हर 10 मिनट में पलटती है कहानी! IMDb 7.5 वाली इस थ्रिलर का क्लाइमैक्स उड़ा देगा होश
Con City फिल्म इन दिनों थ्रिलर पसंद करने वाले दर्शकों के बीच तेजी से चर्चा बटोर रही है। Con City फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसकी ऐसी कहानी है, जिसमें हर कुछ मिनट बाद नया मोड़ आता है और दर्शकों की सारी भविष्यवाणियां गलत साबित हो जाती हैं। यदि आपको ऐसी फिल्में पसंद हैं जिनमें सस्पेंस, धोखा और लगातार बदलते किरदार हों, तो यह फिल्म आपकी वॉचलिस्ट में जरूर होनी चाहिए। IMDb पर 7.5 की रेटिंग पाने वाली यह फिल्म अपने दमदार स्क्रीनप्ले और अप्रत्याशित क्लाइमैक्स के कारण दर्शकों की खूब तारीफ बटोर रही है।
बच्चे की गुमशुदगी से शुरू होती है कहानी
फिल्म की शुरुआत सरवन नाम के एक ऐसे व्यक्ति से होती है, जो भारी कर्ज में डूबा हुआ है।
उसके परिवार में पत्नी, मां, भाई और एक छोटा बेटा है, लेकिन घर के रिश्तों में अपनापन कम और तनाव ज्यादा दिखाई देता है। खासतौर पर पति-पत्नी के बीच बातचीत लगभग खत्म हो चुकी होती है।
इसी बीच एक दिन उनका पांच साल का बेटा स्कूल से अचानक गायब हो जाता है। जांच में सामने आता है कि बच्चे को कोई अजनबी नहीं बल्कि परिचित व्यक्ति अपने साथ ले गया था।
यहीं से कहानी अचानक कई साल पीछे चली जाती है और दर्शकों के सामने एक बिल्कुल नई दुनिया खुलती है।
एक-एक किरदार के पीछे छिपा है बड़ा राज
फ्लैशबैक में पता चलता है कि सरवन आर्थिक संकट से बाहर निकलने के लिए बिजली बिल की जमा राशि में गड़बड़ी करता है।
इसके बाद कहानी में मित्रा की एंट्री होती है। निजी जिंदगी में धोखा मिलने के बाद वह हालात के आगे हार मानने के बजाय लोगों को ठगने का रास्ता चुन लेती है।
फिल्म में योगी और उसकी मां का किरदार भी महत्वपूर्ण है। दोनों बीमारी के नाम पर लोगों से पैसे जुटाते हैं, लेकिन बाद में खुलासा होता है कि पूरी कहानी एक सुनियोजित धोखा थी।
धीरे-धीरे दर्शकों को एहसास होता है कि फिल्म का लगभग हर प्रमुख किरदार किसी न किसी बड़े राज को छिपाए बैठा है।
क्लाइमैक्स में लगातार मिलते हैं बड़े झटके
जब कहानी वर्तमान समय में लौटती है तो सबसे बड़ा खुलासा सामने आता है।
बच्चे का अपहरण करने वाला व्यक्ति कोई पेशेवर अपराधी नहीं बल्कि एक पुलिस अधिकारी निकलता है। कहानी बताती है कि वह अधिकारी वर्षों पहले इन ठगों से मात खा चुका था और अब बदला लेने की योजना बनाता है।
यहीं फिल्म एक और बड़ा ट्विस्ट देती है। सरवन जिस बच्चे को अपना बेटा समझकर पाल रहा होता है, उसके बारे में चौंकाने वाला सच सामने आता है।
इसके बाद कहानी और अधिक रोमांचक हो जाती है, क्योंकि बच्चे की सुरक्षित वापसी के बदले चारों किरदारों को एक और बड़े कॉन गेम में शामिल होना पड़ता है।
क्यों पसंद आ रही है दर्शकों को यह फिल्म?
इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसका स्क्रीनप्ले है।
निर्देशक ने कहानी को इस तरह तैयार किया है कि दर्शक अंत तक यह तय नहीं कर पाते कि असली अपराधी कौन है और किस पर भरोसा किया जाए।
हर ट्विस्ट के साथ कहानी नई दिशा में बढ़ती है, जिससे फिल्म का रोमांच लगातार बना रहता है। यही कारण है कि सोशल मीडिया पर भी कई दर्शक इसकी कहानी और क्लाइमैक्स की तारीफ कर रहे हैं।
IMDb रेटिंग भी बढ़ा रही है फिल्म की लोकप्रियता
फिल्म को IMDb पर 7.5 की रेटिंग मिली है, जिसे थ्रिलर शैली के लिए अच्छी रेटिंग माना जाता है।
दर्शकों का कहना है कि फिल्म सिर्फ सस्पेंस नहीं दिखाती, बल्कि लालच, रिश्तों, भरोसे और धोखे जैसे विषयों को भी प्रभावी तरीके से पेश करती है।
यदि आपको ऐसी फिल्में पसंद हैं जिनमें लगातार रहस्य बना रहे और अंत तक अनुमान लगाना मुश्किल हो, तो यह फिल्म आपको निराश नहीं करेगी।
क्या यह फिल्म देखने लायक है?
यदि आप मर्डर मिस्ट्री, क्राइम और कॉन गेम पर आधारित फिल्मों के शौकीन हैं तो Con City आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकती है।
फिल्म की सबसे बड़ी खूबी इसका अप्रत्याशित क्लाइमैक्स, मजबूत किरदार और तेजी से आगे बढ़ती कहानी है। बिना ज्यादा एक्शन के भी यह फिल्म अपने सस्पेंस और भावनात्मक उतार-चढ़ाव के दम पर दर्शकों को अंत तक जोड़े रखती है।
