समस्तीपुर यौन शोषण मामले में नया मोड़, चंदन बाबा ने खटखटाया हाईकोर्ट
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👉 WhatsApp से जुड़ेंसमस्तीपुर के विभूतिपुर में चंदन बाबा से जुड़े यौन शोषण मामले में नया मोड़ आया है। चंदन बाबा यानी चंदन कुमार उर्फ चंदन बाबा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस गिरफ्तारी की कार्रवाई में जुटी है। इसी बीच आरोपी की ओर से पटना हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए न्यायालय से वारंट लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मामला B.Ed की छात्रा से जुड़े यौन शोषण के आरोपों का है। पुलिस प्राथमिकी में दर्ज आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप अभी न्यायिक रूप से सिद्ध नहीं हुए हैं।
प्राथमिकी के बाद पुलिस ने तेज की गिरफ्तारी की तैयारी
विभूतिपुर थाना क्षेत्र के इस मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद आरोपी शिक्षक और योगाश्रम संचालक चंदन कुमार उर्फ चंदन बाबा के फरार होने की बात सामने आई है।
जांच कर रहीं सब इंस्पेक्टर आरती कुमारी के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए न्यायालय में वारंट का आवेदन दिया गया है। वारंट मिलने के बाद पुलिस आरोपी के संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर सकती है।
पुलिस की कार्रवाई फिलहाल कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रही है। वारंट जारी होने या नहीं होने और आगे की कार्रवाई का अंतिम निर्णय संबंधित न्यायालय की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
B.Ed छात्रा ने लगाए लंबे समय तक शोषण के आरोप
प्राथमिकी में पीड़िता की ओर से आरोपी पर लंबे समय तक यौन शोषण करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी अपग्रेड मिडिल स्कूल बसौना में शिक्षक है और योगाश्रम का संचालन भी करता है।
बताया गया है कि सिंघियाघाट में आयोजित एक योग शिविर के दौरान आरोपी शिक्षक का छात्रा से संपर्क हुआ था। इसके बाद दोनों के बीच संपर्क बढ़ने और कथित घटनाओं को लेकर प्राथमिकी में कई आरोप दर्ज किए गए हैं।
मामले में आरोपी की पत्नी का नाम भी प्राथमिकी में होने की बात सामने आई है। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि पटना के एक होटल में आरोपी की पत्नी ने पीड़िता को भरोसे में लिया और बाद में उसे अपने पति के संपर्क में पहुंचाया।
इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।
तब सामने आया मामला, जब पीड़िता की तबीयत बिगड़ी
प्राथमिकी के अनुसार, मामले का खुलासा उस समय हुआ जब पीड़िता के पेट में तेज दर्द हुआ। इसके बाद परिजन उसे चिकित्सक के पास लेकर गए।
जांच के दौरान अल्ट्रासाउंड कराया गया। इसमें पीड़िता के चार माह की गर्भवती होने की जानकारी सामने आने के बाद परिवार को मामले की जानकारी हुई।
इसके बाद पीड़िता की मां ने विभूतिपुर थाना पहुंचकर प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने प्राथमिकी के आधार पर मामले की जांच शुरू की और आरोपी की तलाश में कार्रवाई आगे बढ़ाई।
इस तरह मामला सामने आने के बाद पुलिस के सामने आरोपी की गिरफ्तारी और प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों की जांच प्रमुख बिंदु बन गए हैं।
गिरफ्तारी से पहले हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद आरोपी की ओर से पटना हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किए जाने की जानकारी सामने आई है।
अग्रिम जमानत का उद्देश्य गिरफ्तारी की स्थिति में न्यायालय से कानूनी संरक्षण प्राप्त करना होता है। इस मामले में आवेदन पर न्यायालय का फैसला आगे की कानूनी स्थिति को प्रभावित कर सकता है।
हालांकि, केवल अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल होने का अर्थ यह नहीं है कि आरोपी को जमानत मिल गई है। जमानत आवेदन पर न्यायालय की सुनवाई और आदेश महत्वपूर्ण होगा।
पटना हाईकोर्ट में बिहार से जुड़े आपराधिक मामलों की जमानत और अग्रिम जमानत याचिकाओं की सुनवाई होती है। हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर केस स्टेटस और न्यायिक आदेशों की जानकारी उपलब्ध कराई जाती है।
पुलिस वारंट मिलने के बाद क्या करेगी?
पुलिस के मुताबिक, न्यायालय से वारंट मिलने के बाद आरोपी के संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जाएगी।
इस दौरान पुलिस आरोपी को तलाशने के साथ-साथ मामले से संबंधित साक्ष्यों और अन्य तथ्यों की भी जांच कर सकती है। जांच के दौरान प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए उपलब्ध सामग्री को देखा जाएगा।
मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस जांच और न्यायालय के आदेश के अनुसार होगी। यदि आरोपी को गिरफ्तार किया जाता है, तो उसे निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।
मामले में आगे क्या होगा?
अब इस मामले में दो स्तर पर कार्रवाई महत्वपूर्ण है। पहला, पुलिस द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी और जांच की प्रक्रिया तथा दूसरा, पटना हाईकोर्ट में दाखिल अग्रिम जमानत आवेदन पर होने वाली न्यायिक कार्रवाई।
पुलिस ने वारंट के लिए आवेदन किया है, जबकि आरोपी की ओर से अग्रिम जमानत की मांग किए जाने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में आने वाले दिनों में न्यायालय के आदेश और पुलिस की जांच से मामले की आगे की दिशा स्पष्ट हो सकती है।
इस मामले में लगाए गए यौन शोषण के आरोप गंभीर हैं, लेकिन अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही निकलेगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि न्यायालय द्वारा तय प्रक्रिया के अनुसार होगी।
