Nivedita Menon Viral Video: 'मनहूस देश' बयान पर छिड़ी बहस, जानें पूरा मामला
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Nivedita Menon Viral Video सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसे लेकर देशभर में बहस छिड़ गई है। Nivedita Menon Viral Video में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की पूर्व प्रोफेसर निवेदिता मेनन एक इंटरव्यू के दौरान भारत के संदर्भ में "इस मनहूस देश" शब्दों का इस्तेमाल करती सुनाई देती हैं। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इस बयान की कड़ी आलोचना कर रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि पूरे इंटरव्यू को संदर्भ सहित देखा जाना चाहिए। फिलहाल इस वायरल वीडियो पर निवेदिता मेनन की ओर से कोई नया सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है।
इंटरव्यू में उन्होंने पिछले कुछ वर्षों के सामाजिक-राजनीतिक माहौल, मुस्लिम समुदाय, विरोध प्रदर्शनों, बुलडोजर कार्रवाई और अभिनेता आमिर खान के पुराने बयान का भी उल्लेख किया। इन्हीं टिप्पणियों के बाद यह इंटरव्यू चर्चा का विषय बन गया।
वायरल इंटरव्यू में क्या कहा गया?
इंटरव्यू के दौरान निवेदिता मेनन ने कहा कि एक विरोध प्रदर्शन के बाद कुछ लोगों को ऐसा महसूस हुआ कि उनके लिए भी जगह है। इसी संदर्भ में उन्होंने भारत के लिए "इस मनहूस देश" शब्दों का प्रयोग किया।
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 10–12 वर्षों में मुस्लिम समुदाय के बीच असुरक्षा की भावना बढ़ी है। बातचीत के दौरान उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई और सामाजिक माहौल का भी जिक्र किया।
उनके इसी बयान का छोटा हिस्सा सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है, जिसके बाद विवाद और बहस दोनों तेज हो गए हैं।
आमिर खान का उदाहरण भी दिया
इंटरव्यू में निवेदिता मेनन ने अभिनेता आमिर खान के पुराने बयान का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि आमिर खान ने उस समय केवल अपनी पत्नी किरण राव की चिंता का जिक्र किया था, लेकिन उसके बाद उन्हें व्यापक आलोचना का सामना करना पड़ा। उनके अनुसार, इस घटना का असर सार्वजनिक बहस और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर भी पड़ा।
यह टिप्पणी भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।
प्रदर्शन और मुस्लिम समुदाय पर क्या कहा?
बातचीत के दौरान निवेदिता मेनन ने कहा कि कुछ विरोध प्रदर्शनों के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों को लगा कि उनकी बात सुनी जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में इस मुद्दे पर फिर से आंदोलन की आवश्यकता पड़ सकती है। बातचीत में उन्होंने वामपंथी दलों और विशेष रूप से CPI(M) के विरोध प्रदर्शनों का भी उल्लेख किया।
हालांकि, इन टिप्पणियों पर अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक समूहों की राय अलग-अलग है।
सोशल मीडिया पर क्यों मचा विवाद?
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
कई यूजर्स ने भारत के संदर्भ में "मनहूस देश" जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई और इसकी आलोचना की।
वहीं दूसरी ओर, कुछ लोगों का कहना है कि वीडियो का केवल एक हिस्सा वायरल हो रहा है और पूरे इंटरव्यू का संदर्भ समझे बिना निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए।
फिलहाल इस मामले में किसी सरकारी एजेंसी या संबंधित संस्थान की ओर से किसी आधिकारिक कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।
कौन हैं निवेदिता मेनन?
निवेदिता मेनन देश की जानी-मानी राजनीतिक विचारक, लेखिका और शिक्षाविद हैं।
वह जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के सेंटर फॉर कम्पेरेटिव पॉलिटिक्स एंड पॉलिटिकल थ्योरी में प्रोफेसर रह चुकी हैं और वर्ष 2025 में सेवानिवृत्त हुईं।
इससे पहले उन्होंने लेडी श्रीराम कॉलेज और दिल्ली विश्वविद्यालय में भी अध्यापन किया। राजनीति, लोकतंत्र, जेंडर और समाज से जुड़े विषयों पर उन्होंने कई पुस्तकें लिखी हैं, जिनमें Seeing Like a Feminist और Power and Contestation: India Since 1989 प्रमुख हैं।
आगे क्या हो सकता है?
फिलहाल यह मामला मुख्य रूप से सोशल मीडिया और सार्वजनिक बहस तक सीमित है।
यदि निवेदिता मेनन की ओर से कोई स्पष्टीकरण या नया बयान आता है या किसी सरकारी अथवा संस्थागत स्तर पर कोई कार्रवाई होती है, तो मामले की दिशा बदल सकती है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह विवाद वायरल वीडियो और उस पर आई प्रतिक्रियाओं के इर्द-गिर्द केंद्रित है।
एक नजर में पूरी खबर
- JNU की पूर्व प्रोफेसर निवेदिता मेनन का इंटरव्यू सोशल मीडिया पर वायरल।
- इंटरव्यू में भारत के संदर्भ में "इस मनहूस देश" शब्दों के इस्तेमाल पर विवाद।
- बातचीत में मुस्लिम समुदाय, विरोध प्रदर्शन, बुलडोजर कार्रवाई और आमिर खान के पुराने बयान का भी जिक्र।
- सोशल मीडिया पर बयान को लेकर पक्ष और विपक्ष में बहस तेज।
- फिलहाल निवेदिता मेनन की ओर से इस वायरल वीडियो पर कोई नया सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है।
