भरत तिवारी एनकाउंटर केस: मां की भूख हड़ताल आज से, जांच आयोग ने बढ़ाई कार्रवाई

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में जांच अब तेज होती दिखाई दे रही है। भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर एक ओर न्यायिक जांच आयोग ने अपनी प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है, वहीं दूसरी ओर मृतक की मां आशा देवी ने दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी और कार्रवाई की मांग को लेकर आमरण भूख हड़ताल पर बैठने का फैसला किया है। परिजनों का कहना है कि जब तक दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होगी, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। परिवार की ओर से पहले ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग उठाई गई थी। इसके बाद अब आंदोलन को अगले चरण में ले जाने का निर्णय लिया गया है।
मां ने दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी तक आंदोलन जारी रखने की बात कही
मिली जानकारी के अनुसार, भरत तिवारी के घर के सामने एक पेड़ के नीचे आमरण अनशन की तैयारी की गई है। आशा देवी ने कहा है कि जब तक दोषी पुलिसकर्मियों को सजा नहीं मिलती और उनकी गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी। इस आंदोलन में परिवार के अन्य सदस्य भी शामिल होंगे। इनमें बहन रूबी कुमारी, भाई चंदन तिवारी, बसंत तिवारी और अन्य परिजन भी मौजूद रहेंगे। परिजनों का कहना है कि न्याय तभी माना जाएगा जब मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।
कोर्ट में दर्ज हुआ परिजनों का बयान
बुधवार को मामले में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया, जब मृतक के परिजनों ने न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत में अपना बयान दर्ज कराया। परिवार का कहना है कि उन्होंने जांच एजेंसियों के सामने पूरी घटना से जुड़े अपने पक्ष और उपलब्ध तथ्यों को रखा है। उनका मानना है कि निष्पक्ष जांच से पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आएगी। इस बीच स्थानीय स्तर पर भी मामले को लेकर लोगों की नजरें जांच की प्रगति पर बनी हुई हैं।
रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा ने दी जांच की ताजा जानकारी
न्यायिक जांच आयोग के अध्यक्ष रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा ने बताया कि आरा स्थित जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कार्यालय परिसर में आयोग का कार्यालय स्थापित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के साथ बैठक कर जांच की दिशा तय की जाएगी। आयोग को पूरे मामले की जांच पूरी कर छह महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपनी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जांच पूरी तरह तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ेगी।
किन बिंदुओं पर होगी न्यायिक जांच?
जांच आयोग के अनुसार, सबसे पहले घटना की पूरी पृष्ठभूमि और घटनाक्रम की विस्तृत पड़ताल की जाएगी। इसके अलावा यह देखा जाएगा कि 17 जून को बिलौटी में पुलिस की कार्रवाई किन परिस्थितियों में हुई थी और क्या उसमें निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया गया था। जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। आयोग इस दौरान प्रत्यक्ष और परोक्ष दोनों तरह के साक्ष्यों का परीक्षण करेगा ताकि घटना की पूरी तस्वीर सामने आ सके।
गवाहों को समन जारी, जल्द दर्ज होंगे बयान
रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा ने बताया कि मामले से जुड़े गवाहों को समन जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आने वाले दिनों में गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि वह पहले ही पीड़ित परिवार के घर जाकर उनसे मुलाकात कर चुके हैं और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली है। आयोग का प्रयास रहेगा कि निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी जरूरी दस्तावेज, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण कर अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंप दी जाए।
अब आगे क्या होगा?
मामले में एक तरफ न्यायिक जांच तेज हो रही है तो दूसरी ओर पीड़ित परिवार आंदोलन का रास्ता अपना रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में जांच आयोग की कार्रवाई और सरकार के अगले कदम इस मामले की दिशा तय कर सकते हैं। गवाहों के बयान, जांच रिपोर्ट और प्रशासनिक कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है। फिलहाल जांच जारी है और आयोग ने निष्पक्ष तरीके से पूरी प्रक्रिया पूरी करने का भरोसा जताया है।