बिहार कृषि यंत्र अनुदान योजना: लिस्ट और आवेदन की पूरी प्रक्रिया
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राम-राम किसान भाइयों! आधुनिक खेती से बढ़ेगी पैदावार और घटेगी लागत
हमारे बिहार की मिट्टी इतनी उपजाऊ है कि अगर सही पसीना बहाया जाए, तो सोना उगल दे। लेकिन भाइयों, ज़मीनी हकीकत यह भी है कि आज के समय में सिर्फ कुदाल, हल और पारंपरिक तरीकों से खेती करके पेट पालना बहुत मुश्किल हो गया है। समय पर मजदूर नहीं मिलते, जुताई और बुवाई का खर्च बढ़ता जा रहा है, और अगर मौसम ने जरा सा धोखा दे दिया तो फसल की लागत निकालना भारी पड़ जाता है।
ऐसे में खेती को मुनाफे का सौदा बनाने का एक ही रास्ता है – आधुनिक कृषि यंत्रों (Modern Agricultural Machinery) का इस्तेमाल करना। चाहे रोटावेटर से खेत तैयार करना हो, सीड ड्रिल से बुवाई करनी हो, या कंबाइन हार्वेस्टर से समय पर कटाई करनी हो, ये मशीनें काम को आसान और तेज बना देती हैं। लेकिन हम जानते हैं कि इन मशीनों की कीमत इतनी ज्यादा होती है कि आम किसान के लिए इन्हें खरीदना एक सपने जैसा लगता है।
इसी समस्या का हल निकालने के लिए बिहार सरकार का कृषि विभाग 'कृषि यांत्रिकरण योजना' (OFMAS / FARMECH Portal) चलाता है। इस योजना के तहत किसानों को 80 से भी ज्यादा कृषि उपकरणों पर 40% से लेकर 80% तक की भारी सब्सिडी दी जाती है।
लेकिन दिक्कत यह है कि हमारे गांव-देहात के किसानों को सही जानकारी ही नहीं मिल पाती कि Krishi Yantra Subsidy Yojana ki list aur aavedan की पूरी प्रक्रिया क्या है। कौन-कौन से यंत्र पर कितना पैसा छूट मिल रहा है और कैसे बिना किसी बिचौलिए को एक रुपया दिए मोबाइल से फॉर्म भरा जा सकता है? एक पत्रकार होने के नाते मैं हर दिन ब्लॉक और पंचायतों में किसानों की यह परेशानी देखता हूँ। इसीलिए आज इस विस्तृत गाइड में मैं आपको लिस्ट देखने से लेकर बैंक खाते में सब्सिडी आने तक का पूरा सच आसान भाषा में बताऊंगा।
बिहार कृषि यंत्र अनुदान योजना (OFMAS / FARMECH) क्या है?
सरल शब्दों में कहें तो बिहार सरकार हर साल कृषि यंत्रों की खरीद पर करोड़ों रुपये का बजट जारी करती है। इस योजना का संचालन कृषि विभाग के OFMAS (Online Farm Machinery Management System) और FARMECH Portal के माध्यम से किया जाता है।
इस योजना के तहत छोटी-बड़ी 80 से ज्यादा कृषि मशीनों को शामिल किया गया है। सरकार का मकसद यह है कि बिहार के छोटे और सीमांत किसान भी आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल कर सकें। योजना में सामान्य वर्ग के किसानों के साथ-साथ अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) के किसानों को विशेष प्राथमिकता और ज्यादा सब्सिडी दी जाती है।
योजना के मुख्य आकर्षण:
पारदर्शी प्रक्रिया: सब कुछ पोर्टल पर ऑनलाइन होता है, जिससे बिचौलियों का खेल खत्म हो जाता है।
विभिन्न प्रकार के यंत्र: ट्रैक्टर, रोटावेटर, पावर टिलर से लेकर थ्रेशर, स्ट्रॉ रीपर और मिनी राइस मिल तक पर अनुदान उपलब्ध है।
कस्टम हायरिंग सेंटर (Custom Hiring Center): अगर कोई किसान समूह या जीविका दीदी का समूह खुद का मशीन बैंक खोलना चाहता है, तो उसे 8 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिलती है।
DBT के जरिए भुगतान: सब्सिडी का पैसा सीधे आपके आधार से जुड़े बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाता है।
कृषि यंत्रों की पूरी लिस्ट और सब्सिडी दर (Krishi Yantra Subsidy Yojana List)
किस मशीन पर सरकार कितना पैसा दे रही है, यह जानना हर किसान के लिए सबसे जरूरी है। नीचे मैंने बिहार सरकार द्वारा मुख्य कृषि यंत्रों पर दी जाने वाली सब्सिडी की एक विस्तृत तालिका (Table) बनाई है:
| कृषि यंत्र का नाम (Machine Name) | सामान्य वर्ग (General/OBC) सब्सिडी | SC / ST / EBC वर्ग सब्सिडी | अधिकतम अनुदान सीमा (Cap Amount) |
| ट्रैक्टर (Tractor - Up to 20-35 HP) | 40% से 50% | 50% तक | ₹1,00,000 से ₹1,50,000 तक |
| रोटावेटर (Rotavator) | 40% से 50% | 50% से 60% | ₹35,000 से ₹45,000 तक |
| पावर टिलर (Power Tiller) | 40% | 50% | ₹65,000 से ₹85,000 तक |
| कंबाइन हार्वेस्टर (Combine Harvester) | 40% | 50% | ₹5,00,000 तक |
| स्ट्रॉ रीपर / रीपर बाइंड (Straw Reaper) | 40% | 50% | ₹1,00,000 से ₹1,25,000 तक |
| सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल (Seed Drill) | 50% | 60% | ₹15,00,000 से ₹20,00,000 तक |
| मल्टीक्रॉप थ्रेशर (Multicrop Thresher) | 40% | 50% | ₹40,00,000 से ₹50,00,000 तक |
| पंपसेट (Diesel/Electric Pumpset) | 50% | 60% | ₹10,00,000 से ₹15,00,000 तक |
| कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC / Yantra Bank) | 40% | 80% तक (विशेष समूह) | ₹4,00,000 से ₹8,00,000 तक |
(नोट: सरकार हर वित्तीय वर्ष में यंत्रों की सूची और सब्सिडी दरों में थोड़ा बहुत संशोधन कर सकती है। आवेदन करने से पहले पोर्टल पर जारी ताज़ा विज्ञापन ज़रूर देख लें।)
पात्रता और जरूरी दस्तावेज (Eligibility & Documents Required)
यदि आप इस योजना के तहत आवेदन करना चाहते हैं, तो आपके पास कुछ जरूरी योग्यताएं और कागजात होने चाहिए। अगर इनमें से एक भी चीज़ गायब रही, तो पोर्टल पर आपका फॉर्म Submit ही नहीं होगा या बाद में Reject कर दिया जाएगा।
कौन-कौन पात्र है?
बिहार का निवासी: आवेदक का बिहार राज्य का मूल निवासी होना अनिवार्य है।
किसान पंजीकरण (Farmer Registration): बिहार के DBT Agriculture Portal पर आपका 13 अंकों का किसान रजिस्ट्रेशन नंबर होना चाहिए।
ज़मीन के कागजात: आपके पास अपने नाम पर या वंशावली के अनुसार वैध ज़मीन के कागजात (LPC या ताज़ा रसीद) होने चाहिए। (कुछ छोटे यंत्रों के लिए ज़मीन की बंदिश नहीं होती)।
पिछले 5 सालों का रिकॉर्ड: नियम के मुताबिक, जिस यंत्र के लिए आप अप्लाई कर रहे हैं, उस पर पिछले 5 वर्षों में आपने पहले सब्सिडी न ली हो।
जरूरी कागजात (Documents List):
किसान पंजीकरण संख्या (13 Digits DBT ID)
आधार कार्ड (Aadhaar Card) (मोबाइल नंबर से लिंक होना अनिवार्य)
जमीन की अद्यतन रसीद या एलपीसी (LPC / Land Receipt)
बैंक पासबुक (Bank Passbook) (जिसमें IFSC कोड और खाता संख्या साफ दिखे)
जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate) (यदि आप SC, ST या EBC श्रेणी के तहत अधिक सब्सिडी का दावा कर रहे हैं)
पासपोर्ट साइज फोटो
कोटेशन (Quotation): आप जिस अधिकृत डीलर से मशीन खरीदना चाहते हैं, उससे प्राप्त एस्टीमेट/बिल की प्रति।
Step-by-Step Guide: कृषि यंत्र सब्सिडी के लिए Online Apply कैसे करें?
भाइयों, अब मैं आपको सबसे महत्वपूर्ण भाग बता रहा हूँ कि कैसे आप खुद अपने मोबाइल या नजदीकी वसुधा केंद्र (CSC) से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
स्टेप 1: आधिकारिक पोर्टल खोलें
सबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर के ब्राउज़र में टाइप करें: farmech.bih.nic.in (यह बिहार सरकार के कृषि यांत्रिकरण योजना का आधिकारिक पोर्टल है)।
स्टेप 2: फार्मर कॉर्नर पर जाएं
वेबसाइट के होमपेज पर आपको 'Farmer Corner' या 'किसान आवेदन' का विकल्प दिखाई देगा। उस पर क्लिक करें। वहां आपको 'Application Entry' या 'ऑनलाइन आवेदन करें' का बटन मिलेगा, उस पर जाएं।
Step 3: किसान पंजीकरण नंबर दर्ज करें
अब आपके सामने एक नया पेज खुलेगा। वहां अपना 13 अंकों का डीबीटी किसान रजिस्ट्रेशन नंबर (Registration ID) डालें और 'Get Details' पर क्लिक करें।
Step 4: व्यक्तिगत जानकारी का मिलान करें
रजिस्ट्रेशन नंबर डालते ही आपकी पूरी जानकारी (नाम, पिता का नाम, जिला, ब्लॉक, पंचायत, मोबाइल नंबर) स्क्रीन पर दिखाई देगी। जांच लें कि सब सही है।
Step 5: यंत्र (Machine) और डीलर का चयन करें
स्क्रीन पर उपलब्ध कृषि यंत्रों की लिस्ट खुलेगी। आप जिस मशीन को खरीदना चाहते हैं, उसे चुनें।
इसके बाद आपको अपने जिले या आसपास के अधिकृत निर्माताओं/डीलरों (Authorized Dealers) की सूची में से अपने मनपसंद डीलर का चुनाव करना होगा।
Step 6: दस्तावेज अपलोड करें
अब मांगे गए सभी जरूरी कागजात (जैसे LPC, जाति प्रमाण पत्र, कोटेशन आदि) की स्कैन की हुई कॉपी (PDF या JPEG फॉर्मेट) अपलोड करें। ध्यान रखें कि फाइल का साइज पोर्टल द्वारा बताए गए लिमिट के अंदर ही होना चाहिए।
Step 7: OTP वेरिफिकेशन और सबमिट
सारी जानकारी भरने के बाद 'Submit' बटन पर क्लिक करें। आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक OTP आएगा। OTP दर्ज करके वेरिफिकेशन पूरा करें और फॉर्म को Final Submit कर दें।
Step 8: पावती रसीद (Acknowledgement Slip) प्रिंट करें
आवेदन पूरा होने के बाद स्क्रीन पर एक रसीद (Application ID) दिखेगी। इसे प्रिंट कर लें या अपने मोबाइल में PDF के रूप में सुरक्षित रख लें। यही रसीद भविष्य में आपके काम आएगी।
आवेदन के बाद क्या होता है? (लॉटरी, परमिट और सब्सिडी भुगतान)
बहुत से किसान भाइयों को लगता है कि फॉर्म भर दिया तो काम खत्म हो गया। ऐसा नहीं है, भाइयों! आवेदन के बाद की प्रक्रिया को समझना बहुत ज़रूरी है ताकि आपका पैसा न अटके:
1. आवेदनों की जांच और लॉटरी (Online Lottery)
यदि किसी ज़िले या ब्लॉक में तय लक्ष्य से ज्यादा आवेदन आ जाते हैं, तो कृषि विभाग पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ऑनलाइन लॉटरी (Online Lottery System) आयोजित करता है। एनआईसी (NIC) द्वारा कंप्यूटराइज्ड लॉटरी के ज़रिए लाभार्थियों का चयन किया जाता है।
2. परमिट (Sanction Letter) जारी होना
लॉटरी में नाम आने के बाद आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर मैसेज आता है और पोर्टल पर आपके नाम से परमिट (स्वीकृति पत्र) जारी कर दिया जाता है।
3. यंत्र की खरीद
परमिट जारी होने के बाद आपको निर्धारित समय (सामान्यतः 15 से 21 दिनों के भीतर) में अपने चुने हुए अधिकृत डीलर के पास जाकर मशीन खरीदनी होती है। आपको मशीन की पूरी कीमत चुकानी होती है या डीलर के साथ तालमेल बनाना होता है।
4. भौतिक सत्यापन (Physical Verification)
मशीन खरीदने के बाद डीलर उसका पक्का बिल (GST Invoice) और मशीन का सीरियल नंबर पोर्टल पर अपलोड करता है। इसके बाद प्रखंड कृषि पदाधिकारी (BAO) या कृषि समन्वयक (Agriculture Coordinator) आपके पास आकर मशीन की जांच और जियो-टैगिंग (Geo-tagging) वाली फोटो खींचते हैं।
5. बैंक खाते में सब्सिडी
सत्यापन रिपोर्ट ओके होने के बाद, सब्सिडी की राशि सीधे आपके आधार से जुड़े बैंक खाते में DBT के माध्यम से ट्रांसफर कर दी जाती है।
आवेदन की स्थिति (Status) और लॉटरी रिजल्ट कैसे चेक करें?
अगर आपने आवेदन कर दिया है और यह जानना चाहते हैं कि आपकी फाइल कहां तक पहुंची, तो इन स्टेप्स को फॉलो करें:
farmech.bih.nic.in पोर्टल पर जाएं।
होमपेज पर 'Application Status' या 'आवेदन की स्थिति' विकल्प पर क्लिक करें।
अपना Application ID / किसान रजिस्ट्रेशन नंबर डालें।
स्क्रीन पर दिख जाएगा कि आपका आवेदन स्वीकार हुआ है, पेंडिंग है, या लॉटरी में आपका नाम आया है या नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. क्या बिना डीबीटी किसान पंजीकरण के कृषि यंत्र सब्सिडी मिल सकती है?
उत्तर: बिल्कुल नहीं। बिहार सरकार की किसी भी कृषि योजना का लाभ उठाने के लिए dbtagriculture.bihar.gov.in पर किसान रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य है।
2. क्या एक किसान एक साथ 2 या 3 मशीनों के लिए आवेदन कर सकता है?
उत्तर: हां, यदि योजना के नियम उस वित्तीय वर्ष में अनुमति देते हैं, तो आप एक से अधिक अलग-अलग प्रकार के यंत्रों (जैसे रोटावेटर और थ्रेशर) के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, एक ही प्रकार का यंत्र पिछले 5 सालों में दोबारा सब्सिडी पर नहीं मिलेगा।
3. लॉटरी में नाम आने के बाद यदि मशीन न खरीदें तो क्या होगा?
उत्तर: यदि परमिट जारी होने की तय तारीख के अंदर आप मशीन नहीं खरीदते हैं, तो आपका परमिट अपने आप रद्द (Cancel) हो जाता है और मौका वेटिंग लिस्ट वाले दूसरे किसान भाई को दे दिया जाता है।
4. क्या बटाईदार (गैर-रैयत) किसान भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं?
उत्तर: छोटे कृषि यंत्रों (जैसे स्प्रे पंप, मैनुअल टूल्स) के लिए बटाईदार किसान भी आवेदन कर सकते हैं, लेकिन बड़े यंत्रों (जैसे ट्रैक्टर, कंबाइन हार्वेस्टर) के लिए ज़मीन के कागजात (LPC) होना अनिवार्य होता है।
5. सब्सिडी का पैसा डीलर को मिलता है या किसान को?
उत्तर: बिहार सरकार की नीति के अनुसार, सब्सिडी का पैसा सीधे लाभार्थी किसान के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के ज़रिए भेजा जाता है।
आखिरी बात और मेरी सलाह
किसान भाइयों, ज़माने के साथ बदलना ही समझदारी है। अगर हम आज भी पुरानी तकनीकों से खेती करते रहेंगे, तो मेहनत ज्यादा लगेगी और मुनाफा कम होगा। बिहार सरकार की कृषि यंत्र अनुदान योजना एक ऐसा मौका है जिसका फायदा हर छोटे-बड़े किसान को उठाना चाहिए।
बिचौलियों या दलालों के झांसे में बिल्कुल न आएं जो आपसे पैसा पास कराने के नाम पर घूस मांगते हैं। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और कंप्यूटर से लॉटरी के आधार पर होती है। अगर आपको ऑनलाइन फॉर्म भरने में दिक्कत आती है, तो अपने पंचायत के किसान सलाहकार (Kisan Salahkar), कृषि समन्वयक या नजदीकी वसुधा केंद्र पर जाकर मदद लें।
पोर्टल खुलने की तारीखों पर नज़र रखें, अपने कागज़ात पहले से तैयार रखें और सही समय पर आवेदन करके इस योजना का पूरा लाभ उठाएं। अपनी खेती को आधुनिक बनाएं, खुशहाल रहें और प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ें!
