बिहार स्वतंत्रता दिवस पर सम्राट चौधरी ने पहली बार फहराया तिरंगा, जानें बड़े ऐलान

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बिहार स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में पहली बार मुख्यमंत्री के तौर पर तिरंगा फहराया। बिहार स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले उन्होंने परेड की सलामी ली और प्रदेश व देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि, उद्योग, बिजली और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सरकार की प्राथमिकताएं गिनाईं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस देश के उन वीर स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या और बलिदान को याद करने का अवसर है, जिनके संघर्ष से भारत को आजादी मिली। उन्होंने कहा कि बिहार को विकास के नए दौर में ले जाने के लिए सरकार कई क्षेत्रों में लगातार काम कर रही है।

भूमिहीन परिवारों से लेकर शिक्षा और स्वास्थ्य तक पर जोर

गांधी मैदान से अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, औद्योगिक विकास, सामाजिक सुरक्षा और रोजगार सृजन को लेकर प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि 30 हजार भूमिहीन परिवारों को आवास के लिए जमीन उपलब्ध कराई गई है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक राज्य में कई नए विश्वविद्यालय स्थापित किए गए हैं। प्रखंड स्तर पर डिग्री कॉलेजों की स्थापना और मेडिकल कॉलेजों के विस्तार पर भी काम किया जा रहा है।

उन्होंने हर जिले में मॉडल अस्पताल तैयार किए जाने का जिक्र किया। सरकार का दावा है कि इन अस्पतालों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर बेहतर इलाज उपलब्ध कराने और मरीजों को अनावश्यक रूप से दूसरे स्थानों पर रेफर करने की प्रवृत्ति कम करने की कोशिश की जा रही है।

सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर भी मुख्यमंत्री ने सरकार की योजनाओं को सामने रखा। उन्होंने कहा कि राज्य में आधारभूत संरचना के विकास के लिए लगातार काम चल रहा है।

कृषि आधारित उद्योगों से रोजगार बढ़ाने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में ऐसे उद्योगों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिनसे बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिल सके। खास तौर पर किसानों के उत्पादों को उद्योगों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।

सरकार ने नवंबर तक बिहार में 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा है। इसके लिए निवेश आकर्षित करने और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ाने की दिशा में काम किए जाने की बात कही गई।

सम्राट चौधरी ने यह भी कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है, जिसमें हर परिवार से कम से कम एक व्यक्ति को सरकारी या गैरसरकारी क्षेत्र में नौकरी अथवा रोजगार का अवसर मिल सके।

बिहार में चीनी उद्योग को फिर से मजबूत करने की योजना भी सामने रखी गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 25 चीनी मिलों को चालू करने या स्थापित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य बिहार को औद्योगिक और आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।

बिजली के साथ रूफटॉप सोलर पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने बिजली क्षेत्र को लेकर भी सरकार की योजनाएं बताईं। उन्होंने कहा कि बिहार बिजली उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

राज्य में घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की व्यवस्था का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस पर सालाना करीब 23 हजार करोड़ रुपये की लागत आती है। ऐसे में सस्ती बिजली उत्पादन बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है।

बिजली की मांग का दबाव कम करने के लिए अधिक से अधिक घरों में रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे भविष्य में बिजली की जरूरत और उत्पादन के बीच संतुलन बनाने में मदद मिलेगी।

किसानों को सस्ती और समय पर बिजली उपलब्ध कराने की बात भी उन्होंने कही। उनके अनुसार किसानों से बिजली के लिए केवल 55 पैसे प्रति यूनिट की दर से शुल्क लिया जा रहा है। साथ ही 60 लाख से अधिक किसानों को डिजिटल माध्यम से सरकार से जोड़े जाने की जानकारी दी गई।

बारिश के बीच गांधी मैदान में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

स्वतंत्रता दिवस समारोह को देखते हुए पटना के गांधी मैदान में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए थे। बारिश की संभावना को ध्यान में रखते हुए करीब 80 हजार वर्गफीट क्षेत्र में दर्शक दीर्घा के ऊपर शेड लगाया गया था।

समारोह में अलग-अलग श्रेणी के लोगों के लिए प्रवेश के अलग द्वार निर्धारित किए गए थे। विशिष्ट और अतिविशिष्ट अतिथियों के लिए मुख्य द्वार संख्या 10, जबकि प्रेस और मीडिया प्रतिनिधियों के लिए गेट नंबर 9 निर्धारित था।

महिलाओं के लिए गेट नंबर 12 और 13 तथा विद्यार्थियों के लिए गेट नंबर 2, 3 और 4 से प्रवेश की व्यवस्था की गई थी। आम लोगों के लिए गेट नंबर 6 और 7 निर्धारित किए गए थे।

व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांधी मैदान को चार सेक्टर और कई सब-सेक्टर में बांटा गया था। गांधी मैदान और कारगिल स्मृति चौक के आसपास 62 स्थानों पर दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती की गई।

CCTV और ड्रोन से गांधी मैदान की निगरानी

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए गांधी मैदान और आसपास के इलाकों में CCTV कैमरों से निगरानी की गई। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत लगाए गए कैमरों के जरिए भी समारोह स्थल पर नजर रखी गई।

इसके अलावा ड्रोन के माध्यम से गांधी मैदान की निगरानी की गई। पुलिस कार्यालय परिसर स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से पूरे आयोजन की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई।

जिला नियंत्रण कक्ष को तीन पालियों में संचालित रखा गया था। इसके लिए पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई।

बिहार के विकास को लेकर क्या बोले मुख्यमंत्री?

सम्राट चौधरी के स्वतंत्रता दिवस संबोधन में रोजगार, निवेश, कृषि आधारित उद्योग, बिजली, सौर ऊर्जा, शिक्षा और स्वास्थ्य प्रमुख मुद्दे रहे। सरकार ने आने वाले समय में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर जोर देने का संकेत दिया है।

अब इन घोषणाओं को जमीन पर कितनी तेजी से लागू किया जाता है, यह आने वाले महीनों में महत्वपूर्ण रहेगा। खासकर 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश लक्ष्य, चीनी मिलों के पुनरुद्धार और हर परिवार से कम से कम एक व्यक्ति को रोजगार से जोड़ने की योजना पर लोगों की नजर रहेगी।


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