परिमार्जन पोर्टल बिहार: जमीन की रसीद और जमाबंदी में सुधार कैसे करें?
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परिमार्जन पोर्टल बिहार: जमीन के कागजात में सुधार की पक्की जानकारी
साथियों, बिहार में अगर किसी चीज को लेकर सबसे ज्यादा खून खौलता है और सबसे ज्यादा मुकदमे चलते हैं, तो वह है 'जमीन'। कचहरी से लेकर अंचल कार्यालय (Block Office) तक, हर रोज सैकड़ों किसान अपनी जमीन की रसीद हाथ में लिए भटकते नजर आते हैं। परेशानी क्या है? किसी के दादा जी के नाम की स्पेलिंग गलत चढ़ गई है, तो किसी की रसीद में जमीन 10 कट्ठा है लेकिन ऑनलाइन सिर्फ 2 कट्ठा दिखा रहा है।
पहले के समय में जब ये सारे रिकॉर्ड ऑफलाइन (रजिस्टर-2) में दर्ज होते थे, तो हल्का कर्मचारी की एक छोटी सी लापरवाही या जानबूझकर की गई गलती का खामियाजा किसानों को पीढ़ियों तक भुगतना पड़ता था। दलसिंहसराय हो या समस्तीपुर का कोई भी ब्लॉक, हर जगह हालात कमोबेश एक जैसे ही थे—कर्मचारी के पीछे दौड़ते रहिए, पैरवी लगाते रहिए।
लेकिन, समय बदल चुका है। बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इस परेशानी का एक ऑनलाइन समाधान निकाला है, जिसे हम 'परिमार्जन पोर्टल' (Parimarjan Portal) कहते हैं। एक स्थानीय पत्रकार के तौर पर मैं जमीन विवाद के रोज नए मामले देखता हूँ, और मेरा यकीन मानिए, अगर आप सही तरीके से परिमार्जन पोर्टल का इस्तेमाल करना सीख जाएं, तो आपको किसी दलाल को पैसे देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आज इस आर्टिकल में मैं आपको बिल्कुल सीधी भाषा में समझाऊंगा कि ऑनलाइन रसीद या जमाबंदी में सुधार कैसे करना है।
परिमार्जन (Parimarjan) आखिर है क्या?
'परिमार्जन' का सीधा सा मतलब होता है—सुधार करना या शुद्ध करना। जब बिहार में जमीन के पुराने दस्तावेजों (रजिस्टर-2) को इंटरनेट पर चढ़ाया जा रहा था (Digitization), तो डाटा इंट्री ऑपरेटरों ने हजारों गलतियां कर दीं। किसी का नाम रामकुमार से श्यामकुमार हो गया, तो किसी का खाता नंबर ही गायब हो गया।
इन्हीं ऑनलाइन गलतियों को घर बैठे सुधारने के लिए सरकार ने बिहार भूमि पोर्टल पर 'परिमार्जन' की सुविधा दी है। अब आपको अपनी शिकायत लेकर सीधे अंचल अधिकारी (CO) के पास जाने की जरूरत नहीं है; आप ऑनलाइन अपना आवेदन और सबूत पोर्टल पर Upload कर सकते हैं।
परिमार्जन पोर्टल से किन-किन गलतियों का सुधार होता है?
पोर्टल पर मुख्य रूप से दो तरह की गलतियों का सुधार होता है: एक वो जो डिजिटाइजेशन के वक्त हुई, और दूसरी वो जो हाल ही में ऑनलाइन दाखिल-खारिज (Mutation) के दौरान हुई। आइए इसे विस्तार से समझते हैं:
रैयत के नाम में गलती (Name Correction): अगर जमीन आपके नाम पर है लेकिन ऑनलाइन रसीद में नाम गलत छप गया है, या पिता/पति का नाम गलत है।
खाता, खेसरा और रकबा में सुधार (Plot Details Correction): आपकी असली केवाला (Deed) या खतियान में जमीन 1 एकड़ है, लेकिन ऑनलाइन रसीद में रकबा (Area) जीरो (0) दिखा रहा है, या खाता-खेसरा नंबर गलत चढ़ गया है।
लगान की राशि में गड़बड़ी (Lagaan/Tax Amount): अगर आपकी जमीन का लगान (टैक्स) गलत कैलकुलेट होकर आ रहा है या पिछली कटी हुई रसीद का पैसा पोर्टल पर अपडेट नहीं हुआ है।
ऑनलाइन जमाबंदी गायब होना (Missing Jamabandi): आपके पास ऑफलाइन रसीद है, लेकिन जब आप इंटरनेट पर अपनी जमाबंदी खोजते हैं तो 'No Record Found' बताता है। यानी आपकी जमाबंदी को नेट पर चढ़ाया ही नहीं गया है।
परिमार्जन के लिए जरूरी कागजात (Important Documents)
ऑनलाइन कैफे जाने से पहले या खुद मोबाइल से फॉर्म भरने से पहले कुछ कागजात का एक पक्का सेट (PDF) बना लें। अगर कागज पूरे नहीं होंगे, तो अंचल अधिकारी आपका फॉर्म सीधा Reject कर देगा:
विहित प्रपत्र (Application Form): यह परिमार्जन पोर्टल से ही डाउनलोड होता है। इसमें आपको अपनी शिकायत विस्तार से लिखनी होती है।
शपथ पत्र (Affidavit Form): यह भी पोर्टल से मिलेगा। इसमें आपको यह घोषणा करनी होती है कि आप जो सुधार मांग रहे हैं, वह बिल्कुल सही है और कोई फर्जीवाड़ा नहीं है।
जमीन का असली कागज: अगर खतियानी जमीन है तो खतियान की कॉपी, और अगर खरीदी हुई जमीन है तो केवाला (Registered Deed) की साफ कॉपी।
पुरानी रसीद: ऑफलाइन कटी हुई जमीन की आखिरी रसीद की कॉपी।
दाखिल-खारिज शुद्धि पत्र (Correction Slip): अगर पहले दाखिल-खारिज हुआ है तो उसका शुद्धि पत्र (अगर उपलब्ध हो)।
पहचान पत्र: आवेदक का आधार कार्ड।
जरूरी टिप: इन सभी कागजातों पर अपना हस्ताक्षर करें (Self-Attest) और फिर सबको स्कैन करके एक सिंगल PDF फाइल बना लें।
टेबल: परिमार्जन पोर्टल बिहार एक नज़र में
| महत्वपूर्ण बिंदु | जानकारी (Information) |
| पोर्टल का नाम | बिहार भूमि - परिमार्जन (Bihar Bhumi Parimarjan) |
| सुविधा क्या है? | ऑनलाइन जमाबंदी और रसीद में सुधार |
| आधिकारिक वेबसाइट | biharbhumi.bihar.gov.in |
| आवेदन की फीस | बिल्कुल मुफ्त (Free of Cost) |
| सुधार में लगने वाला समय | आमतौर पर 15 से 30 कार्य दिवस (Working Days) |
| जिम्मेदार अधिकारी | हल्का कर्मचारी, राजस्व अधिकारी (RO) और अंचलाधिकारी (CO) |
Step-by-Step Guide: परिमार्जन के लिए Online Apply कैसे करें?
अब आते हैं सबसे अहम मुद्दे पर। आप अपने स्मार्टफोन या लैपटॉप से खुद भी आवेदन कर सकते हैं। बस इन स्टेप्स को ध्यान से फॉलो करें:
Step 1: बिहार भूमि की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
सबसे पहले अपने ब्राउज़र में biharbhumi.bihar.gov.in टाइप करें। यह बिहार सरकार के राजस्व विभाग की आधिकारिक वेबसाइट है।
Step 2: परिमार्जन लिंक पर क्लिक करें
होमपेज पर आपको बहुत सारे बॉक्स दिखेंगे। वहां 'परिमार्जन' (Parimarjan) लिखा हुआ एक विकल्प मिलेगा, उस पर क्लिक करें।
Step 3: अपना आवेदन पोस्ट करें (Post Your Application)
एक नया पेज खुलेगा। ऊपर मेनू में "Post Your Application" का बटन होगा। यहाँ आपको अपनी बेसिक जानकारी भरनी है:
आवेदक का नाम
ईमेल आईडी
चालू मोबाइल नंबर
यह सब डालकर 'Send OTP' पर क्लिक करें। मोबाइल पर आए OTP को दर्ज करके Verify करें।
Step 4: जमीन का पूरा विवरण भरें (Property Details)
OTP वेरीफाई होने के बाद आपको अपनी जमीन की लोकेशन बतानी होगी।
अपना जिला (District) चुनें।
अपना अंचल (Circle/Block) चुनें।
'Proceed' पर क्लिक करके अपना हल्का (पंचायत) और मौजा (गांव) चुनें।
Step 5: शिकायत का प्रकार चुनें (Application Details)
यहाँ आपको बहुत सावधानी बरतनी है। 'Application Category' में आपको चुनना है कि आप डिजिटाइजेशन की गलती सुधारना चाहते हैं या म्यूटेशन की। इसके बाद 'Application Subject' में अपनी सटीक समस्या चुनें (जैसे: रैयत के नाम में सुधार, या रकबा में सुधार)।
Step 6: सभी डॉक्यूमेंट्स Upload करें
अब जो PDF फाइल (विहित प्रपत्र, शपथ पत्र, केवाला, रसीद, आधार) आपने बनाकर रखी थी, उसे यहाँ Upload कर दें। ध्यान रहे, PDF फाइल का साइज बहुत बड़ा नहीं होना चाहिए और कागज बिल्कुल साफ पढ़े जाने चाहिए।
Step 7: Final Submit और ट्रैकिंग नंबर
अंत में 'Submit' बटन दबा दें। सबमिट करते ही स्क्रीन पर एक Application ID (Tracking ID) आ जाएगी। इसे नोट कर लें या प्रिंट निकाल कर रख लें। इसी नंबर से आप बाद में चेक कर पाएंगे कि आपका काम कहाँ तक पहुंचा है।
आवेदन करने के बाद आगे क्या होता है? (Ground Reality)
अब आते हैं जमीनी हकीकत पर। ऑनलाइन फॉर्म भर देने का मतलब यह नहीं है कि कल सुबह उठेंगे और रसीद ठीक हो जाएगी। सरकारी काम का एक प्रोसेस होता है:
आपका ऑनलाइन आवेदन सबसे पहले आपके पंचायत के हल्का कर्मचारी (Revenue Officer) के पोर्टल पर जाता है।
कर्मचारी आपके अपलोड किए गए कागजातों का मिलान अपने पुराने रजिस्टर (रजिस्टर-2) से करता है।
अगर कागज सही पाए जाते हैं, तो वह अपनी सकारात्मक रिपोर्ट (Positive Report) लगाकर फाइल को अंचल निरीक्षक (CI / Circle Inspector) के पास बढ़ा देता है।
CI उसे चेक करके फाइनल अप्रूवल के लिए अंचलाधिकारी (CO) की आईडी पर फॉरवर्ड करता है।
CO के डिजिटल सिग्नेचर के बाद आपकी जमाबंदी में सुधार हो जाता है और आप ऑनलाइन नई रसीद काट सकते हैं।
पत्रकार की सलाह (Pro Tip): सिस्टम ऑनलाइन जरूर है, लेकिन कई बार अंचल कार्यालयों में फाइलों का ढेर लगा होता है। अगर आवेदन किए हुए 15-20 दिन हो जाएं और स्टेटस में कोई बदलाव न दिखे, तो अपने Application ID का प्रिंट लेकर एक बार हल्का कर्मचारी से जाकर जरूर मिल लें। इससे काम में थोड़ी तेजी आ जाती है।
किसानों के मन में उठने वाले आम सवाल (FAQs)
सवाल 1: क्या परिमार्जन के लिए अंचल कार्यालय (Block) जाना जरूरी है?
जवाब: तकनीकी रूप से नहीं। परिमार्जन पूरी तरह से ऑनलाइन प्रक्रिया है। अगर आपके अपलोड किए गए कागज बिल्कुल साफ और सही हैं, तो बिना ब्लॉक जाए ही सुधार हो जाता है। लेकिन अगर कर्मचारी को कोई संदेह होता है, तो वह आपको असली कागज दिखाने के लिए बुला सकता है।
सवाल 2: अगर मेरा परिमार्जन आवेदन Reject हो जाए तो क्या करूँ?
जवाब: घबराने की जरूरत नहीं है। स्टेटस चेक करने पर रिजेक्शन का कारण (जैसे- साफ कागज अपलोड न होना, या गलत खतियान देना) लिखा होता है। उस कमी को दूर करें और सारे कागजात के साथ दोबारा नया आवेदन कर दें।
सवाल 3: फॉर्म भरने के लिए कौन सा शपथ पत्र (Affidavit) लगता है? क्या कोर्ट जाना पड़ेगा?
जवाब: नहीं, इसके लिए आपको कोर्ट से एफिडेविट बनवाने की जरूरत नहीं है। परिमार्जन पोर्टल पर ही 'Application Format' का एक लिंक है। वहां से शपथ पत्र का सादा फॉर्म डाउनलोड करें, उसे पेन से भरें और अपना हस्ताक्षर कर दें। यही मान्य है।
सवाल 4: मेरी पुश्तैनी जमीन का ऑनलाइन रिकॉर्ड ही नहीं दिख रहा है, क्या करूँ?
जवाब: इसे 'छूटी हुई जमाबंदी' कहते हैं। इसके लिए भी परिमार्जन पोर्टल से ही आवेदन होगा। आपको अपनी पुरानी ऑफलाइन कटी हुई रसीद और खतियान अपलोड करके "छूटी हुई जमाबंदी के डिजिटाइजेशन" का विकल्प चुनना होगा।
सवाल 5: परिमार्जन से सुधार होने में कितना पैसा खर्च होता है?
जवाब: बिहार सरकार इसके लिए एक भी रुपया फीस नहीं लेती है। यह सुविधा निशुल्क है। आपको सिर्फ वही पैसा देना पड़ सकता है जो कोई साइबर कैफे वाला आपका फॉर्म ऑनलाइन भरने के लिए अपनी मजदूरी के तौर पर लेता है।
आखिरी बात
साथियों, जमीन की कीमत आज आसमान छू रही है, और जमीन के कागजों में एक छोटी सी स्पेलिंग की गलती या रकबे की गड़बड़ी कल को एक बड़े पारिवारिक या कानूनी विवाद का रूप ले सकती है। बिहार में वैसे भी भूमि विवाद के मामले कम नहीं हैं।
अगर आपने अभी तक अपनी ऑनलाइन जमाबंदी और लगान रसीद को चेक नहीं किया है, तो आज ही बिहार भूमि की वेबसाइट पर जाएं। अपनी डिटेल्स चेक करें, और अगर कोई भी छोटी-बड़ी गलती दिखे, तो तुरंत परिमार्जन पोर्टल के माध्यम से सुधार के लिए आवेदन डाल दें।
समय रहते अपने कागज दुरुस्त रखिए, क्योंकि मजबूत कागज ही आपकी जमीन का सबसे बड़ा रक्षक है। जानकारी को अपने तक सीमित न रखें; गांव-समाज के अन्य किसान भाइयों को भी इसके बारे में बताएं ताकि वे भी बिचौलियों से बच सकें और अपनी जमीन सुरक्षित रख सकें।
