हिमाचल में BJP सरकार बनने का हिमंत बिस्वा सरमा ने किया दावा, कांग्रेस पर बरसे
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हिमाचल प्रदेश की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को शिमला में आयोजित भाजपा की पदयात्रा और जनसभा के दौरान कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और कथित वोट चोरी को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर सवाल उठाए। साथ ही दावा किया कि आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश में भाजपा की सरकार बनेगी।
हिमंत बिस्वा सरमा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें EVM के खिलाफ विपक्ष के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से पहले अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए था। उनका तर्क था कि कांग्रेस ने इसी चुनावी व्यवस्था के माध्यम से हिमाचल प्रदेश में सरकार बनाई है और अब उसी व्यवस्था पर सवाल उठा रही है।
EVM विवाद पर कांग्रेस को घेरा, राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
शिमला में पत्रकारों से बातचीत के दौरान हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि कांग्रेस को चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने से पहले अपनी राजनीतिक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष को चुनाव आयोग और चुनावी व्यवस्था पर भरोसा नहीं है, तो उसे चुनाव लड़ने के अपने फैसले पर भी विचार करना चाहिए।
असम के मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी टिप्पणी की। उन्होंने उन्हें असम आने की चुनौती देते हुए बांग्लादेश से जुड़े विवादित बयान दिए। सरमा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनावी नतीजों को अपनी सुविधा के अनुसार स्वीकार करती है। उनके मुताबिक, किसी एक या दो सीटों पर जीत को बड़ी उपलब्धि बताने के बजाय पार्टी को व्यापक जनसमर्थन हासिल करने पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भाजपा का उद्देश्य केवल कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल करना नहीं, बल्कि देशभर में लोगों का विश्वास जीतना है।
रोजगार के वादे पर कांग्रेस से मांगा जवाब
हिमंत बिस्वा सरमा ने हिमाचल प्रदेश में रोजगार के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के दौरान राज्य के युवाओं से पांच लाख नौकरियां देने का वादा किया था, लेकिन अब तक इस दिशा में अपेक्षित काम नहीं हुआ है।
उन्होंने प्रियंका गांधी और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के चुनावी वादों का जिक्र करते हुए कांग्रेस से जवाब मांगा। इसके मुकाबले उन्होंने असम में भाजपा सरकार के रोजगार संबंधी प्रदर्शन का उदाहरण दिया।
सरमा ने दावा किया कि उनकी सरकार ने एक लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा किया था, जबकि 1.07 लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा वोट चोरी करने के बजाय जनता का भरोसा जीतकर चुनाव जीतने में विश्वास रखती है।
उन्होंने हिमाचल के लोगों से भी भाजपा को समर्थन देने की अपील की और कहा कि पार्टी राज्य में विकास, शांति और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
NRC, घुसपैठ और राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी दिया बयान
अपने संबोधन के दौरान असम के मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व घुसपैठियों के प्रति नरम रुख रखता है। सरमा ने NRC को पूरे देश में लागू करने की वकालत करते हुए कहा कि अवैध घुसपैठ की समस्या से निपटने के लिए इस दिशा में कदम उठाना जरूरी है।
राष्ट्रीय सुरक्षा पर बोलते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत की सेना, वायुसेना और नौसेना देश की सीमाओं की सुरक्षा करने में सक्षम हैं। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल में चीन से जुड़े घटनाक्रम का भी उल्लेख किया।
कार्यक्रम के अंत में हिमंत बिस्वा सरमा ने हिमाचल प्रदेश के लोगों को राजनीतिक संदेश देते हुए कहा कि वह राज्य में भाजपा का मुख्यमंत्री शपथ लेने के बाद दोबारा आएंगे।
उनका यह बयान हिमाचल प्रदेश में भाजपा की वापसी को लेकर पार्टी के राजनीतिक आत्मविश्वास के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, राज्य में अगली सरकार किसकी बनेगी, इसका फैसला आगामी चुनाव में जनता के जनादेश से होगा।
