पटना हाईकोर्ट से RJD विधायक ओसामा शहाब को बड़ी राहत, जमीन विवाद केस में मिली अग्रिम जमानत


 ओसामा शहाब अग्रिम जमानत मामले में पटना हाईकोर्ट ने मंगलवार को बड़ी राहत देते हुए राजद विधायक ओसामा शहाब को अग्रिम जमानत दे दी। ओसामा शहाब अग्रिम जमानत मिलने के बाद फिलहाल उनकी गिरफ्तारी का खतरा टल गया है। इससे पहले भी हाईकोर्ट उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा चुका था। हालांकि अदालत की इस राहत के बावजूद मामले की पुलिस जांच जारी रहेगी और न्यायालय में आगे की सुनवाई भी होती रहेगी। सीवान जिले के रघुनाथपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक ओसामा शहाब का यह मामला जमीन विवाद से जुड़ा है। हाईकोर्ट के ताजा आदेश के बाद उन्हें फिलहाल कानूनी सुरक्षा मिल गई है, लेकिन मामले का अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।

क्या है पूरा जमीन विवाद?

यह मामला सीवान के महादेवा थाना क्षेत्र के झुनापुर गांव स्थित एक विवादित जमीन से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, गोपालगंज निवासी डॉ. सुधा सिंह और उनके पति डॉ. विनय कुमार सिंह ने 15 अप्रैल 2026 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। एफआईआर में कहा गया कि उन्होंने सितंबर 2024 में जमीन खरीदी थी और वहां निर्माण कार्य शुरू कराया था। आरोप है कि इसी दौरान विधायक ओसामा शहाब ने उस जमीन पर अपना दावा जताते हुए निर्माण कार्य रुकवा दिया। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पहले फोन पर निर्माण रोकने की चेतावनी दी गई। बाद में 30 से 40 लोगों के साथ निर्माण स्थल पर पहुंचकर मजदूरों के साथ मारपीट की गई। साथ ही सीसीटीवी कैमरे तोड़ने और मोबाइल फोन, कटर मशीन समेत अन्य सामान छीनने का भी आरोप लगाया गया।

किन लोगों के खिलाफ दर्ज हुई थी प्राथमिकी?

इस मामले में विधायक ओसामा शहाब, फरहान, साबिर सहित 30 से 35 अन्य लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। एफआईआर दर्ज होने के बाद मामले ने राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा बटोरी। पुलिस ने जांच शुरू की और आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई।

निचली अदालत से नहीं मिली थी राहत

एफआईआर दर्ज होने के बाद ओसामा शहाब ने अग्रिम जमानत के लिए सीवान की निचली अदालत का रुख किया था। हालांकि 28 अप्रैल 2026 को निचली अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। इसके बाद उन्होंने पटना हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। हाईकोर्ट में प्रारंभिक सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस से केस डायरी तलब की और गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी थी। इसी अंतरिम राहत के आधार पर उनकी तत्काल गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी।

गिरफ्तारी के लिए विधायक आवास पहुंची थी पुलिस

हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिलने से पहले सीवान पुलिस एसडीपीओ अजय कुमार सिंह के नेतृत्व में पटना स्थित विधायक आवास पहुंची थी। पुलिस को वहां विधायक नहीं मिले। उनके सहयोगियों ने पुलिस को बताया कि हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। इसके बाद पुलिस ने संबंधित न्यायालयी आदेश की प्रति मांगी और आगे की प्रक्रिया पूरी की।

ओसामा शहाब ने क्या रखा अपना पक्ष?

ओसामा शहाब ने पूरे मामले में अपने ऊपर लगे आरोपों से अलग पक्ष रखा था। उनका कहना है कि विवादित जमीन की रजिस्ट्री जनवरी 2023 में उनकी पत्नी डॉ. आयशा के नाम से हो चुकी थी। उनके अनुसार, जमीन का मामला पहले से न्यायालय में विचाराधीन था, इसलिए निर्माण कार्य रुकवाया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि बाद में उसी जमीन की दूसरी रजिस्ट्री डॉ. विनय कुमार सिंह और डॉ. सुधा सिंह के नाम कराई गई, जिसके कारण विवाद खड़ा हुआ।

हाईकोर्ट से मिली नियमित कानूनी राहत

मंगलवार को हुई सुनवाई में पटना हाईकोर्ट ने ओसामा शहाब को अग्रिम जमानत प्रदान कर दी। इस आदेश के साथ पहले दी गई गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक अब नियमित कानूनी राहत में बदल गई है। हालांकि अदालत के आदेश का अर्थ यह नहीं है कि मामले की जांच समाप्त हो गई है। पुलिस अपनी जांच जारी रखेगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। वहीं, इस विवाद से जुड़े सभी पक्षों की दलीलों पर न्यायालय में आगे भी सुनवाई होती रहेगी। इस मामले का अंतिम निष्कर्ष अदालत के फैसले और जांच के परिणाम पर निर्भर करेगा।

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