वाराणसी स्कूल में 5 साल के बच्चे से कथित क्रूरता! महिला टीचर ने गर्म चाकू से 5 साल के बच्चे का प्राइवेट पार्ट जलाया?


वाराणसी स्कूल मामला उत्तर प्रदेश ही नहीं, पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। वाराणसी स्कूल मामला एक निजी प्ले स्कूल में पढ़ने वाले पांच वर्षीय छात्र से जुड़ा है, जहां एक महिला शिक्षिका पर बच्चे के साथ गंभीर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया गया है। पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है, जबकि पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

क्या है पूरा मामला?

मामला वाराणसी के लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र स्थित अकथा इलाके के एक निजी प्ले स्कूल का बताया जा रहा है।

परिवार के अनुसार, 24 जुलाई 2026 को नर्सरी में पढ़ने वाले पांच वर्षीय छात्र ने कक्षा के दौरान बाथरूम जाने की अनुमति मांगी थी। आरोप है कि अनुमति नहीं मिलने के कारण बच्चे के कपड़ों में ही पेशाब हो गया।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि इसके बाद शिक्षिका बच्चे को दूसरे कमरे में ले गईं और उसके साथ गंभीर अमानवीय व्यवहार किया। परिवार का कहना है कि घटना के बाद बच्चे को किसी से कुछ न बताने की भी चेतावनी दी गई।

घर पहुंचने पर बच्चे ने परिजनों को बताई बात

परिजनों के अनुसार, बच्चा घर पहुंचने के बाद लगातार रोता रहा और उसने अपने साथ हुई कथित घटना की जानकारी परिवार को दी।

इसके बाद परिवार ने स्कूल प्रशासन से संपर्क करने की कोशिश की। उनका आरोप है कि संबंधित शिक्षिका से संपर्क नहीं हो सका और स्कूल प्रबंधन ने भी अपेक्षित सहयोग नहीं किया।

परिवार का यह भी दावा है कि जब वे अगले दिन स्कूल पहुंचे तो उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।

पुलिस ने दर्ज की FIR, जांच जारी

पीड़ित परिवार की शिकायत पर लालपुर-पांडेयपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शिकायत में जानबूझकर चोट पहुंचाने और अन्य संबंधित आरोपों को शामिल किया गया है। चूंकि मामला एक नाबालिग बच्चे से जुड़ा है, इसलिए पुलिस POCSO अधिनियम और अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत भी जांच कर रही है।

जांच के दौरान स्कूल स्टाफ से पूछताछ, घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने और मेडिकल रिपोर्ट सहित सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

मेडिकल जांच और जांच की वर्तमान स्थिति

पुलिस और परिवार के अनुसार बच्चे का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया है।

कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि मेडिकल जांच में गंभीर जलने के स्पष्ट निशान की पुष्टि नहीं हुई। वहीं परिवार का कहना है कि बच्चे को शारीरिक तकलीफ और मानसिक आघात पहुंचा है।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मेडिकल रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही निष्कर्ष निकाला जाएगा। फिलहाल जांच जारी है और किसी भी पक्ष के दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।

परिवार ने स्कूल प्रबंधन पर भी लगाए आरोप

परिवार का आरोप है कि स्कूल प्रशासन ने घटना के बाद सहयोग करने के बजाय उन्हें धमकी दी।

शिकायत में स्कूल प्रबंधन और संबंधित लोगों के नाम भी शामिल किए गए हैं। हालांकि स्कूल प्रशासन की ओर से इस मामले पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

पुलिस का कहना है कि सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे और जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ेगी।

सोशल मीडिया पर बढ़ा मामला, अखिलेश यादव ने भी उठाए सवाल

घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर व्यापक प्रतिक्रिया देखने को मिली।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया पर इस मामले को साझा करते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। इसके बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया।

हालांकि किसी भी मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल

यह घटना एक बार फिर स्कूलों में छोटे बच्चों की सुरक्षा और संवेदनशील व्यवहार को लेकर बहस छेड़ रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूलों में बच्चों के साथ सम्मानजनक व्यवहार, प्रशिक्षित स्टाफ, प्रभावी शिकायत प्रणाली और नियमित निगरानी बेहद जरूरी है। ऐसे मामलों में समय पर शिकायत, निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई ही बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का सबसे प्रभावी तरीका है।

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