सीतामढ़ी में बड़ा धार्मिक फैसला, 2028 तक बनेगा भव्य पुनौराधाम मंदिर
📌 पटना और बिहार के सभी ज़िलों की ताज़ा ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!
👉 WhatsApp से जुड़ेंसीतामढ़ी के पुनौराधाम में मंदिर निर्माण को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। पुनौराधाम मंदिर में माता सीता, भगवान श्रीराम और लक्ष्मण की प्रतिमाओं को अस्थायी काष्ठ मंडप में रखने की प्रक्रिया के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूजा-अर्चना की। पुनौराधाम मंदिर को लेकर सरकार ने 31 दिसंबर 2028 तक भव्य और दिव्य मंदिर निर्माण पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री शनिवार को केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के साथ मां जानकी की प्राकट्य स्थली पहुंचे।
पुनौराधाम में मुख्यमंत्री ने की विशेष पूजा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी दोपहर करीब 12:20 बजे ऐतिहासिक पुनौराधाम पहुंचे। यहां उन्होंने माता सीता, भगवान श्रीराम और लक्ष्मण की प्रतिमाओं को गर्भगृह से अस्थायी काष्ठ मंडप में शिफ्ट किए जाने के कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और आरती में भी शामिल हुए। धार्मिक कार्यक्रम के बाद उन्होंने भगवान सियावर रामचंद्र का जयकारा लगाया।
पुनौराधाम को मां जानकी की प्राकट्य स्थली के रूप में धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष महत्व प्राप्त है। ऐसे में मंदिर निर्माण की समयसीमा को लेकर मुख्यमंत्री की घोषणा स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के लिए अहम मानी जा रही है।
31 दिसंबर 2028 तक पूरा होगा मंदिर निर्माण
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने 31 दिसंबर 2028 तक पुनौराधाम में भव्य और दिव्य मंदिर का निर्माण पूरा करने का संकल्प लिया है।
निर्धारित समय सीमा के भीतर मंदिर निर्माण पूरा होने के बाद काष्ठ मंडप में रखी गई माता सीता, भगवान श्रीराम और लक्ष्मण की प्रतिमाओं को नए गर्भगृह में पुनर्प्रतिष्ठित किया जाएगा।
सरकार की योजना के अनुसार प्रतिमाओं को उसी स्थान पर पूरी धार्मिक गरिमा और परंपरागत विधि के साथ स्थापित किया जाएगा। इससे पुनौराधाम के धार्मिक महत्व को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
राघोपुर बखरी में विकास योजनाओं का निरीक्षण
पुनौराधाम में कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी राघोपुर बखरी पहुंचे। यहां उन्होंने विभिन्न विकास कार्यों और योजनाओं का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री ने नव निर्मित हैचरों में अंडा और बीज उत्पादन की प्रक्रिया को देखा। इसके साथ ही उन्होंने ब्रूड बैंक के तालाबों का भी निरीक्षण किया।
कार्यक्रम के दौरान लाभुकों के बीच ऑक्सीजेनेटेड बैग के साथ स्पान का वितरण किया गया। इससे मत्स्य पालन से जुड़े लाभुकों को उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
राघोपुर बखरी में विभिन्न विभागों की ओर से विकासात्मक और कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े स्टॉल भी लगाए गए थे। मुख्यमंत्री ने इन स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं की जानकारी ली।
218 करोड़ रुपये की 83 योजनाओं को मिली रफ्तार
सीतामढ़ी दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने जिले के लिए बड़ी संख्या में विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, 203 करोड़ 2 लाख रुपये की 82 योजनाओं का उद्घाटन किया गया। वहीं, 14 करोड़ 88 लाख रुपये की एक योजना का शिलान्यास किया गया।
इस तरह कुल 218 करोड़ रुपये की 83 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास हुआ। इन योजनाओं के जरिए जिले में अलग-अलग क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने की कोशिश की जा रही है।
कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। इसके लिए राघोपुर बखरी में बनाए गए हेलीपैड पर विशेष व्यवस्था की गई थी।
कई मंत्री और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में राज्य सरकार के कई मंत्री, सांसद, विधायक और विधान पार्षद मौजूद रहे।
इस मौके पर उद्योग एवं खेल मंत्री तथा जिले की प्रभारी मंत्री श्रेयसी सिंह, डेयरी एवं मत्स्य मंत्री नंदकिशोर राम और सांसद देवेश चंद्र ठाकुर शामिल हुए।
सीतामढ़ी विधायक सुनील कुमार पिंटू और विधानसभा में सत्तारूढ़ दल की सचेतक सह परिहार विधायक गायत्री देवी समेत जिले के कई विधायक और विधान पार्षद भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
स्थानीय नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
धार्मिक पर्यटन को मिल सकती है नई पहचान
पुनौराधाम में प्रस्तावित भव्य मंदिर निर्माण को केवल धार्मिक परियोजना के तौर पर ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था से भी जोड़कर देखा जा सकता है।
मंदिर निर्माण पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना है। इससे स्थानीय स्तर पर होटल, परिवहन, छोटे व्यापार और अन्य सेवा क्षेत्रों को भी लाभ मिल सकता है।
हालांकि, परियोजना को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के लिए निर्माण कार्य की निरंतर प्रगति, आधारभूत सुविधाओं और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्था पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा।

