वोट चोरी के मुद्दे पर विपक्ष एकजुट! दिल्ली रैली को लेकर लालू का बड़ा दावा
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बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने दिल्ली में विपक्ष की संयुक्त रैली को सफल बताते हुए दावा किया है कि वोट चोरी के मुद्दे पर पूरा विपक्ष एकजुट है। पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि वोट चोरी के खिलाफ विपक्ष मिलकर लड़ाई लड़ रहा है। वोट चोरी के खिलाफ विपक्ष की एकजुटता का जिक्र करते हुए लालू ने आरोप लगाया कि चुनाव में वोट चोरी हुई है और इसी वजह से विपक्षी दल साथ आए हैं।
रूटीन चेकअप के बाद दिल्ली से पटना लौटे लालू यादव ने रैली, विपक्षी दलों की एकता और सोनिया गांधी से मुलाकात को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने दिल्ली में हुई महारैली को सफल बताया, हालांकि खुद इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए थे।
दिल्ली की संयुक्त विपक्षी रैली को लालू यादव ने बताया सफल
लालू यादव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि दिल्ली में आयोजित विपक्ष की संयुक्त रैली पूरी तरह सफल रही। उनके मुताबिक, इस कार्यक्रम में देशभर के विपक्षी दलों के शीर्ष नेता शामिल हुए और सभी ने मिलकर वोट चोरी के मुद्दे को उठाया।
आरजेडी अध्यक्ष ने कहा कि विपक्षी दल इस मुद्दे पर एकजुट हैं। उनका दावा है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़े इस सवाल पर सभी विपक्षी पार्टियां मिलकर आवाज उठा रही हैं।
लालू के इस बयान को विपक्षी एकता के संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। बिहार की राजनीति में आरजेडी की भूमिका को देखते हुए उनका यह बयान राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
'हां, वोट चोरी हुई है', सवाल पर लालू का जवाब
पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों ने लालू यादव से पूछा कि विपक्ष लगातार वोट चोरी का आरोप लगा रहा है, क्या उन्हें भी ऐसा लगता है?
इस सवाल के जवाब में लालू यादव ने कहा, "हां, वोट चोरी हुई है।" उन्होंने कहा कि विपक्षी दल मिलकर इसके खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं।
यह आरोप विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों को फिर चर्चा में लाता है। हालांकि, लालू यादव के बयान को आरोप और राजनीतिक दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए। चुनाव में कथित वोट चोरी के आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित तथ्यों और आधिकारिक रिकॉर्ड की जांच जरूरी है।
1 नवंबर को रामलीला मैदान में हुई थी 'वोट बचाओ देश बचाओ' रैली
दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर, रविवार को इंडिया गठबंधन की ओर से 'वोट बचाओ देश बचाओ' महारैली आयोजित की गई थी।
इस कार्यक्रम में विपक्षी गठबंधन के कई नेताओं ने हिस्सा लिया। आरजेडी की तरफ से पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव रैली में शामिल हुए थे।
लालू यादव भी उस समय दिल्ली में मौजूद थे, लेकिन वह खुद रैली में शामिल नहीं हुए। इसके बावजूद पटना लौटने के बाद उन्होंने कार्यक्रम को सफल बताया और विपक्षी दलों की एकजुटता पर जोर दिया।
रैली का मुख्य मुद्दा चुनावी प्रक्रिया और कथित वोट चोरी के आरोप रहे। विपक्षी दलों ने इस मंच के माध्यम से अपने राजनीतिक सवालों को सामने रखा।
आदरणीय मैडम श्रीमती सोनिया गांधी जी ने आवास पहुँच स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्राप्त की। इस दौरान पुराने दिनों की यादें ताजा हुई। स्मरण किया कि कैसे UPA सरकार के दिनों में हम लोगों ने युवाओं, किसानों, जवानों और आम आदमी के लिए पारदर्शी व जनकल्याणकारी योजनाएं लागू की तथा मनरेगा, RTE, RTI जैसी कानूनों से देशवासियों को सशक्त किया गया। सरदार मनमोहन सिंह जी के नेतृत्व में बिहार के विकास के लिए हम लोगों ने कैसे 1 लाख 45 हज़ार करोड़ से अधिक की धनराशि दी।
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) November 2, 2026
सोनिया गांधी से मुलाकात पर लालू ने क्या कहा?
दिल्ली प्रवास के दौरान कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने लालू यादव से मुलाकात की थी। यह मुलाकात दिल्ली में मीसा भारती के आवास पर हुई।
बताया गया कि सोनिया गांधी ने लालू यादव का हालचाल जाना और उनसे राजनीतिक मुद्दों पर बातचीत की। पटना एयरपोर्ट पर जब पत्रकारों ने इस मुलाकात के बारे में पूछा, तो लालू ने इसकी पुष्टि की।
उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी से मुलाकात हुई और अच्छी बातचीत हुई। हालांकि, बातचीत में किन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई, इसकी जानकारी उन्होंने साझा नहीं की।
इस मुलाकात को विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक संपर्क के लिहाज से भी देखा जा रहा है। लेकिन किसी खास राजनीतिक रणनीति या फैसले पर सहमति बनने की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
विपक्षी एकता के बयान से बिहार की राजनीति में भी चर्चा
लालू यादव का यह बयान ऐसे समय आया है, जब इंडिया गठबंधन के नेता चुनावी प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। दिल्ली की महारैली में तेजस्वी यादव की मौजूदगी और अब लालू यादव की प्रतिक्रिया से बिहार में भी इस मुद्दे पर राजनीतिक चर्चा तेज हो सकती है।
आरजेडी अध्यक्ष ने साफ तौर पर कहा कि विपक्ष एकजुट है और वोट चोरी के खिलाफ मिलकर संघर्ष कर रहा है। उनके बयान से पार्टी की ओर से इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से लगातार उठाने का संकेत मिलता है।
हालांकि, विपक्षी एकता का दावा कितना प्रभावी साबित होगा, यह आने वाले राजनीतिक कार्यक्रमों और विभिन्न दलों के साझा रुख से स्पष्ट होगा।
अब आगे क्या होगा?
दिल्ली की रैली के बाद अब नजर इस बात पर रहेगी कि इंडिया गठबंधन के दल वोट चोरी के आरोपों को लेकर आगे कौन से कदम उठाते हैं। क्या विपक्ष इस मुद्दे पर संयुक्त अभियान चलाएगा और क्या चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर कोई साझा मांग सामने आएगी, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
फिलहाल लालू यादव ने रैली को सफल बताते हुए विपक्षी एकजुटता का दावा किया है। उनके बयान ने बिहार से लेकर राष्ट्रीय राजनीति तक इस मुद्दे को फिर चर्चा में ला दिया है।
