राज्यसभा में नीतीश कुमार की नई पारी शुरू, उपराष्ट्रपति से मुलाकात, NDA ने किया स्वागत

नीतीश कुमार राज्यसभा में पहली बार सांसद के रूप में मंगलवार को संसद पहुंचे। नीतीश कुमार राज्यसभा में अपनी नई संसदीय पारी की शुरुआत करते हुए मॉनसून सत्र की कार्यवाही में शामिल हुए। पहले दिन उन्होंने उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा भी मौजूद रहे। संसद परिसर में जेडीयू और एनडीए के सांसदों ने उनका स्वागत किया। मार्च 2026 में बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद नीतीश कुमार ने सक्रिय रूप से केंद्रीय राजनीति में वापसी की थी। राज्यसभा सांसद बनने के बाद यह उनका उच्च सदन में पहला औपचारिक दिन रहा।
नीतीश कुमार ने उपराष्ट्रपति से की शिष्टाचार मुलाकात
संसद पहुंचने के बाद नीतीश कुमार ने उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन से मुलाकात की। मुलाकात की तस्वीरें उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी साझा कीं। जेडीयू सांसद संजय झा ने बताया कि यह पूरी तरह शिष्टाचार भेंट थी। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं और संसदीय कार्यों को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई।
पहली बार राज्यसभा पहुंचे तो जेडीयू और NDA सांसदों ने किया स्वागत
राज्यसभा में पहली बार प्रवेश करने पर जेडीयू और एनडीए के सांसदों ने नीतीश कुमार का अभिनंदन किया। लंबे समय तक बिहार की राजनीति का नेतृत्व करने वाले नीतीश कुमार अब राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। पार्टी नेताओं का मानना है कि संसद में उनकी मौजूदगी से जेडीयू सांसदों का मनोबल बढ़ेगा और राष्ट्रीय मुद्दों पर पार्टी की आवाज और प्रभाव मजबूत होगा।
हंगामे की वजह से तीन बार स्थगित हुई राज्यसभा
मंगलवार को मॉनसून सत्र के दौरान राज्यसभा की कार्यवाही सामान्य रूप से नहीं चल सकी। सुबह 11 बजे सदन की शुरुआत होते ही विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। विपक्ष ने नीट पेपर लीक, दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज सहित कई विषयों पर सरकार को घेरने की कोशिश की। लगातार शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक, फिर 2 बजे तक और अंत में पूरे दिन के लिए स्थगित करनी पड़ी। इस कारण सदन में किसी महत्वपूर्ण विधायी चर्चा या कामकाज को आगे नहीं बढ़ाया जा सका।
मॉनसून सत्र तक दिल्ली में रहेंगे नीतीश कुमार
जानकारी के अनुसार, मॉनसून सत्र समाप्त होने तक नीतीश कुमार नई दिल्ली में ही रहेंगे। हाल ही में उन्होंने 7 सुनहरी बाग रोड स्थित अपने नए सरकारी आवास में गृह प्रवेश किया था। हालांकि गृह प्रवेश के बाद वे पटना लौट आए थे। सोमवार को अपने बेटे और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के जन्मदिन के कार्यक्रम में शामिल होने के कारण वे संसद के पहले दिन उपस्थित नहीं हो सके। इसके बाद मंगलवार को दिल्ली पहुंचकर उन्होंने राज्यसभा की कार्यवाही में भाग लिया।
मुख्यमंत्री से राज्यसभा तक का सफर
करीब दो दशक तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने मार्च 2026 में राज्यसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया था। इससे पहले वे लोकसभा, बिहार विधानसभा और बिहार विधान परिषद के सदस्य रह चुके थे। राज्यसभा सदस्य बनने के साथ उन्होंने अपनी उस राजनीतिक इच्छा को भी पूरा किया कि वे लोकतंत्र के सभी प्रमुख सदनों का प्रतिनिधित्व करें। राज्यसभा चुनाव जीतने के बाद उन्होंने 10 अप्रैल 2026 को सांसद पद की शपथ ली थी। इसके कुछ दिनों बाद 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद बिहार में सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली।
आगे क्या रहेगी भूमिका?
राजनीतिक विश्लेषकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि संसद में नीतीश कुमार की भूमिका किस तरह विकसित होती है। बिहार की राजनीति में लंबे अनुभव के बाद अब वे राष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज करा सकते हैं। मॉनसून सत्र के दौरान जेडीयू की रणनीति और विभिन्न राष्ट्रीय विषयों पर पार्टी का रुख भी काफी हद तक उनके नेतृत्व में तय होता दिखाई दे सकता है। आने वाले दिनों में संसद में उनकी मौजूदगी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।