बिहार डीजल अनुदान योजना 2026: Online Form कैसे भरें?

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राम-राम किसान भाइयों! सूखे की मार और डीजल अनुदान का सहारा

कैसे हैं आप सब? हमारे बिहार का किसान आसमान की तरफ टकटकी लगाए रहता है कि कब बादल घिरेंगे और कब खेतों की प्यास बुझेगी। लेकिन मौसम का क्या भरोसा? कभी बाढ़ से फसल डूब जाती है, तो कभी बारिश न होने से खेत सूखकर फटने लगते हैं। खास तौर पर धान की रोपनी और गेहूं की बुवाई के समय अगर बारिश धोखा दे दे, तो किसान की जान हलक में आ जाती है। फसल बचाने के लिए हमें मजबूरन पंपसेट (Diesel Pump) चलाना पड़ता है। आज के समय में डीजल इतना महंगा हो गया है कि सिंचाई करने में ही किसान की कमर टूट जाती है।

आपकी इसी बड़ी मजबूरी और दर्द को समझते हुए, बिहार सरकार ने डीजल अनुदान योजना (Diesel Anudan Yojana) चला रखी है। जब बारिश कम होती है और सूखा पड़ता है, तो सरकार खेत की सिंचाई के लिए खरीदे गए डीजल पर आपको सब्सिडी यानी कुछ पैसा वापस करती है। यह पैसा सीधे आपके बैंक खाते में आता है।

लेकिन, हमारे बहुत से किसान भाई जानकारी के अभाव में इसका फायदा नहीं उठा पाते। कोई पेट्रोल पंप से पक्की रसीद लेना भूल जाता है, तो किसी का Form छोटी सी गलती से Reject हो जाता है। एक स्थानीय पत्रकार के तौर पर मैं अक्सर ब्लॉक और कृषि कार्यालयों में किसानों को परेशान होते देखता हूँ। इसीलिए, आज मैं आपको बिल्कुल अपनी देहाती और आसान भाषा में समझाऊंगा कि Diesel Anudan Yojana Bihar online form fillup कैसे करना है। अगर आप इस लेख को ध्यान से पढ़ लेंगे, तो आपका एक भी पैसा नहीं फँसेगा।

डीजल अनुदान योजना: कितना पैसा मिलता है और नियम क्या हैं?

भाइयों, फॉर्म भरने से पहले यह जान लेना बहुत जरूरी है कि सरकार आपको कितना पैसा दे रही है और उसके नियम क्या हैं। देखिए, सरकार यह पैसा आपको प्रति एकड़ (Acre) और प्रति सिंचाई के हिसाब से देती है।

  • सब्सिडी की दर: सरकार आपको प्रति लीटर डीजल पर ₹75 की सब्सिडी देती है।

  • एक एकड़ का हिसाब: एक एकड़ खेत की एक बार सिंचाई करने के लिए सरकार 10 लीटर डीजल का पैसा देती है। यानी 1 एकड़ की एक सिंचाई पर आपको सीधे ₹750 मिलेंगे।

  • अधिकतम सीमा: आप अधिकतम 8 एकड़ ज़मीन के लिए ही Online Apply कर सकते हैं।

  • कितनी बार मिलेगा: धान की फसल, मक्का या जूट के लिए आमतौर पर 2 से 3 सिंचाई तक का पैसा मिलता है। वहीं खरीफ या रबी की अन्य फसलों के लिए सरकार मौसम के हिसाब से 3 से 4 सिंचाई तक की छूट देती है।

रैयत और गैर-रैयत (बटाईदार) दोनों को मिलेगा फायदा

हमारे बिहार में बहुत से किसान अपनी ज़मीन पर नहीं, बल्कि दूसरे की ज़मीन पर बटाई (Gair-Raiyat) पर खेती करते हैं। सरकार ने इस बात का पूरा ध्यान रखा है।

  • रैयत (जिनकी अपनी जमीन है): इन्हें अपनी ज़मीन की करेंट रसीद (LPC) देनी होती है।

  • गैर-रैयत (बटाईदार): इन्हें एक फॉर्म (घोषणा पत्र) पर अपने वार्ड सदस्य (Ward Sadasya) और पंचायत के कृषि समन्वयक (Agriculture Coordinator) से हस्ताक्षर करवा कर Upload करना होता है।

ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए जरूरी कागजात (Documents Required)

बिना हथियार के जंग नहीं जीती जाती। उसी तरह, Online Portal पर बैठने से पहले अपने पास ये सारे कागज़ एकदम तैयार रखें, वरना फॉर्म भरते समय बार-बार दौड़ना पड़ेगा:

  1. किसान पंजीकरण संख्या (DBT Registration Number): इसके बिना बिहार में कोई भी कृषि फॉर्म नहीं भरा जा सकता।

  2. आधार कार्ड (Aadhaar Card): जो बैंक खाते और मोबाइल नंबर से जुड़ा हो।

  3. बैंक पासबुक (Bank Passbook): आपका खाता NPCI/DBT से लिंक होना चाहिए।

  4. जमीन की रसीद (LPC / Current Receipt): अगर आप रैयत किसान हैं।

  5. डीजल की पक्की रसीद (Cash Memo): यह सबसे जरूरी है। आप जिस पेट्रोल पंप से डीजल खरीदें, वहां से पक्का बिल लें (Computerized Receipt)।

    • पत्रकार की खास टिप: पेट्रोल पंप से जो बिल मिले, उस पर पेन से अपना 13 अंकों का किसान रजिस्ट्रेशन नंबर (Registration No.) और हस्ताक्षर जरूर कर दें। बिना इसके रसीद Upload करेंगे, तो अधिकारी आपका Form तुरंत Reject कर देंगे।

  6. गैर-रैयत घोषणा पत्र: बटाईदार किसानों के लिए वार्ड सदस्य से साइन किया हुआ फॉर्म।

Diesel Anudan Yojana Bihar Online Form Fillup: स्टेप-बाय-स्टेप पूरी प्रक्रिया

अब बात करते हैं मुख्य मुद्दे की। आप चाहें तो अपने गांव के वसुधा केंद्र (CSC) पर जा सकते हैं, या अगर आपके पास स्मार्टफोन/कंप्यूटर है, तो खुद भी Apply कर सकते हैं। बस नीचे दिए गए इन Steps को ध्यान से फॉलो करें:

Step 1: आधिकारिक Portal पर जाएं

सबसे पहले इंटरनेट खोलें और बिहार सरकार की कृषि विभाग वाली वेबसाइट dbtagriculture.bihar.gov.in पर जाएं। यह वही Portal है जहाँ से आप किसान रजिस्ट्रेशन करते हैं।

Step 2: डीजल अनुदान आवेदन लिंक पर क्लिक करें

होमपेज पर आपको "ऑनलाइन आवेदन करें" (Apply Online) का एक मेनू दिखेगा। उसमें से "डीजल अनुदान आवेदन" (Diesel Anudan Apply) पर Click करें।

Step 3: अनुदान का प्रकार और रजिस्ट्रेशन नंबर डालें

एक नया पेज खुलेगा। यहाँ आपको 'अनुदान का प्रकार' में 'डीजल अनुदान' चुनना है। इसके बाद नीचे बने बॉक्स में अपना 13 अंकों का किसान पंजीकरण संख्या (Registration Number) दर्ज करें और 'Search' बटन पर क्लिक करें।

Step 4: अपनी जानकारी की जांच करें

सर्च करते ही आपकी सारी जानकारी (नाम, पिता का नाम, जिला, पंचायत, बैंक खाता) स्क्रीन पर आ जाएगी। इसे ध्यान से देख लें कि यह सही है या नहीं।

Step 5: ज़मीन और फसल की Details भरें (बहुत ध्यान से!)

अब पेज को थोड़ा नीचे करें। यहाँ आपको अपनी ज़मीन और सिंचाई की जानकारी भरनी है:

  • मौसम: खरीफ, रबी या गरमा (जिस मौसम के लिए अप्लाई कर रहे हैं) चुनें।

  • फसल का नाम: धान का बिचड़ा, मक्का, या जो भी फसल हो, उसे चुनें।

  • सिंचाई की संख्या: आप पहली, दूसरी या तीसरी सिंचाई के लिए अप्लाई कर रहे हैं, वो List में से चुनें।

  • किसान का प्रकार: आप रैयत हैं, गैर-रैयत हैं या दोनों हैं।

  • जमीन का विवरण: यहाँ आपको अपना खाता नंबर (Khata), खेसरा नंबर (Khesra), थाना नंबर (Thana No.) और कुल सिंचित रकबा (Dismil में) भरना है। याद रखें, 1 एकड़ में 100 डिसमिल होते हैं।

Step 6: डीजल रसीद (Cash Memo) की जानकारी भरें

फॉर्म में नीचे आपसे डीजल रसीद की Details मांगी जाएगी:

  • आपने कितने रुपये का डीजल खरीदा?

  • रसीद की तारीख (Date) क्या है? (तारीख योजना शुरू होने के बाद की होनी चाहिए)।

  • रसीद संख्या (Memo/Invoice Number) क्या है?

  • पेट्रोल पंप का नाम क्या है?

    यह सब भरने के बाद "Get OTP" पर क्लिक करें।

Step 7: OTP Verify करें

आपके आधार और किसान रजिस्ट्रेशन से जुड़े मोबाइल नंबर पर 4 अंकों का एक OTP आएगा। उसे डालकर Validate OTP पर क्लिक करें।

Step 8: डॉक्युमेंट्स Upload करें

OTP सही होने पर नीचे आपको कागज़ Upload करने का ऑप्शन मिलेगा:

  • डीजल की रसीद: जिस पर आपका रजिस्ट्रेशन नंबर लिखा हो (100 KB से कम साइज की JPEG/PDF फाइल)।

  • जमीन की रसीद या घोषणा पत्र: रैयत हैं तो जमीन की रसीद, बटाईदार हैं तो मुखिया/वार्ड द्वारा प्रमाणित फॉर्म Upload करें।

Step 9: Final Submit और Print

सब कुछ सही-सही Upload करने के बाद Final Submit बटन दबा दें। आपका Form सफलता पूर्वक जमा हो जाएगा और स्क्रीन पर एक रिसीविंग (Receipt) आ जाएगी जिसमें आपका आवेदन नंबर (Application Number) लिखा होगा। इसे Print करके या मोबाइल में Save करके सुरक्षित रख लें।

Form भरने के बाद की जमीनी हकीकत (Status and Verification)

किसान भाइयों, फॉर्म भरने के बाद का काम भी समझना बहुत जरूरी है। ऐसा नहीं है कि आपने Apply किया और शाम को खाते में पैसा आ गया।

जब आप Online Form जमा करते हैं, तो वह सबसे पहले आपके पंचायत के कृषि समन्वयक (Agriculture Coordinator) के Portal पर जाता है। वो लोग इसकी जांच करते हैं (कई बार खेत पर आकर भौतिक सत्यापन भी करते हैं कि आपने सच में सिंचाई की है या नहीं)। अगर सब सही मिलता है, तो वो इसे ब्लॉक (Block) स्तर पर भेज देते हैं। वहां से ज़िला (District) होते हुए फाइल राज्य स्तर पर जाती है और तब जाकर DBT के माध्यम से पैसा आपके खाते में गिरता है।

अगर आप अपना Status चेक करना चाहते हैं, तो उसी dbtagriculture.bihar.gov.in पोर्टल पर "आवेदन की स्थिति/Print" वाले विकल्प में जाकर अपना रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर देख सकते हैं कि आपका फॉर्म अभी किस अधिकारी के पास पेंडिंग है।

डीजल अनुदान से जुड़ी महत्वपूर्ण तालिका (Quick Info Table)

जानकारी का प्रकारविवरण (Details)
योजना का नामबिहार डीजल अनुदान योजना (Bihar Diesel Anudan Yojana)
अनुदान राशि₹75 प्रति लीटर (अधिकतम ₹750 प्रति एकड़, प्रति सिंचाई)
अधिकतम ज़मीन की सीमा8 एकड़ (प्रति किसान)
लाभार्थी किसानरैयत (जमीन मालिक) और गैर-रैयत (बटाईदार) दोनों
आवेदन का तरीकापूरी तरह Online (DBT Agriculture Portal के माध्यम से)
पैसा कैसे मिलेगाआधार लिंक बैंक खाते में (DBT द्वारा)

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

सवाल 1: क्या मैं पुरानी डीजल की रसीद (पिछले महीने की) लगाकर Form भर सकता हूँ?

जवाब: नहीं। सरकार हर मौसम (जैसे खरीफ या रबी) के लिए एक तारीख तय करती है। आपकी डीजल की रसीद उसी निर्धारित तारीख के बीच की होनी चाहिए, तभी वह मान्य होगी।

सवाल 2: मेरा Form कृषि समन्वयक ने Reject कर दिया, अब मैं क्या करूँ?

जवाब: Form Reject होने का सबसे बड़ा कारण डीजल रसीद पर रजिस्ट्रेशन नंबर का न लिखा होना या बैंक का आधार से लिंक न होना होता है। Portal पर Status चेक करें, वहां Reject होने का कारण लिखा होता है। आप गलती सुधार कर दोबारा (Re-apply) फॉर्म भर सकते हैं।

सवाल 3: मैं बटाईदार (Gair-Raiyat) हूँ, क्या मुझे ज़मीन मालिक के कागज़ चाहिए?

जवाब: नहीं, आपको ज़मीन मालिक के कागज़ की जरूरत नहीं है। पोर्टल से एक 'गैर-रैयत घोषणा पत्र' (Declaration Form) डाउनलोड करें। उसमें खेत का खाता-खेसरा भरकर अपने वार्ड सदस्य (Ward Sadasya) और कृषि समन्वयक से हस्ताक्षर करवा कर Upload कर दें।

सवाल 4: क्या डीजल अनुदान के लिए CSC केंद्र (वसुधा केंद्र) जाना जरूरी है?

जवाब: बिल्कुल नहीं। अगर आपको मोबाइल या कंप्यूटर चलाना आता है, तो आप dbtagriculture.bihar.gov.in पर जाकर घर बैठे बिल्कुल मुफ्त में खुद Apply कर सकते हैं। वसुधा केंद्र वाले बस फॉर्म भरने का अपना चार्ज लेते हैं।

सवाल 5: मुझे कैसे पता चलेगा कि मेरे खाते में डीजल अनुदान का पैसा आ गया है?

जवाब: पैसा आने पर आपके बैंक से जुड़े मोबाइल नंबर पर SMS आ जाता है। इसके अलावा, आप Portal पर अपना "आवेदन की स्थिति" (Application Status) भी चेक कर सकते हैं कि पैसा भेजा गया है या नहीं।

आखिरी बात

देखिये मेरे किसान भाइयों, खेती करना कोई आसान काम नहीं है। जब ऊपर वाला पानी नहीं देता, तो हमें खुद पसीना और पैसा दोनों बहाना पड़ता है। बिहार सरकार की यह डीजल अनुदान योजना उस समय एक बड़ी राहत बनकर आती है।

लेकिन सरकारी योजनाओं का फायदा तभी मिलता है जब आप जागरूक हों। दलालों के चक्कर में बिल्कुल न पड़ें। अपनी पक्की रसीद लें, उस पर अपना नंबर लिखें और समय रहते Online Portal पर जाकर अपना Form भर दें। एक बार प्रक्रिया समझ आ गई, तो आप न सिर्फ अपना बल्कि अपने आस-पड़ोस के किसानों का भी फॉर्म भरवा सकेंगे।

उम्मीद करता हूँ कि मेरी दी गई यह जानकारी आपके काम आएगी और आपकी फसल लहलहाती रहेगी। अगर आपको फॉर्म भरने में कोई दिक्कत आए, तो सीधा अपने पंचायत के किसान सलाहकार से जाकर मिलें, उनका काम ही आपकी मदद करना है। खेत हरे-भरे रहें, घर में बरकत रहे, यही हमारी दुआ है। राम-राम!

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