Bihar Rain Alert: बिहार के 24 जिलों में आज येलो अलर्ट, तेज बारिश और वज्रपात की चेतावनी


 राज्य में Bihar Rain Alert के बीच मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। Bihar Rain Alert के तहत मौसम विभाग ने शनिवार को बिहार के 24 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तेज हवा के साथ बारिश, वज्रपात और मौसम बिगड़ने की आशंका जताई गई है। हालांकि मॉनसून पूरे बिहार में पहुंच चुका है, लेकिन इसके कमजोर रहने की वजह से कई इलाकों में अब भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की जा रही है। दक्षिण बिहार के अधिकांश हिस्सों में उमस भरी गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, लेकिन लगातार और व्यापक बारिश के लिए अभी कुछ दिन इंतजार करना पड़ सकता है।

किन 24 जिलों में जारी हुआ येलो अलर्ट?

मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, गोपालगंज, सारण, सीवान, मुजफ्फरपुर, वैशाली, दरभंगा, समस्तीपुर, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, खगड़िया, भागलपुर, मुंगेर, बांका और जमुई में मौसम खराब रहने की संभावना है। इन जिलों में तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है। साथ ही कई स्थानों पर वज्रपात की भी आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने की सलाह दी है।

5 जुलाई तक कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 5 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम का यही रुख बना रहेगा। कहीं-कहीं हल्की बारिश देखने को मिलेगी, लेकिन उमस से तुरंत राहत मिलने की संभावना कम है। राजधानी पटना और आसपास के जिलों में अधिकतम तापमान करीब 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। दोपहर के समय तेज धूप और नमी के कारण लोगों को अधिक गर्मी महसूस होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल छिटपुट बारिश ही होगी, जिससे तापमान में बहुत बड़ी गिरावट नहीं आएगी।

6 से 8 जुलाई के बीच अच्छी बारिश की उम्मीद

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 6 से 8 जुलाई के बीच बिहार के अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। यदि यह पूर्वानुमान सही साबित होता है तो राज्य में तापमान में गिरावट आएगी और उमस भरी गर्मी से काफी राहत मिलेगी। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस दौरान मॉनसूनी गतिविधियां मजबूत हो सकती हैं। इससे उत्तर और दक्षिण बिहार दोनों क्षेत्रों में बारिश का दायरा बढ़ने की उम्मीद है। अच्छी बारिश होने से खेती-किसानी को भी फायदा मिलेगा, क्योंकि कई जिलों में किसान पर्याप्त वर्षा का इंतजार कर रहे हैं।

कम बारिश की क्या है वजह?

हालांकि मॉनसून का फैलाव पूरे बिहार में एक जुलाई तक हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद लगातार बारिश नहीं हो पा रही है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी से पर्याप्त नमी नहीं मिल रही है। इसके अलावा मॉनसूनी सिस्टम फिलहाल कमजोर बना हुआ है। राज्य के ऊपर अभी कोई प्रभावी ट्रफ लाइन या लो-प्रेशर सिस्टम सक्रिय नहीं है, जिससे व्यापक बारिश की स्थिति नहीं बन रही। इसी कारण कई जिलों में केवल बूंदाबांदी या हल्की बारिश हो रही है, जबकि दक्षिण बिहार के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है।

सामान्य से 40 प्रतिशत कम हुई बारिश

मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार 3 जुलाई तक पूरे बिहार में सामान्य से लगभग 40 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। इसका असर खेती, जलस्तर और दैनिक जीवन पर भी दिखाई देने लगा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में मॉनसून मजबूत नहीं हुआ तो बारिश का यह घाटा और बढ़ सकता है। हालांकि 6 से 8 जुलाई के बीच बेहतर बारिश की संभावना मौसम के लिहाज से राहत देने वाली खबर मानी जा रही है। फिलहाल लोगों को सलाह दी गई है कि मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखें। खराब मौसम, तेज हवा और वज्रपात के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। किसानों और आम नागरिकों को भी स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

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