जमुई वायरल वीडियो पर राहुल गांधी का सवाल, 7 बजे लड़की सुरक्षित क्यों नहीं
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👉 WhatsApp से जुड़ेंबिहार के जमुई वायरल वीडियो मामले ने एक बार फिर महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। जमुई वायरल वीडियो में दो नाबालिगों के साथ कथित बदसलूकी का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और जांच के लिए SIT गठित की है। इसी मामले पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर बिहार सरकार से सवाल किया कि शाम करीब 7 बजे कोई लड़की सड़क पर सुरक्षित क्यों नहीं है।
पुलिस के अनुसार घटना 19 सितंबर की शाम करीब 7 बजे की है। दोनों नाबालिग कोचिंग के बाद एक स्थान पर गए थे। वहां से लौटते समय उनके साथ कथित तौर पर बदसलूकी की गई। मामले में POCSO समेत संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
राहुल गांधी ने जमुई मामले पर क्या कहा?
राहुल गांधी ने वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया X पर इसे परेशान करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान की जानी चाहिए और आरोपियों के खिलाफ POCSO के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने बिहार सरकार से सवाल करते हुए पूछा कि अगर घटना 19 सितंबर की है तो आरोपी अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं हुए। राहुल गांधी ने सार्वजनिक स्थानों पर लड़कियों की सुरक्षा को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा।
अपने पोस्ट में राहुल गांधी ने यह भी कहा कि किसी लड़की के शरीर, उसकी आवाजाही और उसकी पसंद पर नियंत्रण को संस्कृति के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता। यह उनके राजनीतिक वक्तव्य का हिस्सा है।
पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार
वायरल वीडियो सामने आने के बाद जमुई पुलिस ने मामले में तेजी से कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है और पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए विशेष जांच दल यानी SIT बनाई गई है।
प्रभात खबर की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों में नाबालिगों के होने की भी जानकारी दी है। रिपोर्ट में POCSO एक्ट की धाराओं के साथ BNSS की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किए जाने का उल्लेख है।
पुलिस अब वीडियो में दिखाई दे रहे अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। रिपोर्टों के मुताबिक वीडियो में कई लोग दिखाई दे रहे हैं, इसलिए जांच का दायरा तीन गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं माना जा रहा है।
19 सितंबर की शाम क्या हुआ था?
जमुई के पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल के अनुसार घटना 19 सितंबर की शाम करीब 7 बजे की है। दोनों नाबालिग दोस्त कोचिंग से लौटने के बाद तस्वीरें लेने के लिए उस इलाके में गए थे। इसी दौरान उनके साथ यह घटना हुई।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में लोगों का एक समूह दोनों को घेरता दिखाई देता है। वीडियो में लड़की के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार और खींचतान होती दिखती है। उसके साथ मौजूद लड़का भी बीच-बचाव करता नजर आता है।
घटना के वीडियो के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद पुलिस को इसकी जानकारी मिली। पुलिस ने पीड़ितों की पहचान कर उनके बयान दर्ज किए और इसके बाद प्राथमिकी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
वीडियो वायरल होने के बाद SIT ने संभाली जांच
जमुई पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए SIT गठित की है। जांच टीम वायरल वीडियो, उसमें दिखाई देने वाले लोगों और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
प्रभात खबर के अनुसार पुलिस ने वीडियो फैलाने वाले कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ टेकडाउन कार्रवाई भी की है। इसका उद्देश्य आपत्तिजनक वीडियो के आगे प्रसार को रोकना है।
नाबालिग पीड़ितों की निजता को देखते हुए उनके नाम, पहचान या ऐसी कोई जानकारी साझा करना उचित नहीं है, जिससे उनकी पहचान सार्वजनिक हो सके।
महिला आयोग ने भी लिया संज्ञान
इस मामले पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने बिहार के DGP से मामले में FIR, आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी तथा समयबद्ध जांच को लेकर कार्रवाई की मांग की है। आयोग ने पीड़ितों को सुरक्षा, कानूनी सहायता और आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराने की बात भी कही है।
आयोग ने सोशल मीडिया पर प्रसारित आपत्तिजनक वीडियो को आगे साझा किए जाने से रोकने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है।
POCSO कानून क्यों महत्वपूर्ण है?
मामले में POCSO एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं। POCSO यानी Protection of Children from Sexual Offences Act बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा देने वाला विशेष कानून है।
किसी नाबालिग के साथ कथित यौन दुर्व्यवहार या यौन प्रकृति के अपराध की स्थिति में इस कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि किसी आरोपी को दोषी ठहराने का फैसला अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होता है।
अब जांच में किन बातों पर नजर रहेगी?
जांच के दौरान पुलिस के सामने मुख्य सवाल होंगे कि वीडियो में दिखाई देने वाले सभी लोगों की पहचान कैसे हुई, घटना में किसकी क्या भूमिका थी और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्य क्या हैं।
पुलिस ने तीन गिरफ्तारियां की हैं और SIT जांच कर रही है। आगे अन्य लोगों की गिरफ्तारी या कानूनी कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों पर निर्भर करेगी।
जमुई की इस घटना ने सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर बहस तेज कर दी है। वहीं, राजनीतिक स्तर पर राहुल गांधी के बयान के बाद यह मामला बिहार सरकार के लिए भी सवालों का विषय बना है। फिलहाल आगे की तस्वीर पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया से स्पष्ट होगी।
