प्रशांत किशोर का बड़ा ऐलान, 10 हजार युवाओं को नौकरी दिलाने की तैयारी
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👉 WhatsApp से जुड़ेंबांकीपुर से विधायक बनने के बाद प्रशांत किशोर ने रोजगार को लेकर बड़ा ऐलान किया है। प्रशांत किशोर ने कहा है कि वह अगले एक से दो वर्षों में बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के 10 हजार बेरोजगार युवाओं को निजी क्षेत्र में नौकरी दिलाने का प्रयास करेंगे। इसके लिए उन्होंने पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं से अपने सीवी और बायोडेटा उनके कार्यालय में जमा कराने की अपील की है।
11 अगस्त से शुरू हुए जनसंपर्क अभियान के दौरान प्रशांत किशोर ने वार्ड-वार्ड जाकर लोगों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने रोजगार, पेंशन, पेयजल और अन्य स्थानीय मुद्दों पर भी अपनी प्राथमिकताएं बताईं।
विधायक बनने के बाद पहली बड़ी घोषणा
बांकीपुर उपचुनाव में जीत के बाद यह प्रशांत किशोर की पहली बड़ी सार्वजनिक घोषणा मानी जा रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान नौकरी देने का कोई वादा नहीं किया गया था, लेकिन विधायक बनने के बाद सबसे पहले युवाओं के रोजगार पर काम शुरू किया जा रहा है।
प्रशांत किशोर ने जनसभा में कहा कि जिन परिवारों के बच्चे पढ़-लिखकर बेरोजगार हैं, वे अपना बायोडेटा और सीवी उनके कार्यालय में भेजें। उन्होंने कहा कि अपने व्यक्तिगत और पेशेवर संपर्कों का उपयोग कर युवाओं को रोजगार दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
उनके अनुसार, बड़े उद्योग समूहों, कंपनियों और संस्थानों से संपर्क कर युवाओं के लिए अवसर तलाशे जाएंगे।
सरकारी नहीं, निजी क्षेत्र में मिलेगी नौकरी
प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि वह सरकारी नौकरी दिलाने का दावा नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि फिलहाल निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यदि युवाओं को निजी कंपनियों, ऑफिस या फैक्ट्रियों में रोजगार मिलता है तो इससे परिवारों को आर्थिक सहारा मिलेगा। उनका लक्ष्य अगले एक-दो साल में करीब 10 हजार परिवारों तक रोजगार का अवसर पहुंचाने का है।
प्रशांत किशोर ने यह भी दावा किया कि बांकीपुर ऐसा विधानसभा क्षेत्र बन सकता है, जहां सबसे अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
बिहार के बाहर भी मिल सकती हैं नौकरियां
जन सुराज के नेता ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में युवाओं को बिहार के बाहर भी रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि अभी राज्य में उनकी पार्टी की सरकार नहीं है, इसलिए स्थानीय स्तर पर सभी के लिए रोजगार उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यदि भविष्य में जन सुराज की सरकार बनती है, तो बिहार में ही रोजगार के अधिक अवसर सृजित करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि युवाओं को बाहर न जाना पड़े।
यह बयान राज्य में रोजगार और पलायन जैसे मुद्दों को लेकर चल रही बहस के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रोजगार के साथ पेंशन और अन्य वादे
प्रशांत किशोर ने सिर्फ रोजगार ही नहीं, बल्कि सामाजिक योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बांकीपुर के लोगों को पढ़ाई, रोजगार, 1100 रुपये पेंशन और मुफ्त अनाज जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
इसके अलावा पेयजल, सफाई और अन्य बुनियादी समस्याओं पर भी काम करने की बात कही गई। उन्होंने माना कि कुछ योजनाओं को लागू करने में समय लग सकता है और इसके लिए सरकार के साथ समन्वय जरूरी होगा।
बांकीपुर में कैसे मिली जीत?
हाल ही में हुए बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को 19 हजार से अधिक वोटों के अंतर से हराया था।
यह सीट लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है। ऐसे में इस जीत ने बिहार की राजनीति में नई चर्चा को जन्म दिया। चुनाव जीतने के बाद प्रशांत किशोर ने बांकीपुर को आदर्श विधानसभा बनाने का लक्ष्य भी सामने रखा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रोजगार जैसे मुद्दों पर फोकस कर प्रशांत किशोर स्थानीय स्तर पर अपनी राजनीतिक पहचान मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
क्या रोजगार मॉडल बनेगा नई राजनीति का आधार?
बिहार में रोजगार और पलायन लंबे समय से प्रमुख मुद्दे रहे हैं। ऐसे में अगर निजी क्षेत्र के माध्यम से युवाओं को बड़े स्तर पर रोजगार मिलता है, तो यह एक अलग मॉडल के रूप में देखा जा सकता है।
हालांकि, 10 हजार युवाओं को नौकरी दिलाने का लक्ष्य कितना सफल होगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। फिलहाल, युवाओं से सीवी और बायोडेटा मांगने की पहल ने बांकीपुर क्षेत्र में चर्चा जरूर बढ़ा दी है।
रोजगार, पेंशन और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े वादों के साथ अब लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि इन घोषणाओं को जमीन पर किस तरह लागू किया जाता है।
