जमुई कांड पर सियासत तेज, तेजस्वी ने सम्राट को याद दिलाया पुराना वादा

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बिहार के जमुई कांड को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जमुई कांड में दो नाबालिगों के साथ कथित बदसलूकी का वीडियो सामने आने के बाद तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का एक पुराना वीडियो साझा करते हुए महिला सुरक्षा से जुड़े उनके पुराने बयान की याद दिलाई। दूसरी ओर, जमुई सांसद अरुण भारती और बिहार सरकार की मंत्री श्रेयशी सिंह ने मामले में शामिल सभी आरोपियों पर कार्रवाई का भरोसा दिया है।

घटना 19 सितंबर की शाम करीब सात बजे की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार दोनों नाबालिग कोचिंग के बाद दोपहिया वाहन से लौट रहे थे, तभी एक समूह ने उन्हें रोका और कथित तौर पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। मामले में अब तक तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई है और SIT जांच कर रही है।

तेजस्वी यादव ने सरकार से क्या सवाल किया?

आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जमुई की घटना को लेकर सरकार पर सवाल उठाया। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि बिहार में छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

तेजस्वी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुराना वीडियो भी पोस्ट के साथ साझा किया। उनके मुताबिक, उस पुराने बयान को मौजूदा घटना के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

तेजस्वी यादव ने अपने पोस्ट में यह भी आरोप लगाया कि राज्य में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर स्थिति चिंताजनक है। यह राजनीतिक प्रतिक्रिया घटना के बाद विपक्ष की ओर से सामने आई प्रमुख प्रतिक्रियाओं में शामिल है।

सम्राट चौधरी का पुराना वीडियो क्यों चर्चा में आया?

तेजस्वी यादव ने जिस वीडियो को साझा किया, उसमें सम्राट चौधरी महिला सुरक्षा को लेकर एक बयान देते नजर आते हैं। तेजस्वी ने इसी पुराने बयान को मौजूदा जमुई घटना से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री से जवाब मांगा है।

यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह वीडियो पुराना है और तेजस्वी यादव ने इसे वर्तमान घटना के संदर्भ में राजनीतिक प्रतिक्रिया के तौर पर साझा किया है। इसे जमुई मामले पर सरकार की ओर से दिया गया नया बयान नहीं माना जाना चाहिए।

जमुई की घटना के बाद महिला और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। इससे पहले राहुल गांधी ने भी इस मामले में आरोपियों के खिलाफ POCSO के तहत कार्रवाई की मांग की थी।

अरुण भारती ने क्या कहा?

जमुई के सांसद अरुण भारती ने घटना को लेकर गंभीरता जताई। उन्होंने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए मिली और उन्होंने पुलिस अधीक्षक से इस संबंध में बात की।

उनके अनुसार पुलिस ने मामले का संज्ञान लेकर प्राथमिकी दर्ज की है। उन्होंने कहा कि घटना में जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

अरुण भारती ने बच्चों के साथ हुई घटना पर संवेदना जताते हुए पुलिस कार्रवाई पर नजर रखने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

मंत्री श्रेयशी सिंह ने कार्रवाई का दिया भरोसा

जमुई विधायक और बिहार सरकार की मंत्री श्रेयशी सिंह ने भी घटना पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार और पुलिस प्रशासन मामले को गंभीरता से देख रहा है।

उनके अनुसार सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेकर FIR दर्ज की और कार्रवाई शुरू की। उन्होंने बताया कि तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

श्रेयशी सिंह ने कहा कि वीडियो में दिखाई देने वाले अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कार्रवाई में किसी तरह की ढिलाई नहीं होने की बात कही।

पुलिस ने तीन लोगों को किया गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार घटना 19 सितंबर की शाम करीब सात बजे हुई। जमुई के पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने बताया कि दोनों नाबालिग कोचिंग के बाद उस इलाके में गए थे। इसी दौरान समूह ने उन्हें घेरा।

वायरल वीडियो पुलिस के संज्ञान में आने के बाद पीड़ितों की पहचान की गई और उनके बयान दर्ज किए गए। इसके बाद संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।

Hindustan Times के अनुसार FIR में POCSO Act की धाराओं के साथ भारतीय न्याय संहिता की कुछ धाराएं भी लगाई गई हैं। पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि वीडियो में दिखाई देने वाले अन्य लोगों की भूमिका की जांच जारी है।

SIT कर रही पूरे मामले की जांच

जमुई पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया है। पुलिस वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच कर रही है।

रिपोर्टों के अनुसार गिरफ्तार किए गए लोगों में नाबालिग भी शामिल हैं। इसलिए मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई उम्र और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर होगी।

पुलिस ने यह भी बताया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित आपत्तिजनक वीडियो को हटाने की प्रक्रिया चल रही है। नाबालिग पीड़ितों की पहचान सार्वजनिक करना कानून और उनकी निजता, दोनों के लिहाज से उचित नहीं है।

राजनीतिक बयानबाजी के बीच जांच पर नजर

जमुई मामले में अब एक तरफ पुलिस जांच आगे बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। तेजस्वी यादव ने सरकार से महिला सुरक्षा को लेकर सवाल उठाया है, जबकि सत्ता पक्ष से जुड़े अरुण भारती और श्रेयशी सिंह ने कार्रवाई का भरोसा दिया है।

इस मामले में आगे की कार्रवाई SIT की जांच, आरोपियों की भूमिका और उपलब्ध साक्ष्यों पर निर्भर करेगी। फिलहाल तीन गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और पुलिस अन्य संभावित आरोपियों की पहचान में जुटी है।

घटना को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी स्वतः संज्ञान लिया है और मामले में कार्रवाई की जानकारी मांगी है।

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