बिहार की बेटी भावना कंठ बनीं देश की पहली महिला ‘टॉप गन’, रचा इतिहास

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दरभंगा की बेटी भावना कंठ ने भारतीय वायुसेना में ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिसने पूरे बिहार को गौरवान्वित किया है। भावना कंठ ने ग्वालियर स्थित टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (TADCE) में प्रतिष्ठित फाइटर कॉम्बैट लीडर (FCL) कोर्स सफलतापूर्वक पूरा किया है। इस उपलब्धि के साथ वह देश की पहली महिला ‘टॉप गन’ बनने का गौरव हासिल करने वाली फाइटर पायलट बनी हैं। अब वह हवाई युद्ध अभियानों में नेतृत्व की भूमिका निभाने के साथ अन्य पायलटों को युद्धक रणनीति में मार्गदर्शन दे सकेंगी।

क्या है ‘टॉप गन’ की उपलब्धि?

‘टॉप गन’ भारतीय वायुसेना में कोई आधिकारिक पद या सैन्य रैंक नहीं है। यह उन चुनिंदा फाइटर पायलटों के लिए प्रतिष्ठित पहचान है, जो कठिन फाइटर कॉम्बैट लीडर कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा करते हैं।

इस प्रशिक्षण में फाइटर पायलटों की उड़ान क्षमता के साथ-साथ उनकी रणनीतिक समझ, युद्ध कौशल, मिशन प्लानिंग और नेतृत्व क्षमता को भी परखा जाता है।

FCL कोर्स पूरा करने वाले अधिकारी आगे अपने स्क्वाड्रन में युद्धक रणनीति तैयार करने और दूसरे पायलटों को उन्नत प्रशिक्षण देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

TADCE में चुने जाते हैं बेहतरीन फाइटर पायलट

ग्वालियर स्थित TADCE को भारतीय वायुसेना के प्रमुख फाइटर टैक्टिक्स प्रशिक्षण संस्थानों में माना जाता है। यहां हर पायलट को प्रशिक्षण का अवसर नहीं मिलता, बल्कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले चुनिंदा फाइटर पायलट ही इस चुनौतीपूर्ण कोर्स के लिए चुने जाते हैं।

प्रशिक्षण के दौरान पायलटों को जटिल हवाई परिस्थितियों में निर्णय लेने, मिशन की रणनीति बनाने और युद्धक परिस्थितियों में टीम का नेतृत्व करने की क्षमता विकसित करनी होती है।

भावना कंठ का इस स्तर के प्रशिक्षण को पूरा करना इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि वह इस प्रतिष्ठित फाइटर कॉम्बैट लीडर कोर्स को पूरा करने वाली पहली महिला फाइटर पायलट बनी हैं।

बाउर गांव से आसमान तक पहुंची भावना

भावना कंठ का संबंध दरभंगा जिले के घनश्यामपुर प्रखंड के बाउर गांव से है। उनकी इस उपलब्धि से गांव के साथ-साथ मिथिलांचल और पूरे बिहार में खुशी का माहौल है।

उनके पिता तेजनारायण कंठ और माता राधा देवी ने बेटी के सपनों को आगे बढ़ाने में उनका साथ दिया। बचपन से ही भावना को आसमान और उड़ान से खास लगाव था।

बताया जाता है कि वह बचपन में पक्षियों को उड़ते देखकर खुद भी आसमान में उड़ने का सपना देखती थीं। परिवार ने उनके इस सपने को लक्ष्य में बदलने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया।

बेगूसराय से हुई पढ़ाई, फिर कोटा का सफर

भावना ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई बेगूसराय से की और वहीं से 12वीं तक की शिक्षा पूरी की। इसके बाद वह आगे की पढ़ाई के लिए कोटा चली गईं।

शिक्षा के दौरान उन्होंने भारतीय वायुसेना में जाने का लक्ष्य बनाया। कड़ी मेहनत और लगन के बाद उनका चयन वायुसेना के लिए हुआ।

वायुसेना में चयन के बाद उन्होंने कठिन प्रशिक्षण पूरा किया और महिला फाइटर पायलट के रूप में अपनी पहचान बनाई। आगे चलकर उन्होंने फाइटर विमान उड़ाकर अपने बचपन के सपने को हकीकत में बदल दिया।

MiG-21 उड़ाकर पूरा किया बचपन का सपना

भावना कंठ के करियर की सबसे चर्चित उपलब्धियों में MiG-21 उड़ाना भी शामिल रहा है। उन्होंने अंबाला एयरबेस से अकेले MiG-21 फाइटर विमान उड़ाकर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।

इसके अलावा गणतंत्र दिवस परेड में भी उनके प्रदर्शन ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। फाइटर स्ट्रीम में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने के दौर में भावना ने अपने प्रदर्शन से एक अलग पहचान बनाई।

उनकी यात्रा यह भी बताती है कि फाइटर पायलट बनने के लिए सिर्फ उड़ान कौशल ही नहीं, बल्कि लगातार अभ्यास, मानसिक मजबूती और कठिन परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता जरूरी होती है।

2016 में वायुसेना में शामिल हुई थीं भावना

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भावना कंठ वर्ष 2016 में बतौर फ्लाइंग ऑफिसर भारतीय वायुसेना में शामिल हुई थीं। इससे पहले वर्ष 2015 में सरकार ने महिलाओं के लिए फाइटर स्ट्रीम का रास्ता खोला था।

जून 2016 में वह महिला फाइटर पायलटों के शुरुआती बैच का हिस्सा बनीं। इसके बाद मार्च 2018 में उन्होंने MiG-21 से उड़ान भरी।

मई 2019 में उन्होंने MiG-21 Bison पर डे ऑपरेशन कोर्स भी पूरा किया। लगातार कठिन प्रशिक्षण और ऑपरेशनल अनुभव के बाद अब उन्होंने FCL कोर्स पूरा कर अपने करियर में एक और बड़ा मुकाम हासिल किया है।

बिहार की बेटियों के लिए बनीं प्रेरणा

भावना कंठ की नई उपलब्धि सिर्फ उनके व्यक्तिगत करियर की सफलता नहीं है। यह उन युवतियों के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण है, जो सेना, विमानन या दूसरे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में करियर बनाना चाहती हैं।

बाउर गांव से निकलकर भारतीय वायुसेना के उच्च स्तरीय फाइटर प्रशिक्षण तक पहुंचने वाली भावना ने दिखाया है कि मजबूत लक्ष्य, परिवार का सहयोग और निरंतर मेहनत से कठिन से कठिन मुकाम हासिल किया जा सकता है।

उनके ‘टॉप गन’ बनने की उपलब्धि के बाद बाउर गांव में भी उत्साह का माहौल है। स्थानीय स्तर पर लोग इसे पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण मान रहे हैं।

भावना कंठ की प्रमुख उपलब्धियां एक नजर में

  • दरभंगा के घनश्यामपुर प्रखंड के बाउर गांव से संबंध।
  • बेगूसराय से 12वीं तक की पढ़ाई।
  • वर्ष 2016 में भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में शामिल हुईं।
  • MiG-21 फाइटर विमान उड़ाने वाली महिला फाइटर पायलटों में शामिल।
  • MiG-21 Bison पर डे ऑपरेशन कोर्स पूरा किया।
  • ग्वालियर स्थित TADCE से फाइटर कॉम्बैट लीडर कोर्स पूरा किया।
  • FCL कोर्स पूरा करने वाली पहली महिला फाइटर पायलट के रूप में उपलब्धि।
  • ‘टॉप गन’ की प्रतिष्ठित पहचान हासिल की।

अब हवाई युद्ध का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी

फाइटर कॉम्बैट लीडर कोर्स पूरा करने के बाद भावना कंठ की भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है। अब वह हवाई युद्ध की रणनीति, मिशन संचालन और फाइटर पायलटों के प्रशिक्षण से जुड़ी जिम्मेदारियां निभाने में सक्षम होंगी।

उनकी यह उपलब्धि भारतीय वायुसेना में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित करती है। बाउर की इस बेटी ने उड़ान के अपने बचपन के सपने से लेकर ‘टॉप गन’ की पहचान तक का सफर तय कर एक नया इतिहास रचा है।

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