प्रशांत किशोर का गिरिराज सिंह पर बड़ा हमला, बोले- ज्यादा बोले तो खोल देंगे पूरी कुंडली

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बिहार की राजनीति में प्रशांत किशोर और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के बीच जुबानी जंग तेज होती दिख रही है। प्रशांत किशोर इन दिनों अपनी आभार यात्रा के दौरान अलग-अलग इलाकों में लोगों से मुलाकात कर रहे हैं। शुक्रवार को वार्ड नंबर 17 समेत कई क्षेत्रों में पहुंचे जन सुराज नेता ने लोगों की समस्याएं सुनीं और इसी दौरान गिरिराज सिंह पर कई गंभीर सवाल उठाए। प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि गिरिराज सिंह बेगूसराय में कुशवाहा समाज के वोट को ध्यान में रखते हुए बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के समर्थन में बयान दे रहे हैं। उन्होंने इसे जातीय राजनीति से जोड़ते हुए कहा कि जनता इस तरह की राजनीति को समझती है।

'ज्यादा बोलेंगे तो पूरी कुंडली जनता के सामने रख देंगे'

प्रशांत किशोर ने गिरिराज सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि वह पहले भी कई मुद्दों पर बयान देते रहे हैं। उनके मुताबिक, जनता ऐसे बयानों को नजरअंदाज करती रही है। हालांकि, प्रशांत किशोर ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि अगर गिरिराज सिंह जरूरत से ज्यादा बोलेंगे तो उनकी पूरी कुंडली जनता के सामने रख दी जाएगी। उनके इस बयान से बिहार की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। प्रशांत किशोर ने अपने बयान में गिरिराज सिंह की राजनीतिक शैली पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि कुछ मुद्दों पर बोलने के बजाय गंभीर सामाजिक और प्रशासनिक मामलों पर भी नेताओं को अपनी बात रखनी चाहिए।

हिंदू-मुसलमान और 'झटका मीट' पर भी साधा निशाना

प्रशांत किशोर ने गिरिराज सिंह के बयानों को लेकर कहा कि वह अक्सर झटका मीट, हिंदू-मुसलमान, टीका और टिक्की जैसे मुद्दों पर बात करते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसे विषयों पर बोलना ही उनके लिए बेहतर है। उन्होंने आरोप लगाया कि बेगूसराय में एक लड़की को होटल से जबरदस्ती ले जाने के मामले में गिरिराज सिंह ने कोई आवाज नहीं उठाई। इसके साथ ही उन्होंने पटना में NEET छात्रा से जुड़े रेप और हत्या के मामले का भी जिक्र किया। प्रशांत किशोर ने सवाल उठाया कि ऐसे गंभीर मामलों पर नेताओं की आवाज क्यों नहीं सुनाई देती। हालांकि, ये सभी आरोप प्रशांत किशोर के बयान पर आधारित हैं और इन पर गिरिराज सिंह की प्रतिक्रिया का उल्लेख इस उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

टेक्सटाइल मंत्री के काम पर भी प्रशांत किशोर के सवाल

प्रशांत किशोर ने गिरिराज सिंह के केंद्रीय टेक्सटाइल मंत्री होने को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि बिहार में टेक्सटाइल सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए अब तक क्या बड़ा काम हुआ है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर बिहार में टेक्सटाइल से जुड़ी कोई बड़ी फैक्ट्री या परियोजना लगाई गई है तो उसे जनता के सामने बताया जाना चाहिए। प्रशांत किशोर ने दावा किया कि बिहार में इस क्षेत्र में अपेक्षित काम नहीं हुआ है। उन्होंने इसी दौरान गिरिराज सिंह की उम्र का जिक्र करते हुए उनके राजनीतिक भविष्य पर भी टिप्पणी की। यह बयान भी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा है।

शराबबंदी को लेकर भी सरकार पर बरसे प्रशांत किशोर

आभार यात्रा के दौरान प्रशांत किशोर ने बिहार की शराबबंदी नीति को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने मौजूदा शराबबंदी व्यवस्था को प्रभावी नहीं बताते हुए कहा कि राज्य में शराब की अवैध बिक्री अब भी जारी है। उनका आरोप है कि शराबबंदी के बावजूद अवैध कारोबार पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। उन्होंने पुलिस और शराब माफिया के बीच कथित मिलीभगत का भी आरोप लगाया। प्रशांत किशोर ने कहा कि शराब की उपलब्धता पर रोक लगाने की कोशिशों के बीच बिहार में सूखे नशे का खतरा बढ़ रहा है। उनके मुताबिक, यदि इस समस्या पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में इसका सामाजिक असर गंभीर हो सकता है।

'शराबबंदी के बाद नशे का रूप बदल रहा'

प्रशांत किशोर ने दावा किया कि बिहार में नशे की समस्या खत्म होने के बजाय उसका स्वरूप बदल रहा है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी के नाम पर बनी मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा जरूरी है। उनके मुताबिक, सूखे नशे की बढ़ती समस्या युवाओं और परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। उन्होंने सरकार से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की। यह बयान ऐसे समय आया है जब बिहार में शराबबंदी लंबे समय से राजनीतिक बहस का विषय बनी हुई है। सत्ता पक्ष जहां नीति को सामाजिक सुधार से जोड़ता रहा है, वहीं विपक्षी और राजनीतिक विरोधी इसके क्रियान्वयन पर सवाल उठाते रहे हैं।

बिहार की राजनीति में बयानबाजी से बढ़ सकती है गर्मी

प्रशांत किशोर का गिरिराज सिंह पर यह हमला बिहार की राजनीति में बढ़ती बयानबाजी के बीच सामने आया है। एक तरफ वह आभार यात्रा के जरिए आम लोगों से सीधे संवाद कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनके बयानों में सरकार और बीजेपी नेताओं पर लगातार निशाना देखने को मिल रहा है। गिरिराज सिंह पर दिए गए बयान के बाद अब सबकी नजर उनकी प्रतिक्रिया पर रहेगी। खासतौर पर जातीय राजनीति, टेक्सटाइल विकास और बिहार में नशे की समस्या जैसे मुद्दे आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का हिस्सा बन सकते हैं। प्रशांत किशोर ने अपने बयान के जरिए एक साथ कई मुद्दे उठाए हैं। अब इन आरोपों पर बीजेपी और गिरिराज सिंह की ओर से क्या जवाब आता है, यह बिहार की सियासत में चर्चा का अगला बड़ा विषय हो सकता है। 

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