लालू प्रसाद और राबड़ी देवी को फिर मिली Z कैटेगरी सुरक्षा, बुलेटप्रूफ कार भी लौटाई गई

लालू प्रसाद और राबड़ी देवी की Z कैटेगरी सुरक्षा एक बार फिर बहाल कर दी गई है। बिहार सरकार ने अपने पहले के फैसले में बदलाव करते हुए दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों को दोबारा Z कैटेगरी सुरक्षा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही उनके काफिले में बुलेटप्रूफ कार भी शामिल की गई है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब कुछ समय पहले बंगला विवाद के दौरान उनकी सुरक्षा कम कर दी गई थी और बाद में दोनों नेताओं ने सरकार की ओर से उपलब्ध कराई गई सुरक्षा वापस लौटा दी थी। सरकार के नए निर्णय के बाद अब दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों को पहले की तरह उच्च स्तर की सुरक्षा मिलेगी। इस फैसले को लेकर बिहार की राजनीतिक हलचल एक बार फिर तेज हो गई है।
Z कैटेगरी सुरक्षा फिर से बहाल
बिहार सरकार ने लालू प्रसाद और राबड़ी देवी की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के बाद उन्हें दोबारा Z कैटेगरी सुरक्षा देने का फैसला किया है। इसके साथ ही उनके लिए बुलेटप्रूफ वाहन की भी व्यवस्था की गई है। इससे पहले दोनों नेताओं को मिली सुरक्षा वापस ले ली गई थी। सुरक्षा में कटौती के बाद लालू प्रसाद और राबड़ी देवी ने सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए सुरक्षा कर्मियों को भी लौटा दिया था। अब सरकार ने अपना निर्णय बदलते हुए सुरक्षा व्यवस्था फिर से बहाल कर दी है।
Z कैटेगरी सुरक्षा में क्या-क्या मिलता है?
भारत में Z कैटेगरी सुरक्षा वीआईपी सुरक्षा की महत्वपूर्ण श्रेणियों में शामिल होती है। इस सुरक्षा व्यवस्था में लगभग 22 प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं।
इसमें सामान्य तौर पर शामिल हैं:
- लगभग 22 सुरक्षा कर्मी
- 2 से 8 हथियारबंद गार्ड आवास की सुरक्षा के लिए
- 24 घंटे तैनात 2 पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO)
- 3 से 5 एस्कॉर्ट वाहन
- काफिले में एक बुलेटप्रूफ कार
इस तरह की सुरक्षा व्यवस्था संभावित सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए प्रदान की जाती है।
बंगला विवाद के दौरान घटाई गई थी सुरक्षा
कुछ समय पहले पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस मिला था। इसी अवधि में बिहार सरकार ने लालू परिवार की सुरक्षा की समीक्षा की थी। समीक्षा के बाद लालू प्रसाद, राबड़ी देवी और तेज प्रताप यादव की सुरक्षा कम करने का निर्णय लिया गया था। हालांकि उस समय तेजस्वी यादव और मीसा भारती की सुरक्षा व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया था। सरकार के इस फैसले ने राजनीतिक हलकों में व्यापक चर्चा को जन्म दिया था।
सुरक्षा लौटाने के बाद बढ़ा था विवाद
सुरक्षा घटाए जाने के फैसले के विरोध में लालू प्रसाद और राबड़ी देवी ने सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई सुरक्षा वापस कर दी थी। इसके बाद तेजस्वी यादव और मीसा भारती ने भी अपनी सुरक्षा लौटाने का फैसला लिया था। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिली। सुरक्षा व्यवस्था और बंगला विवाद दोनों ही राजनीतिक बहस का बड़ा विषय बने रहे।
अब क्या बदला?
ताजा फैसले में बिहार सरकार ने पहले के आदेश को संशोधित करते हुए लालू प्रसाद और राबड़ी देवी की Z कैटेगरी सुरक्षा बहाल कर दी है। इसके साथ ही बुलेटप्रूफ वाहन की सुविधा भी फिर से उपलब्ध कराई गई है। हालांकि सरकार की ओर से इस बदलाव के पीछे विस्तृत आधिकारिक कारण सार्वजनिक रूप से नहीं बताए गए हैं। लेकिन सुरक्षा बहाली के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।
राजनीतिक महत्व भी माना जा रहा
बिहार की राजनीति में लालू प्रसाद और राबड़ी देवी का महत्वपूर्ण स्थान रहा है। ऐसे में उनकी सुरक्षा व्यवस्था में होने वाला कोई भी बदलाव राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। फिलहाल सरकार के नए फैसले के बाद दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों को पहले जैसी सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध होगी। आने वाले दिनों में इस फैसले पर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाओं पर भी नजर रहेगी।