई गई। अधिकारियों के अनुसार, स्कूल जैसे शैक्षणिक संस्थान में इस तरह की गतिविधि को लेकर प्रशासनिक स्तर पर गंभीरता दिखाई गई है।

हालांकि, किसी भी अंतिम निष्कर्ष से पहले विभागीय जांच की प्रक्रिया पूरी होना महत्वपूर्ण है।

हेडमास्टर पर क्या कार्रवाई हुई?

जिला शिक्षा पदाधिकारी कुमार अरविंद सिन्हा के आदेश के अनुसार, प्रभारी प्रधानाध्यापक ज्ञान प्रकाश के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

विभाग ने उनके कृत्य को घोर अनुशासनहीनता और कर्तव्यों के प्रति लापरवाही से जुड़ा माना। इसी आधार पर उन्हें निलंबित किया गया और वेतन रोकने का आदेश दिया गया।

विभागीय आदेश में यह भी कहा गया कि ऐसी गतिविधि से विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

मामले को सरकारी सेवक आचार नियमावली के प्रावधानों से भी जोड़ा गया है। अब विभागीय जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

स्कूल में शैक्षणिक माहौल को लेकर विभाग गंभीर

सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों की भूमिका केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रहती। विद्यालय का प्रशासनिक और शैक्षणिक वातावरण बनाए रखना भी उनकी जिम्मेदारी का हिस्सा होता है।

इसी वजह से शिक्षा विभाग ने वीडियो सामने आने के बाद मामले को गंभीरता से लिया। विभाग का कहना है कि विद्यालय परिसर में होने वाली गतिविधियों का असर स्कूल के वातावरण पर पड़ सकता है।

मुजफ्फरपुर के इस मामले में भी विभाग ने पहले स्पष्टीकरण मांगा और उसके बाद निलंबन तथा वेतन रोकने की कार्रवाई की।

अब जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि संबंधित गतिविधि किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे क्या कारण था।

सोशल मीडिया पर वीडियो को लेकर चर्चा

प्रभारी प्रधानाध्यापक का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आ गया। वीडियो में दिखाई देने वाली गतिविधि को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं।

हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल किसी वीडियो के आधार पर किसी व्यक्ति के बारे में अतिरिक्त निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। इस मामले में शिक्षा विभाग ने जो कार्रवाई की है, वह उसके विभागीय आदेश और प्रारंभिक आकलन पर आधारित है।

फिलहाल प्रभारी प्रधानाध्यापक निलंबित हैं और उनका वेतन रोक दिया गया है। विभागीय जांच के बाद मामले से जुड़े अन्य तथ्य सामने आने की संभावना है।

आगे जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर

इस पूरे मामले में विभागीय जांच अब महत्वपूर्ण हो गई है। जांच के दौरान वीडियो, संबंधित परिस्थितियों और प्रधानाध्यापक के स्पष्टीकरण सहित अन्य पहलुओं को देखा जा सकता है।

जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामले में आगे क्या प्रशासनिक कार्रवाई होती है। फिलहाल शिक्षा विभाग की ओर से निलंबन और वेतन रोकने की कार्रवाई की जा चुकी है।

मुजफ्फरपुर के मुरौल प्रखंड स्थित राजकीयकृत शिवनंदन उच्च माध्यमिक विद्यालय से जुड़ा यह मामला सरकारी स्कूलों में आचरण, प्रशासनिक जिम्मेदारी और शैक्षणिक वातावरण को लेकर एक बार फिर चर्चा में है।

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