JDU की नई प्रदेश टीम घोषित, कई पुराने चेहरे बाहर, कई नेताओं की जिम्मेदारी बदली

 


JDU नई प्रदेश कमेटी का ऐलान कर दिया गया है। JDU नई प्रदेश कमेटी में इस बार कुल 124 पदाधिकारियों को जगह दी गई है। प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने नई टीम की घोषणा करते हुए 12 उपाध्यक्ष, 38 महासचिव और 74 सचिवों के नाम जारी किए। नई सूची में कई पुराने पदाधिकारियों को जगह नहीं मिली, जबकि कुछ नेताओं की जिम्मेदारियां भी बदली गई हैं। संगठनात्मक ढांचे में किए गए इन बदलावों को आगामी राजनीतिक गतिविधियों और चुनावी तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नई कमेटी में पदाधिकारियों की संख्या भी पहले की तुलना में कम कर दी गई है। पार्टी का कहना है कि इससे संगठन को अधिक प्रभावी और कार्यकुशल बनाने में मदद मिलेगी।

पिछली कमेटी के मुकाबले क्या बदला?

इस बार जदयू ने संगठनात्मक ढांचे में बड़ा बदलाव किया है।

पिछली प्रदेश कमेटी में 20 उपाध्यक्ष और 105 महासचिव थे। नई कमेटी में उपाध्यक्षों की संख्या घटाकर 12 और महासचिवों की संख्या 38 कर दी गई है।

हालांकि सचिवों की संख्या 74 रखी गई है। कुल मिलाकर नई प्रदेश टीम में 124 पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।

इन नेताओं को बनाया गया प्रदेश उपाध्यक्ष

नई सूची में मंजर आलम, कलाधर मंडल, प्रो. प्रमिला कुमारी प्रजापत, ज्ञानचंद पटेल, मालती सिंह, किरण रंजन, परशुराम तत्वा, रमेश ऋषिदेव, महाबली सिंह, विनोद यादव, संजय सिंह और सुमित कुमार सिंह को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है।

वहीं ललन कुमार सर्राफ को एक बार फिर कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

38 महासचिवों की सूची, चार को मिली विशेष जिम्मेदारी

जदयू ने 38 नेताओं को प्रदेश महासचिव बनाया है।

इनमें अंजुम आरा, शंभू कुशवाहा, अरुण वर्मा और सुमित कुमार सिंह को मुख्यालय प्रभारी महासचिव की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।

इसके अलावा धीरेंद्र प्रताप सिंह, अनुज कुमार सिंह, मंजु देवी, अनिल कुमार, चंदन कुमार सिंह, बासुदेव कुशवाहा, रणविजय कुमार, मेजर हैदर इकबाल खान, कौशल किशोर कुशवाहा, राजीव नयन, ओंकार यादव, ललिता झा, राजेश त्यागी, पवन चंद्रवंशी, श्वेता विश्वास, रंजीत कुमार झा और अन्य कई नेताओं को महासचिव बनाया गया है।

74 सचिवों को भी मिली संगठन की जिम्मेदारी

नई प्रदेश कमेटी में 74 नेताओं को सचिव बनाया गया है।

इनमें उमेश ठाकुर, लक्ष्मण महतो, सविता नटराज, अशोक प्रजापति, अजय कुशवाहा, अमरेंद्र सिंह, राज किशोर ठाकुर, अरुणा सिंह, शबाना दाऊद, संगीता यादव, डॉ. शगुफ्ता प्रवीण, मो. आसिफ कमाल, संजय कुमार सिंह, नीलम पटेल, अंजनी कुमार सिंह, रीना चौधरी, उत्तम पांडेय, मोहित प्रकाश, स्मिता चौरसिया, मुकेश विद्यार्थी, प्रशांत कुमार, प्रेमलता, नीलम वर्मा, रश्मि लता और अन्य नेताओं को शामिल किया गया है।

नीरज कुमार बने मुख्य प्रवक्ता, नौ प्रवक्ताओं की टीम घोषित

पार्टी ने अपने मीडिया प्रबंधन को भी नया स्वरूप दिया है।

विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार को मुख्य प्रवक्ता बनाया गया है। उनके साथ निहोरा प्रसाद यादव, डॉ. भारती मेहता, नवल शर्मा, अभिषेक झा, शंभूनाथ सिन्हा, अनुप्रिया, चंदन कुमार सिंह और पूजा शर्मा पैट्रिक को प्रदेश प्रवक्ता की जिम्मेदारी दी गई है।

विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रभारी भी घोषित

प्रदेश कमेटी के साथ-साथ विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रभारियों की भी घोषणा की गई है।

अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी आदित्य कुमार, अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ की सुरेंद्र उरांव, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की अशरफ अंसारी और किसान प्रकोष्ठ की मनोज कुमार को सौंपी गई है।

इसके अलावा शिक्षा, चिकित्सा, पंचायती राज, कला-संस्कृति, व्यवसायिक, युवा, महिला और आईटी एवं कम्युनिकेशन प्रकोष्ठों के लिए भी अलग-अलग प्रभारी नियुक्त किए गए हैं।

कई पुराने नेताओं की जिम्मेदारी बदली, कुछ को नहीं मिली जगह

नई कमेटी में कई पुराने पदाधिकारियों की भूमिका बदल गई है।

ओमप्रकाश सिंह सेतु, जो पिछली कमेटी में महासचिव थे, इस बार सचिव बनाए गए हैं। वहीं अंजनी सिंह, लोकप्रकाश सिंह, छोटू सिंह और भूमिपाल जैसे कई नेताओं को इस बार नई टीम में स्थान नहीं मिला।

संगठन में पदों की संख्या कम करने के साथ कई नए चेहरों को अवसर दिया गया है, जिसे पार्टी का संगठनात्मक पुनर्गठन माना जा रहा है।

संगठनात्मक बदलाव का क्या है महत्व?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नई प्रदेश कमेटी के जरिए पार्टी संगठन को अधिक सक्रिय और संतुलित बनाने की कोशिश की गई है।

हालांकि इन बदलावों का वास्तविक असर आने वाले राजनीतिक कार्यक्रमों और चुनावी तैयारियों के दौरान ही स्पष्ट होगा। फिलहाल पार्टी ने नए पदाधिकारियों को संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी है।

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