Bagaha News: शराबबंदी के बीच सड़क पर हंगामा, दो पुलिसकर्मी सस्पेंड
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पश्चिम चंपारण के रामनगर से Bagaha News का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। Bagaha News के मुताबिक, रामनगर थाने में डायल-112 से जुड़े दो पुलिसकर्मियों पर शराब सेवन के आरोप के बाद कार्रवाई हुई है। एसडीपीओ की जांच रिपोर्ट और चिकित्सीय जांच के बाद बगहा एसपी ने दोनों को निलंबित कर दिया। मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग में भी चर्चा तेज हो गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, घटना का वीडियो स्थानीय लोगों ने बनाया था। वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद मामला पुलिस अधिकारियों तक पहुंचा। इसके बाद दोनों पुलिसकर्मियों की मेडिकल जांच कराई गई।
सड़क पर हंगामे का वीडियो हुआ वायरल
मामला रामनगर थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, डायल-112 पर तैनात PTC ASI सुरेंद्र कुमार मुनमुन और हवलदार सुनील कुमार शहर की मुख्य सड़क पर कथित तौर पर नशे की हालत में दिखाई दिए।
स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों ने दोनों का वीडियो रिकॉर्ड किया। वीडियो में उनके लड़खड़ाने और सड़क पर हंगामा करने की बात रिपोर्ट में कही गई है। इसके बाद वीडियो पुलिस अधिकारियों तक पहुंचा।
सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। रामनगर के एसडीपीओ सत्येंद्र राम के नेतृत्व में मामले की जांच आगे बढ़ाई गई।
मेडिकल जांच के बाद दोनों पुलिसकर्मी निलंबित
रिपोर्ट के मुताबिक, एसडीपीओ सत्येंद्र राम ने जांच के बाद अपनी रिपोर्ट बगहा एसपी राजेश कुमार को भेजी। रिपोर्ट में चिकित्सीय जांच से जुड़े साक्ष्य भी शामिल किए गए थे।
इसके बाद बगहा एसपी ने एएसआई सुरेंद्र कुमार मुनमुन और हवलदार सुनील कुमार के निलंबन की कार्रवाई की। दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि किसी कर्मचारी का निलंबन विभागीय कार्रवाई का हिस्सा होता है। इससे संबंधित अंतिम विभागीय या न्यायिक निष्कर्ष अलग प्रक्रिया के बाद तय हो सकता है।
बिहार में शराबबंदी के बीच मामला क्यों गंभीर?
बिहार में शराबबंदी लागू होने के कारण इस मामले का महत्व बढ़ जाता है। राज्य के मद्यनिषेध एवं उत्पाद विभाग के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, बिहार में शराबबंदी की प्रक्रिया 1 अप्रैल 2016 से शुरू हुई थी।
सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक, 5 अप्रैल 2016 को राज्य में पूर्ण शराबबंदी घोषित की गई। इसके बाद बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 को 2 अक्टूबर 2016 को अधिसूचित किया गया।
इस कानून का उद्देश्य राज्य में शराब और नशीले पदार्थों पर रोक लगाना तथा उल्लंघन के मामलों में कानूनी कार्रवाई करना है। मद्यनिषेध विभाग इसी कानून को लागू कराने की जिम्मेदारी निभाता है।
पुलिसकर्मियों पर विभागीय कार्रवाई भी शुरू
मामला केवल निलंबन तक सीमित नहीं है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
विभागीय जांच में घटना से जुड़े तथ्यों, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को देखा जा सकता है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित नियमों के तहत आगे की कार्रवाई तय होगी।
पुलिस विभाग के कर्मचारियों पर इस तरह की कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण होती है क्योंकि कानून लागू कराने की जिम्मेदारी पुलिस की प्रमुख भूमिकाओं में शामिल है।
वीडियो सामने आने के बाद हरकत में आया प्रशासन
इस मामले में सोशल मीडिया पर सामने आया वीडियो शुरुआती स्तर पर पुलिस प्रशासन के संज्ञान में आने का माध्यम बना। इसके बाद अधिकारियों ने मेडिकल जांच और रिपोर्ट की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
ऐसे मामलों में वायरल वीडियो को अंतिम प्रमाण मानने के बजाय पुलिस जांच और चिकित्सीय रिपोर्ट जैसे आधिकारिक साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाती है। इस मामले में भी निलंबन से पहले एसडीपीओ की रिपोर्ट और मेडिकल जांच का उल्लेख किया गया है।
शराबबंदी कानून को लेकर क्या जानना जरूरी है?
बिहार के आधिकारिक मद्यनिषेध विभाग के अनुसार राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू है। विभाग शराबबंदी से जुड़े कानूनों के क्रियान्वयन, निगरानी और कार्रवाई से संबंधित काम करता है।
सरकार के आधिकारिक रिकॉर्ड में यह भी दर्ज है कि शराबबंदी की शुरुआत 2016 में हुई थी और बाद में बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम, 2016 लागू किया गया।
इसलिए सार्वजनिक स्थान पर कथित शराब सेवन से जुड़ा कोई भी मामला केवल अनुशासन का विषय नहीं रहता, बल्कि लागू कानूनों के तहत भी जांच का विषय बन सकता है।
अब आगे क्या होगा?
दोनों पुलिसकर्मियों के निलंबन के बाद विभागीय जांच आगे बढ़ेगी। जांच में घटना की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों की समीक्षा की जाएगी।
वहीं, अगर जांच में कानून के उल्लंघन से जुड़े अलग तथ्य सामने आते हैं, तो संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है।
फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि मेडिकल जांच के बाद विभाग ने दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है और विभागीय कार्रवाई शुरू होने की जानकारी सामने आई है।
संक्षेप में: रामनगर में डायल-112 से जुड़े दो पुलिसकर्मियों पर शराब सेवन के आरोप के बाद मेडिकल जांच कराई गई। रिपोर्ट में शराब सेवन की पुष्टि के बाद बगहा एसपी ने दोनों को निलंबित किया। अब विभागीय जांच आगे बढ़ेगी।
