35 साल बाद भी कायम है माधुरी का ये गाना, सुबह रेडियो पर मचाता था धूम

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90 के दशक के हिंदी सिनेमा में अलका याग्निक का हिट गाना सुनते ही एक अलग दौर की यादें ताजा हो जाती हैं। अलका याग्निक का हिट गाना ‘तू शायर है मैं तेरी शायरी’ उन रोमांटिक गीतों में शामिल है, जिसने माधुरी दीक्षित की स्क्रीन मौजूदगी और अलका की सुरीली आवाज को यादगार बना दिया। 1991 में आई फिल्म ‘साजन’ का यह गीत उस समय रेडियो पर खूब सुनाई देता था और आज भी पुराने हिंदी फिल्म संगीत के चाहने वालों के बीच लोकप्रिय है।

फिल्मी सितारों की तरह कुछ प्लेबैक सिंगर्स ने भी दर्शकों के दिल में खास जगह बनाई। अलका याग्निक ऐसी ही गायिकाओं में शामिल हैं, जिनकी आवाज ने लंबे समय तक हिंदी फिल्म संगीत पर अपनी छाप छोड़ी।

बचपन से संगीत की दुनिया में थीं अलका याग्निक

अलका याग्निक का जन्म 20 मार्च 1966 को कोलकाता में एक गुजराती परिवार में हुआ था। संगीत का माहौल उन्हें परिवार से ही मिला। उनकी मां शुभा याग्निक शास्त्रीय संगीत से जुड़ी गायिका थीं।

अलका ने महज छह साल की उम्र में अपनी मां से संगीत की शिक्षा लेना शुरू कर दिया था। बचपन में ही उन्होंने आकाशवाणी के लिए भजन और गीत गाने शुरू कर दिए थे।

इसके बाद उन्होंने हिंदी फिल्मों में पार्श्व गायन की दिशा में कदम बढ़ाया। वर्ष 1980 में फिल्म ‘पायल की झंकार’ से उनके फिल्मी गायन करियर की शुरुआत हुई।

हालांकि, उन्हें बड़ी पहचान 1988 की फिल्म ‘तेजाब’ के गीत ‘एक दो तीन’ से मिली। इस गाने ने अलका याग्निक की आवाज को घर-घर तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई।

‘साजन’ का गाना बना 90s की रोमांटिक पहचान

1991 में रिलीज हुई फिल्म ‘साजन’ अपने संगीत के लिए भी खूब चर्चित रही। फिल्म के कई गाने दर्शकों के बीच लोकप्रिय हुए, लेकिन ‘तू शायर है मैं तेरी शायरी’ ने अलग पहचान बनाई।

यह रोमांटिक गीत माधुरी दीक्षित और संजय दत्त पर फिल्माया गया था। गाने में माधुरी की अदायगी और डांस ने इसे स्क्रीन पर और प्रभावशाली बना दिया।

उस दौर में संगीत सुनने के लिए रेडियो घरों का प्रमुख माध्यम था। ऐसे में ‘तू शायर है मैं तेरी शायरी’ जैसे गाने सुबह के समय रेडियो पर सुनाई देना आम बात थी।

90s की पीढ़ी के लिए यह गीत केवल एक फिल्मी गाना नहीं, बल्कि उस दौर की संगीत संस्कृति का हिस्सा बन गया। यही वजह है कि वर्षों बाद भी इसके साथ जुड़ी यादें लोगों के बीच बनी हुई हैं।

माधुरी के करियर में भी खास रहा यह गीत

माधुरी दीक्षित ने अपने फिल्मी करियर में कई यादगार गानों पर शानदार डांस किया। ‘तू शायर है मैं तेरी शायरी’ भी उनके चर्चित रोमांटिक गीतों में गिना जाता है।

गाने की धुन, बोल, अलका याग्निक की आवाज और माधुरी की स्क्रीन पर मौजूदगी ने इसे दर्शकों के बीच खास बना दिया। फिल्म के संगीत में उस समय की रोमांटिक धुनों की झलक साफ नजर आती थी।

आज के दौर में संगीत सुनने के तरीके बदल गए हैं, लेकिन पुराने दौर के ऐसे गीत डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के जरिए नई पीढ़ी तक भी पहुंच रहे हैं।

नदीम-श्रवण और समीर की जोड़ी ने दिया यादगार गीत

‘तू शायर है मैं तेरी शायरी’ को अलका याग्निक ने अपनी आवाज दी थी। इस गीत का संगीत नदीम-श्रवण की जोड़ी ने तैयार किया था, जबकि इसके बोल गीतकार समीर ने लिखे थे।

90 के दशक में नदीम-श्रवण की रोमांटिक धुनों का अलग प्रभाव था। उनके संगीत में मेलोडी को प्रमुखता मिलती थी और यही बात ‘साजन’ के गीतों में भी सुनने को मिली।

अलका की आवाज ने इस गीत की भावनात्मक अपील को और मजबूत किया। माधुरी और संजय दत्त पर फिल्माए जाने के कारण गाने को सिनेमाई स्तर पर भी खास पहचान मिली।

अलका याग्निक की आवाज आज भी क्यों याद आती है?

अलका याग्निक ने अपने लंबे करियर में हजारों गीतों को आवाज दी। उनके करियर में कुमार सानू और उदित नारायण जैसे लोकप्रिय गायकों के साथ कई सफल गीत भी शामिल रहे।

उन्हें सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्व गायिका के लिए सात फिल्मफेयर पुरस्कार मिलने का गौरव हासिल है। उन्हें दो बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है।

उनकी आवाज की खासियत यह रही कि रोमांटिक, भावुक और पारिवारिक भावनाओं वाले गीतों में उन्होंने अलग-अलग अंदाज में अपनी पहचान बनाई।

यही कारण है कि 90s के संगीत को याद करने पर अलका याग्निक की आवाज अपने आप जेहन में आ जाती है। ‘तू शायर है मैं तेरी शायरी’ इसी संगीत विरासत का एक ऐसा गीत है, जिसे सुनते ही माधुरी दीक्षित का दौर और रेडियो पर बजते पुराने गानों की याद ताजा हो जाती है।

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