Bihar Panchayat Chunav: सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन पर होगा चुनाव, मंत्री ने बताया पूरा प्लान

📌 पटना और बिहार के सभी ज़िलों की ताज़ा ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!

👉 WhatsApp से जुड़ें


 

बिहार में Bihar Panchayat Chunav को लेकर तैयारियां आगे बढ़ रही हैं। Bihar Panchayat Chunav में आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया को लेकर पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा है कि चुनाव सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुरूप कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि आरक्षण के लिए डेडिकेटेड कमीशन की प्रक्रिया और ट्रिपल टेस्ट पूरा किया जाएगा। इसके बाद सरकार आगे की कार्रवाई करेगी।

बिहार राज्य निर्वाचन आयोग भी पंचायत आम निर्वाचन 2026 से जुड़ी तैयारियों पर काम कर रहा है। आयोग की वेबसाइट पर आरक्षण निर्धारण के लिए प्रपत्र-1 का अंतिम प्रकाशन 15 जून 2026 को किया गया था।

मंत्री दीपक प्रकाश ने पंचायत चुनाव पर क्या कहा?

पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि बिहार में पंचायत चुनाव के लिए कोई अलग या नया फॉर्मूला नहीं अपनाया जा रहा है। आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार पूरी की जाएगी।

मंत्री के मुताबिक, इसके लिए डेडिकेटेड कमीशन बनाया जाना है और ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। आयोग की रिपोर्ट आने के बाद सरकार आरक्षण को लेकर आगे की कार्रवाई करेगी।

इसका सीधा मतलब यह है कि पंचायत चुनाव की प्रक्रिया में आरक्षण का निर्धारण एक महत्वपूर्ण चरण है और उसके पूरा होने के बाद चुनाव से जुड़ी अगली औपचारिकताएं आगे बढ़ेंगी।

क्या है ट्रिपल टेस्ट और इसका आरक्षण से क्या संबंध है?

पंचायत चुनाव में पिछड़े वर्गों के आरक्षण को लेकर ‘ट्रिपल टेस्ट’ की चर्चा महत्वपूर्ण है। इसका उद्देश्य स्थानीय निकायों में पिछड़ेपन और प्रतिनिधित्व से संबंधित तथ्यों के आधार पर आरक्षण की प्रक्रिया को निर्धारित करना है।

मंत्री के बयान के अनुसार, संबंधित आयोग इस प्रक्रिया को पूरा करेगा और अपनी रिपोर्ट सरकार को देगा। रिपोर्ट के आधार पर पंचायत चुनाव में EBC आरक्षण के संबंध में आगे निर्णय लिया जाएगा।

यहां यह समझना जरूरी है कि ट्रिपल टेस्ट पूरा होना और चुनाव की अंतिम अधिसूचना जारी होना अलग-अलग चरण हैं। इसलिए केवल मंत्री के इस बयान से चुनाव की अंतिम तारीख तय मानना उचित नहीं होगा।

बिहार में आरक्षण की मौजूदा व्यवस्था क्या कहती है?

बिहार राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 में पंचायतों के विभिन्न पदों पर SC, ST और पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण का प्रावधान है।

आयोग के अनुसार SC और ST के लिए आरक्षण संबंधित क्षेत्र की जनसंख्या के अनुपात से जुड़ा है। वहीं पिछड़े वर्गों के लिए SC-ST आरक्षण के बाद बची सीटों में अधिकतम 20 प्रतिशत तक आरक्षण का प्रावधान है। SC, ST और पिछड़े वर्गों को मिलाकर कुल आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती।

महिलाओं के लिए भी आरक्षण का प्रावधान है और अलग-अलग श्रेणियों में सीटों का आवंटन नियमों के अनुसार किया जाता है। आरक्षण में रोटेशन की व्यवस्था भी लागू होती है।

यानी चुनाव से पहले यह तय करना जरूरी होता है कि किस पंचायत, क्षेत्र या पद पर किस श्रेणी के लिए आरक्षण लागू होगा।

2026 पंचायत चुनाव को लेकर आयोग ने क्या किया?

बिहार राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर पंचायत आम निर्वाचन 2026 के लिए आरक्षण निर्धारण से जुड़ा प्रपत्र-1 प्रकाशित किया गया है।

आयोग के मुताबिक यह विवरण वर्ष 2011 की जनगणना की जनसंख्या के आधार पर तैयार किया गया है। इसका अंतिम प्रकाशन 15 जून 2026 को किया गया था।

आयोग की वेबसाइट पर 2026 के लिए पंचायत परिसीमन से संबंधित अलग-अलग अधिसूचनाएं भी उपलब्ध हैं। इनमें ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, जिला परिषद और वार्ड सदस्य से संबंधित परिसीमन की जानकारी शामिल है।

इससे स्पष्ट है कि पंचायत चुनाव से पहले परिसीमन और आरक्षण से जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया चल रही है।

चुनाव की तारीख पर अभी क्या स्थिति है?

मंत्री के ताजा बयान में चुनाव की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई गई है। उनका जोर आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के पालन पर रहा।

इसलिए फिलहाल उम्मीदवारों और पंचायत स्तर के संभावित प्रत्याशियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण चरण आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होना है। सीट आरक्षित होने या सामान्य रहने के आधार पर कई संभावित उम्मीदवारों की चुनावी रणनीति बदल सकती है।

आधिकारिक चुनाव कार्यक्रम जारी होने के बाद ही नामांकन, मतदान और अन्य चरणों की निश्चित तारीखों की तस्वीर स्पष्ट होगी।

PM मोदी के जन्मदिन पर मंत्री ने क्या कहा?

मंत्री दीपक प्रकाश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर उन्हें शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कहा कि देश को विकसित बनाने के लक्ष्य में सभी लोगों को योगदान देना चाहिए।

उन्होंने 2047 तक विकसित भारत के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार की ओर से किए जा रहे कार्यों और भविष्य के संकल्पों को जनता के बीच ले जाने का प्रयास किया जा रहा है।

यह बयान पंचायत चुनाव से अलग संदर्भ में था। मंत्री ने प्रधानमंत्री के जन्मदिन से जुड़े कार्यक्रमों और सरकार की विकास संबंधी प्राथमिकताओं का भी उल्लेख किया।

आगे क्या होगा?

अब पंचायत चुनाव की प्रक्रिया में आरक्षण से जुड़ी रिपोर्ट और संबंधित औपचारिकताएं महत्वपूर्ण रहेंगी। ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आयोग की सिफारिशों के आधार पर सरकार आगे की कार्रवाई करेगी।

इसके बाद आरक्षण की अंतिम स्थिति और चुनाव कार्यक्रम को लेकर अधिक स्पष्टता आने की उम्मीद है। बिहार के पंचायत स्तर पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे लोगों की नजर अब आधिकारिक अधिसूचनाओं और राज्य निर्वाचन आयोग के अगले अपडेट पर रहेगी।

संक्षेप में: बिहार पंचायत चुनाव 2026 सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुरूप कराने की बात पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कही है। आरक्षण निर्धारण के लिए डेडिकेटेड कमीशन और ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया महत्वपूर्ण चरण होगी। हालांकि, चुनाव की अंतिम तारीख की पुष्टि आधिकारिक चुनाव कार्यक्रम से ही होगी।

🛍️ ऑनलाइन शॉपिंग करें
Amazon, Flipkart, Myntra और AJIO पर खरीदारी करें
यहाँ से खरीदारी करने पे एक्स्ट्रा डिस्काउंट मिल सकता है।
Next Post Previous Post
"ताज़ा ख़बरें पाएं"
1