बिहार में अगस्त भी तपेगा! सावन में कम बारिश, सितंबर तक सूखे के संकेत

📌 पटना और बिहार के सभी ज़िलों की ताज़ा ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!

👉 WhatsApp से जुड़ें

 


बिहार मौसम अपडेट इस बार किसानों और आम लोगों के लिए चिंता बढ़ाने वाला है। बिहार मौसम अपडेट के अनुसार अगस्त में राज्य के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है, जबकि अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर रह सकता है। मौसम विभाग का अनुमान है कि इस सप्ताह कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होगी, लेकिन उसके बाद उमस भरी गर्मी फिर लोगों को परेशान कर सकती है। लगातार कमजोर मानसून ने खेती, जलस्तर और दैनिक जीवन पर असर डालना शुरू कर दिया है।

अगस्त में कम बारिश और ज्यादा गर्मी का अनुमान

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगस्त महीने में बिहार के अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है। रात के तापमान में भी सामान्य से ऊपर रहने की संभावना जताई गई है।

इस सप्ताह उत्तर बिहार के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, लेकिन पूरे राज्य में व्यापक और लगातार बारिश के संकेत फिलहाल नहीं हैं। ऐसे में बारिश के बाद उमस और गर्मी का असर फिर बढ़ सकता है।

मानसून का आधा सीजन बीता, फिर भी 43% बारिश की कमी

इस वर्ष मानसून समय से पहले बिहार पहुंचा था, लेकिन इसका प्रभाव पूरे राज्य में समान रूप से नहीं दिखा। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 1 अगस्त के बीच राज्य में 512.9 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, जबकि केवल 294.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

यानी अब तक राज्य में लगभग 43 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। यह स्थिति कृषि क्षेत्र के लिए चिंता का विषय मानी जा रही है।

जून और जुलाई में भी कमजोर रहा मानसून

जून और जुलाई के दौरान भी मानसून की गतिविधियां सामान्य से कमजोर रहीं। कई जिलों में लंबे समय तक बारिश नहीं होने से लोगों को भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ा।

हालांकि कुछ इलाकों में भारी बारिश हुई, लेकिन वह पूरे राज्य की वर्षा कमी को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं रही। इससे धान की रोपाई सहित कई कृषि कार्य प्रभावित हुए हैं।

किन जिलों में हुई सबसे अधिक बारिश?

शनिवार को राज्य के कुछ हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई।

  • किशनगंज के तैयबपुर में 74.4 मिमी
  • पूर्णिया के धमदाहा में 43 मिमी
  • किशनगंज के गलगलिया में 35.6 मिमी
  • मुजफ्फरपुर के गायघाट में 34.2 मिमी
  • दरभंगा के बेनीबाद में 24 मिमी
  • अररिया में 15 मिमी
  • पूर्वी चंपारण के तेतरिया में 15.4 मिमी

इसके अलावा शिवहर, सारण, सीवान, बक्सर और मधेपुरा सहित कुछ जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई।

किसानों की बढ़ी चिंता

लगातार कम बारिश का सबसे अधिक असर खेती पर पड़ रहा है। धान की फसल को पर्याप्त पानी नहीं मिलने से कई इलाकों में सिंचाई पर निर्भरता बढ़ गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगस्त और सितंबर में भी बारिश सामान्य से कम रही तो खरीफ फसलों की उत्पादकता प्रभावित हो सकती है। साथ ही जलाशयों और भूजल स्तर पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।

अल नीनो का असर कब तक रहेगा?

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अल नीनो की स्थिति मजबूत होने से मानसून की गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। यदि यह प्रभाव बना रहता है तो सितंबर तक सामान्य से कम बारिश की स्थिति जारी रह सकती है।

मानसून के अंतिम चरण में ट्रफ के नेपाल की तराई की ओर खिसकने की संभावना रहती है। ऐसे में सितंबर के अंत और अक्टूबर की शुरुआत में उत्तर बिहार के कुछ इलाकों में बारिश बढ़ सकती है।

हालांकि यदि देर से अधिक बारिश होती है तो रबी फसल की तैयारी भी प्रभावित हो सकती है। खेतों में अधिक नमी रहने से गेहूं और अन्य रबी फसलों की बुआई में देरी की आशंका जताई जा रही है।

अगले कुछ दिनों का मौसम कैसा रहेगा?

मौसम विभाग के अनुसार रविवार को उत्तर बिहार के कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

राजधानी पटना सहित कई शहरों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी, लेकिन तापमान में अधिक गिरावट की संभावना नहीं है। बारिश रुकने के बाद उमस और गर्मी का असर फिर बढ़ सकता है।

लोगों को गर्मी और आर्द्रता से बचाव के लिए पर्याप्त पानी पीने, धूप में लंबे समय तक रहने से बचने और मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

🛍️ ऑनलाइन शॉपिंग करें
Amazon, Flipkart, Myntra और AJIO पर खरीदारी करें
यहाँ से खरीदारी करने पे एक्स्ट्रा डिस्काउंट मिल सकता है।
Next Post Previous Post
"ताज़ा ख़बरें पाएं"
1