चुनावी रंजिश में रची साजिश, अनिल यादव गोलीकांड में 4 गिरफ्तार
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👉 WhatsApp से जुड़ेंपटना में पूर्व वार्ड पार्षद अनिल यादव पर हुए गोलीकांड का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। अनिल यादव गोलीकांड की जांच में पुलिस को वार्ड पार्षद चुनाव से जुड़ी पुरानी रंजिश और कथित साजिश के तार मिले हैं। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि वारदात में शामिल अन्य संदिग्ध शूटरों की तलाश में छापेमारी जारी है।
पुलिस के अनुसार, अनिल यादव और शंकर राय एक ही मोहल्ले के रहने वाले हैं। दोनों के बीच वार्ड पार्षद चुनाव को लेकर पुराना विवाद था। जांच में पुलिस ने इसी चुनावी रंजिश को गोलीकांड की कथित साजिश से जोड़ते हुए आगे की कार्रवाई की है।
चुनावी रंजिश से साजिश तक कैसे पहुंची पुलिस?
सेंट्रल एसपी ममता कल्याणी के अनुसार, जांच में सामने आया कि शंकर राय ने कथित तौर पर राहुल साहनी से संपर्क किया था। इसके बाद राहुल साहनी ने अनिल यादव को निशाना बनाने की योजना तैयार की।
पुलिस का दावा है कि वारदात को अंजाम देने के लिए शूटरों की आवाजाही को अलग-अलग तरीके से व्यवस्थित किया गया था। इससे पुलिस को घटना में एक से अधिक लोगों की भूमिका होने की जानकारी मिली।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि साजिश में शामिल सभी लोगों की क्या भूमिका थी और वारदात से पहले तथा बाद में आरोपियों के बीच किस तरह संपर्क हुआ।
शूटरों को अलग-अलग रास्तों से पहुंचाया गया
पुलिस के मुताबिक, घटना में शामिल शूटरों को सीधे एक ही वाहन से घटनास्थल तक नहीं लाया गया था। एक शूटर बाइक से सीधे मौके पर पहुंचा।
वहीं, दो अन्य शूटरों को राहुल साहनी के कहने पर उसके स्टाफ चंदन ने ऑटो से घटनास्थल के आसपास तक पहुंचाया। पुलिस के अनुसार ऑटो चालक शम्भू ने दोनों को मंदिर के पास उतार दिया।
इसके बाद दोनों कुछ दूरी तक पैदल गए और फिर कथित तौर पर चोरी की बाइक का इस्तेमाल कर घटनास्थल तक पहुंचे। पुलिस अब इस पूरे मूवमेंट की कड़ियों को जोड़कर घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है।
जांच के दौरान पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किए गए हथियारों के साथ ऑटो भी बरामद करने की बात कही है। पुलिस के अनुसार एक पिस्टल और एक कट्टा भी बरामद हुआ है।
राहुल साहनी की भूमिका पर पुलिस का क्या दावा है?
पुलिस के अनुसार, राहुल साहनी उर्फ नीरज ने कथित तौर पर गोलीकांड की साजिश तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने उसके खिलाफ आठ से अधिक आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी दी है।
पुलिस के मुताबिक, राहुल वर्ष 2012 से आपराधिक गतिविधियों से जुड़ा रहा है। वर्तमान में वह राजीव नगर रोड नंबर 20 में ठेला लगाने के बाद पूजा-पाठ से संबंधित मिट्टी की दुकान चलाता था।
इसी दुकान में चंदन स्टाफ के तौर पर काम करता था। पुलिस का दावा है कि चंदन का भी आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले शूटर की भूमिका में शामिल रहा है।
हालांकि, इन आपराधिक मामलों और वर्तमान गोलीकांड में आरोपियों की भूमिका का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।
चंदन और अमित की भूमिका भी जांच के घेरे में
पुलिस की जांच में चंदन की भूमिका सामने आने के बाद उससे जुड़े पुराने मामलों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। बताया गया है कि चंदन के खिलाफ सात मामले दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार, घटना की योजना और शूटरों की आवाजाही में चंदन ने सहयोग किया था। उसे ऑटो के जरिए दो संदिग्ध शूटरों को घटनास्थल के आसपास पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई थी।
इसके अलावा अमित पर भी साजिश में सहयोग करने का आरोप सामने आया है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर उसकी भूमिका समेत अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
चोरी की बाइक और हथियार से जुड़े सुराग
जांच में पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल हथियारों और ऑटो को बरामद करने की बात कही है। पुलिस के अनुसार, एक पिस्टल और कट्टा बरामद हुआ है।
घटना में चोरी की बाइक के इस्तेमाल की बात भी सामने आई है। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बाइक कहां से चोरी की गई थी और उसे शूटरों तक कैसे पहुंचाया गया।
ऐसे साक्ष्य पुलिस की जांच में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, क्योंकि इनके जरिए आरोपियों की गतिविधियों और वारदात की तैयारी के बीच संबंध स्थापित करने की कोशिश की जा सकती है।
संतोष सिंह हत्याकांड से भी जोड़े जा रहे तार
पुलिस इस मामले की जांच को केवल अनिल यादव गोलीकांड तक सीमित नहीं रख रही है। पूछताछ के दौरान सामने आए आपराधिक नेटवर्क और पुराने मामलों की भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस संतोष सिंह हत्याकांड समेत अन्य आपराधिक मामलों से संभावित संबंधों की जानकारी भी जुटा रही है। इसके अलावा एसके पुरी, बुद्धा कॉलोनी और आरा में दर्ज मामलों की जानकारी भी खंगाली जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, राहुल साहनी पूर्व में राजीव नगर स्थित एक रिटायर्ड जेल अधीक्षक के घर में भी रह चुका था। इस संबंध में भी जांच एजेंसियां उपलब्ध जानकारी की पड़ताल कर रही हैं।
अन्य शूटरों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी
पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। पूछताछ से मिले सुरागों के आधार पर अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है।
पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
फिलहाल पुलिस के अनुसार गोलीकांड के पीछे वार्ड पार्षद चुनाव से जुड़ी पुरानी रंजिश सामने आई है। हालांकि, मामले की पूरी तस्वीर आरोपियों से पूछताछ, बरामद साक्ष्यों और आगे की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
