प्यार से कोर्ट तक पहुंचा रिश्ता! खगड़िया SP और पत्नी के विवाद की पूरी कहानी
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बिहार के खगड़िया के एसपी भानु प्रताप सिंह और उनकी पत्नी पूजा सिंह के बीच पारिवारिक विवाद अब सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया है। खगड़िया एसपी विवाद में पत्नी पूजा सिंह ने पटना महिला थाने में पति और उनके परिवार के कुछ सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। पूजा सिंह ने प्रताड़ना, तलाक के लिए दबाव बनाने और अपनी बेटी से दूर रखने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर, भानु प्रताप सिंह का कहना है कि अब इस मामले में आगे की बात कोर्ट में होगी।
लव मैरिज से शुरू हुआ यह रिश्ता अब महिला आयोग, मुख्यमंत्री आवास, पुलिस मुख्यालय और अदालत तक पहुंच चुका है। पूजा सिंह लगातार अपनी छह वर्षीय बेटी से मिलने की मांग कर रही हैं। आइए जानते हैं इस पूरे विवाद की शुरुआत कैसे हुई और अब तक क्या-क्या घटनाक्रम सामने आया है।
2015 में हुई मुलाकात, दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदली
पूजा सिंह के मुताबिक, उनकी और भानु प्रताप सिंह की पहली मुलाकात वर्ष 2015 में कोलकाता में एक पारिवारिक समारोह के दौरान हुई थी। उस समय भानु प्रताप सिंह संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी कर रहे थे।
पहली मुलाकात के बाद दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और दोस्ती धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई। दोनों ने साथ जीवन बिताने का फैसला किया, लेकिन उनके परिवार इस रिश्ते के पक्ष में नहीं थे।
इसके बावजूद दोनों ने अपने फैसले पर आगे बढ़ने का निर्णय लिया। पूजा सिंह ने मीडिया को दिए अपने बयान में इस रिश्ते की शुरुआत और शादी से जुड़े अनुभव साझा किए हैं।
16 जनवरी 2017 को परिवार की मर्जी के खिलाफ की शादी
पूजा सिंह के अनुसार, परिवार की सहमति नहीं मिलने के बावजूद वह अपना घर छोड़कर भानु प्रताप सिंह के साथ राजस्थान के भरतपुर चली गईं। यहीं दोनों ने 16 जनवरी 2017 को शादी कर ली।
शादी के बाद पूजा सिंह ने एक निजी स्कूल में शिक्षिका के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने घर की जिम्मेदारियां संभालने के साथ भानु प्रताप सिंह की सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में भी सहयोग किया।
पूजा सिंह का कहना है कि उस समय दोनों का रिश्ता सामान्य था और वे मिलकर भविष्य के सपने देख रहे थे। हालांकि, आगे चलकर परिस्थितियां बदलती चली गईं।
2020 में बेटी का जन्म और भानु प्रताप की UPSC में सफलता
वर्ष 2020 दोनों के जीवन में महत्वपूर्ण रहा। इसी साल उनके घर बेटी का जन्म हुआ, जिसका नाम विभा रखा गया।
इसी वर्ष भानु प्रताप सिंह ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 372वीं रैंक हासिल की। इसके बाद उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में हुआ और उन्हें बिहार कैडर मिला।
पूजा सिंह के अनुसार, पति के आईपीएस बनने और बिहार में पोस्टिंग मिलने के बाद दोनों के रिश्तों में तनाव बढ़ने लगा। उनका आरोप है कि इसके बाद भानु प्रताप सिंह के व्यवहार में बदलाव आया और उन पर तलाक लेने का दबाव बनाया जाने लगा।
यह पूजा सिंह का पक्ष है। इस विवाद में सामने आए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और दूसरे पक्ष का जवाब अलग से महत्वपूर्ण है।
2025 में बेटी को लेकर बढ़ा विवाद
पूजा सिंह ने आरोप लगाया कि वर्ष 2025 में पारिवारिक विवाद और गहरा गया। उनका कहना है कि उनके ससुर और ननद बेटी को घुमाने के बहाने अपने साथ ले गए।
पूजा सिंह का आरोप है कि इसके बाद से उन्हें अपनी बेटी से मिलने नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कई बार बेटी से मुलाकात की कोशिश की, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।
बेटी से दूरी और वैवाहिक संबंधों में बढ़ते तनाव ने इस विवाद को और गंभीर बना दिया। पूजा सिंह लगातार अपनी बेटी से मिलने का अधिकार देने की मांग कर रही हैं।
सितंबर 2026: भरतपुर थाने में रातभर बैठीं पूजा सिंह
सितंबर 2026 में पूजा सिंह राजस्थान के भरतपुर स्थित अपने ससुराल पहुंचीं। उनका आरोप था कि ससुराल पक्ष उन्हें बेटी से मिलने नहीं दे रहा है।
पूजा सिंह के मुताबिक, जब ससुराल का गेट नहीं खोला गया और ननद के घर भी उन्हें जगह नहीं मिली, तो वह रातभर भरतपुर के मथुरा गेट थाने में बैठी रहीं।
इस दौरान उन्होंने पुलिस से शिकायत भी की। इस घटना के बाद पारिवारिक विवाद स्थानीय स्तर से निकलकर सार्वजनिक चर्चा में आने लगा।
26 अक्टूबर को महिला आयोग पहुंचा मामला
बेटी से मुलाकात और वैवाहिक विवाद को लेकर पूजा सिंह ने 26 अक्टूबर 2026 को बिहार राज्य महिला आयोग का दरवाजा खटखटाया।
उन्होंने आयोग में अपने पति भानु प्रताप सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद महिला आयोग ने एसपी को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया।
महिला आयोग की कार्रवाई के बाद मामला और गंभीर हो गया। अब इस विवाद में पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रशासन की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो गई।
1 और 2 नवंबर: मुख्यमंत्री आवास पहुंचीं पूजा सिंह, दर्ज कराई FIR
1 नवंबर 2026 को पूजा सिंह पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास पहुंचीं और वहां अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठ गईं। उन्होंने कहा कि वह करीब दो महीने से अपनी बेटी से नहीं मिली हैं और न्याय नहीं मिलने पर अन्न-जल त्यागने की बात भी कही।
इसके बाद प्रशासन और पटना पुलिस ने उन्हें वहां से हटाकर समाहरणालय पहुंचाया, जहां उनकी एसडीएम से मुलाकात कराई गई।
2 नवंबर को दोनों पक्षों को बातचीत के लिए मुख्यमंत्री आवास बुलाए जाने की जानकारी सामने आई। पूजा सिंह का कहना है कि उन्हें और उनके पति को आमने-सामने नहीं बैठाया गया। उनके मुताबिक, भानु प्रताप सिंह ने कहा कि अब आगे की बातचीत कोर्ट में होगी।
इसी रात पूजा सिंह ने पटना महिला थाने में एफआईआर दर्ज कराई। इसमें उन्होंने पति भानु प्रताप सिंह, ससुर और ननदोई पर प्रताड़ना, तलाक के कागजों पर जबरन हस्ताक्षर कराने का दबाव बनाने और बेटी से दूर रखने जैसे आरोप लगाए।
ध्यान देने वाली बात है कि एफआईआर में लगाए गए आरोपों की सच्चाई जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही तय होगी।
3 नवंबर: एसपी आवास के बाहर बेटी से मिलने के लिए धरना
3 नवंबर को पटना से खगड़िया लौटने के बाद पूजा सिंह एसपी के सरकारी आवास पहुंचीं। उन्होंने आरोप लगाया कि पति के निर्देश पर सुरक्षा गार्ड ने आवास का गेट नहीं खोला।
इसके बाद वह बेटी से मिलने की मांग को लेकर एसपी आवास के बाहर बैठ गईं। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने उनसे बातचीत की और समझाकर वहां से हटाया।
इस घटनाक्रम ने विवाद को एक बार फिर चर्चा में ला दिया। अब मामला केवल पति-पत्नी के बीच मतभेद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि बेटी से मुलाकात, महिला सुरक्षा और कानूनी अधिकारों से जुड़े सवाल भी सामने हैं।
अब आगे क्या होगा?
खगड़िया एसपी भानु प्रताप सिंह और पूजा सिंह के बीच विवाद में अब कई कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं महत्वपूर्ण होंगी। महिला थाने में दर्ज एफआईआर की जांच, महिला आयोग की कार्रवाई और अदालत में चल रही प्रक्रिया के जरिए आगे का रास्ता तय होगा।
इस मामले में दोनों पक्षों की बात सुनना और आरोपों की निष्पक्ष जांच करना जरूरी है। खासकर बेटी की देखभाल और उससे मुलाकात से जुड़े मुद्दे पर सक्षम अदालत का फैसला महत्वपूर्ण हो सकता है।
फिलहाल, पूजा सिंह अपनी बेटी से मिलने की मांग कर रही हैं, जबकि भानु प्रताप सिंह ने मामले को कोर्ट में रखने की बात कही है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि कानूनी प्रक्रिया के जरिए इस पारिवारिक विवाद का समाधान कैसे निकलता है।
