भाई वीरेंद्र का बड़ा दावा, बोले- RJD छोड़ देता तो आज डिप्टी सीएम होता
📌 पटना और बिहार के सभी ज़िलों की ताज़ा ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!
👉 WhatsApp से जुड़ें
बिहार की राजनीति में RJD विधायक भाई वीरेंद्र एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। भाई वीरेंद्र ने अपने राजनीतिक सफर और राष्ट्रीय जनता दल के साथ लंबे जुड़ाव का जिक्र करते हुए दावा किया कि अगर वह भी मुश्किल दौर में पार्टी छोड़कर चले गए होते तो आज उनकी राजनीतिक स्थिति अलग होती। उन्होंने यहां तक कहा कि संभव है कि आज वह डिप्टी सीएम के पद पर होते। विधायक ने कहा कि उन्होंने लालू प्रसाद यादव और पार्टी के लिए काफी त्याग किया है।
भाई वीरेंद्र ने यह बयान अपने खिलाफ हो रही बयानबाजी के बीच दिया है। उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी के भीतर और बाहर कुछ लोग उन्हें निशाना बना रहे हैं, लेकिन वह हर आरोप का जवाब देना जरूरी नहीं समझते।
‘मैं पार्टी छोड़ देता तो आज तस्वीर अलग होती’
अपने पुराने राजनीतिक सफर को याद करते हुए भाई वीरेंद्र ने कहा कि एक दौर में RJD के पास 22 विधायक थे। उस समय पार्टी के सामने मुश्किल परिस्थितियां आईं और कई नेता पार्टी छोड़कर चले गए।
भाई वीरेंद्र के मुताबिक, उन्होंने उस समय पार्टी और लालू प्रसाद यादव का साथ नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि अगर वह भी दूसरे नेताओं की तरह पार्टी छोड़कर चले जाते तो शायद आज उनका राजनीतिक पद अलग होता।
उन्होंने अपने बयान में कहा कि संभव है कि आज बिजेंद्र प्रसाद यादव उपमुख्यमंत्री के पद पर नहीं होते और उनकी जगह वह खुद डिप्टी सीएम होते। हालांकि, यह भाई वीरेंद्र का राजनीतिक आकलन और दावा है, कोई वर्तमान संवैधानिक या आधिकारिक स्थिति नहीं।
‘मैंने लालू प्रसाद के लिए बहुत त्याग किया’
RJD विधायक ने कहा कि पार्टी के कठिन दौर में उन्होंने लालू प्रसाद यादव के साथ मजबूती से खड़े रहने का फैसला किया। उनके अनुसार, राजनीति में कई बार पद और व्यक्तिगत लाभ से ज्यादा विचारधारा और संगठन के प्रति प्रतिबद्धता महत्वपूर्ण होती है।
भाई वीरेंद्र ने कहा कि उनका उद्देश्य लालू प्रसाद यादव के सिद्धांतों और सामाजिक न्याय की राजनीति को आगे बढ़ाना है। उन्होंने दावा किया कि वह पार्टी के विचारों को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी राजनीतिक प्रतिबद्धता सिर्फ किसी पद की उम्मीद पर आधारित नहीं है।
तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाने की इच्छा
भाई वीरेंद्र ने RJD के मौजूदा नेतृत्व को लेकर भी अपनी स्थिति साफ की। उन्होंने कहा कि वह तेजस्वी यादव को बिहार का मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं।
उनके मुताबिक, पार्टी और नेतृत्व के प्रति उनकी निष्ठा किसी व्यक्तिगत पद से जुड़ी हुई नहीं है। उन्होंने लंबे समय से RJD के साथ बने रहने को अपने राजनीतिक फैसले के तौर पर पेश किया।
यह बयान ऐसे समय आया है जब बिहार की राजनीति में RJD के भीतर नेताओं के बयानों और संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर लगातार चर्चा होती रहती है।
पार्टी के अंदर चल रही बयानबाजी पर क्या बोले?
RJD विधायक ने कहा कि उन्हें अच्छी तरह पता है कि उनके खिलाफ क्या चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग खुद को बचाने और अपनी कमियों पर पर्दा डालने के लिए उन्हें निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वह हर छोटी-बड़ी बात पर प्रतिक्रिया देने वाले व्यक्ति नहीं हैं। उनके मुताबिक, उन्हें अपनी राजनीतिक भूमिका और पार्टी के लिए किए गए काम के बारे में पूरी जानकारी है।
पार्टी प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव को लेकर नाराजगी जताने के बाद भाई वीरेंद्र का यह बयान RJD के अंदर चल रही राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दे सकता है।
पेपर लीक मामले पर भी सरकार को घेरा
भाई वीरेंद्र ने झारखंड में पेपर लीक के खिलाफ छात्रों और युवाओं के आंदोलन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देशभर में बड़ी संख्या में छात्र और युवा अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
उन्होंने कहा कि जब युवा अपने अधिकार और भविष्य के लिए एकजुट होकर आवाज उठाते हैं तो सरकारों को उनकी बात सुननी पड़ती है। उनके अनुसार, पेपर लीक जैसे मामलों का सीधा असर विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ता है।
भाई वीरेंद्र ने सरकारों से छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लेने की अपील की।
सम्राट चौधरी से मुलाकात पर भी दी सफाई
इस बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ भाई वीरेंद्र की एक तस्वीर सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। इसे लेकर उनके RJD छोड़ने की संभावनाओं तक की अटकलें लगाई जाने लगीं।
भाई वीरेंद्र ने अब इस मुलाकात को लेकर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं हुई थी।
उनके मुताबिक, वह अपने विधानसभा क्षेत्र से जुड़े विकास कार्यों को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे थे। क्षेत्र के विकास से संबंधित विषयों पर मुख्यमंत्री से बातचीत करना उनकी जिम्मेदारी का हिस्सा है।
बयान के बाद फिर तेज हुई राजनीतिक चर्चा
भाई वीरेंद्र के ताजा बयान में तीन अहम बातें सामने आईं—RJD के साथ उनका पुराना जुड़ाव, लालू प्रसाद यादव के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाने की इच्छा।
इसके साथ ही डिप्टी सीएम पद को लेकर किया गया उनका दावा राजनीतिक रूप से सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला हिस्सा है। हालांकि, यह एक काल्पनिक राजनीतिक परिस्थिति को लेकर उनका व्यक्तिगत बयान है।
सम्राट चौधरी से मुलाकात पर सफाई के बाद फिलहाल भाई वीरेंद्र ने RJD छोड़ने की किसी संभावना को लेकर कोई संकेत नहीं दिया है। ऐसे में उनकी ओर से पार्टी के साथ बने रहने और तेजस्वी यादव के नेतृत्व का समर्थन करने वाला रुख स्पष्ट दिखाई देता है।
