बिहार MDM नई गाइडलाइन के तहत शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों के मध्याह्न भोजन (Mid-Day Meal) को लेकर अहम फैसला लिया है। बिहार MDM नई गाइडलाइन के अनुसार मानसून के दौरान सरकारी स्कूलों में बनने वाले मिड-डे मील में बैंगन, भिंडी, पत्ता गोभी और सभी प्रकार के साग का उपयोग नहीं किया जाएगा। विभाग ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि इनकी जगह ताजी, स्वच्छ और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सुरक्षित मौसमी सब्जियों का इस्तेमाल किया जाए, ताकि बच्चों को पौष्टिक और सुरक्षित भोजन मिल सके।
यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब बिहार के कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है और मौसम विभाग ने गुरुवार को भी 30 जिलों में वर्षा को लेकर अलर्ट जारी किया है।
मानसून में MDM को लेकर क्या बदले नियम?
शिक्षा विभाग की नई गाइडलाइन के अनुसार बरसात के मौसम में सरकारी स्कूलों के मध्याह्न भोजन के मेन्यू में कुछ सब्जियों को शामिल नहीं किया जाएगा।
प्रतिबंधित सब्जियों में शामिल हैं—
- बैंगन
- भिंडी
- पत्ता गोभी
- सभी प्रकार के पत्तेदार साग
इन सब्जियों की जगह स्थानीय स्तर पर उपलब्ध ताजी और सुरक्षित मौसमी सब्जियों का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।
शिक्षा विभाग ने क्यों लिया यह फैसला?
विभाग का मानना है कि मानसून के दौरान कुछ पत्तेदार और नमी वाली सब्जियों में संक्रमण, कीट या फफूंद लगने की संभावना अधिक रहती है।
यदि ऐसी सब्जियों का सही तरीके से चयन और सफाई नहीं हो पाए तो बच्चों में फूड पॉइजनिंग या अन्य खाद्य जनित संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
इसी जोखिम को कम करने के लिए यह एहतियाती कदम उठाया गया है।
सभी जिलों को जारी किए गए निर्देश
मध्याह्न भोजन योजना के निदेशक विनायक मिश्र ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (DPO) को इस संबंध में पत्र भेजा है।
पत्र में कहा गया है कि बरसात के मौसम में भोजन तैयार करते समय साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा के सभी मानकों का सख्ती से पालन किया जाए।
साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि बच्चों को केवल ताजा और गुणवत्तापूर्ण सामग्री से तैयार भोजन ही परोसा जाए।
भोजन की गुणवत्ता पर रहेगा विशेष फोकस
नई गाइडलाइन में केवल सब्जियों पर रोक ही नहीं, बल्कि भोजन की पूरी गुणवत्ता पर भी जोर दिया गया है।
विद्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि—
- भोजन बनाने से पहले सभी सामग्री की गुणवत्ता जांचें।
- केवल ताजी सब्जियों का उपयोग करें।
- भोजन स्वच्छ वातावरण में तैयार किया जाए।
- साफ पानी और स्वच्छ बर्तनों का इस्तेमाल किया जाए।
- खाद्य सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन हो।
इसका उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है।
किन सब्जियों का किया जा सकता है उपयोग?
शिक्षा विभाग ने किसी विशेष वैकल्पिक सब्जी की सूची जारी नहीं की है, लेकिन स्थानीय स्तर पर उपलब्ध मौसमी और सुरक्षित सब्जियों के उपयोग की सलाह दी है।
जिला प्रशासन और स्कूल प्रबंधन स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार ऐसी सब्जियों का चयन करेंगे जो ताजी, स्वच्छ और स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित हों।
इससे भोजन की गुणवत्ता भी बनी रहेगी और बच्चों को आवश्यक पोषण भी मिलता रहेगा।
बारिश के मौसम में बच्चों की सेहत पर विशेष ध्यान
बरसात के दौरान स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों बच्चों को प्रतिदिन मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जाता है।
ऐसे में भोजन की गुणवत्ता बनाए रखना शिक्षा विभाग की प्राथमिकता है। विभाग का मानना है कि समय रहते एहतियाती कदम उठाने से खाद्य जनित बीमारियों की आशंका कम की जा सकती है।
विशेषज्ञ भी बरसात के मौसम में साफ-सफाई, ताजी खाद्य सामग्री और सुरक्षित भोजन को स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं।
छात्रों और अभिभावकों के लिए क्या मायने?
नई व्यवस्था का सीधा उद्देश्य बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा है।
अभिभावकों को भी यह भरोसा दिलाने की कोशिश की गई है कि सरकारी स्कूलों में मिलने वाला मध्याह्न भोजन मौसम के अनुसार सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण बनाया जाएगा।
आने वाले दिनों में सभी जिलों के अधिकारी इन निर्देशों के पालन की निगरानी भी करेंगे, ताकि किसी प्रकार की लापरवाही न हो और बच्चों को पौष्टिक भोजन नियमित रूप से मिलता रहे।
