दलसिंहसराय में वेंडर्स को हटाने पर विवाद, SDM को सौंपा ज्ञापन
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दलसिंहसराय में स्ट्रीट वेंडर्स को हटाए जाने के विरोध का मामला सामने आया है। स्ट्रीट वेंडर्स के संरक्षण और व्यवस्थित वेंडिंग व्यवस्था की मांग को लेकर जिला असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष फैज अहमद फैज के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने अनुमंडल कार्यालय पहुंचकर एसडीएम किशन कुमार को मांग पत्र सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि नगर परिषद क्षेत्र में रेहड़ी, ठेला और अन्य स्ट्रीट वेंडर्स को बिना निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया के हटाया जा रहा है। संगठन ने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप करते हुए कानून के तहत प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग की।
वेंडिंग जोन बनाने और सर्वे कराने की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने दलसिंहसराय नगर परिषद क्षेत्र में वैज्ञानिक और व्यवस्थित तरीके से वेंडिंग जोन निर्धारित करने की मांग की। संगठन का कहना है कि इससे एक तरफ स्ट्रीट वेंडर्स की आजीविका सुरक्षित हो सकती है, वहीं दूसरी ओर शहर में यातायात और सार्वजनिक स्थानों के बेहतर प्रबंधन में भी मदद मिलेगी।
मांग पत्र में स्ट्रीट वेंडर्स का नियमानुसार सर्वे कराने की बात भी कही गई है। संगठन ने पात्र विक्रेताओं को वेंडिंग प्रमाणपत्र और पहचान-पत्र जारी करने की मांग रखी है।
स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट, 2014 में सर्वे, प्रमाणपत्र और पहचान-पत्र से संबंधित प्रावधान मौजूद हैं। कानून का उद्देश्य स्ट्रीट वेंडर्स की आजीविका की सुरक्षा के साथ स्ट्रीट वेंडिंग गतिविधियों को विनियमित करना है।
टाउन वेंडिंग कमेटी के गठन की मांग
संगठन ने टाउन वेंडिंग कमेटी के विधिसम्मत गठन और उसके प्रभावी संचालन की मांग भी की है। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि वेंडर्स से जुड़े फैसले निर्धारित कानूनी व्यवस्था के अनुरूप लिए जाने चाहिए।
गौरतलब है कि स्ट्रीट वेंडर्स (प्रोटेक्शन ऑफ लाइवलीहुड एंड रेगुलेशन ऑफ स्ट्रीट वेंडिंग) एक्ट, 2014 में टाउन वेंडिंग कमेटी की भूमिका महत्वपूर्ण है। अधिनियम में सर्वे, वेंडिंग प्रमाणपत्र, वेंडिंग जोन और वेंडर्स से जुड़े नियमन की व्यवस्था की गई है।
मांग पत्र में संबंधित कानूनी प्रावधानों के अनुसार कमेटी के गठन और संचालन को सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
बिना वैकल्पिक व्यवस्था विस्थापन का विरोध
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि वे अवैध अतिक्रमण का समर्थन नहीं करते। उनका कहना है कि शहर को व्यवस्थित रखने के लिए प्रशासन आवश्यक कार्रवाई कर सकता है, लेकिन स्ट्रीट वेंडर्स की आजीविका और कानूनी अधिकारों को ध्यान में रखते हुए प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।
संगठन ने मांग की कि किसी स्ट्रीट वेंडर को बिना वैकल्पिक व्यवस्था और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के हटाया या विस्थापित नहीं किया जाए।
2014 के कानून में स्ट्रीट वेंडर्स के विस्थापन और बेदखली के लिए अलग प्रावधान है। अधिनियम की धारा 18 में relocation या eviction से संबंधित व्यवस्था दी गई है। वहीं प्रमाणपत्र प्राप्त वेंडर के पुनर्वास से जुड़े अधिकारों का भी कानून में उल्लेख है।
इसलिए संगठन का कहना है कि शहर की व्यवस्था और वेंडर्स की आजीविका के बीच संतुलन बनाते हुए कार्रवाई होनी चाहिए।
संगठन ने बताई अपनी मांगों की वजह
जिला असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि स्ट्रीट वेंडिंग से बड़ी संख्या में लोगों की रोजी-रोटी जुड़ी होती है। रेहड़ी और ठेला लगाने वाले लोग रोजमर्रा की वस्तुओं से लेकर खाद्य सामग्री तक बेचकर परिवार का खर्च चलाते हैं।
संगठन का तर्क है कि ऐसे लोगों के लिए पहले से तय वेंडिंग जोन और पहचान की व्यवस्था होने से प्रशासन को भी निगरानी में सुविधा होगी। इससे सार्वजनिक स्थानों के इस्तेमाल को अधिक व्यवस्थित किया जा सकता है।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मांग की कि कार्रवाई से पहले संबंधित वेंडर्स की स्थिति और दस्तावेजों की जांच की जाए तथा पात्र लोगों को कानूनी व्यवस्था के तहत शामिल किया जाए।
एसडीएम को सौंपे गए ज्ञापन में क्या-क्या मांगें?
प्रतिनिधिमंडल द्वारा सौंपे गए मांग पत्र में मुख्य रूप से ये मांगें रखी गईं—
- दलसिंहसराय नगर परिषद क्षेत्र में व्यवस्थित वेंडिंग जोन का निर्धारण।
- स्ट्रीट वेंडर्स का नियमानुसार सर्वेक्षण।
- पात्र वेंडर्स को वेंडिंग प्रमाणपत्र और पहचान-पत्र जारी करना।
- टाउन वेंडिंग कमेटी का विधिसम्मत गठन और संचालन।
- वेंडर्स को हटाने से पहले निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन।
- विस्थापन की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था पर ध्यान।
- स्ट्रीट वेंडर्स की आजीविका और शहरी व्यवस्था के बीच संतुलन कायम करना।
इन मांगों के जरिए संगठन ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है।
प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन रहे मौजूद?
एसडीएम को ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जिला असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष फैज अहमद फैज ने किया।
प्रतिनिधिमंडल में गोपाल प्रसाद, उदय कांत चौधरी, अवधेश कुमार, मोहम्मद सैकुल, धीरेन्द्र कुमार राय, अरूण कुमार समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई या मांगों पर आधिकारिक निर्णय की जानकारी सामने नहीं आई है। अब स्थानीय स्तर पर यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नगर परिषद क्षेत्र में वेंडिंग जोन, सर्वे और वेंडर्स की पहचान को लेकर प्रशासन क्या कदम उठाता है।
