गोरखपुर में औद्योगिक विकास को मिली नई रफ्तार, 10 साल में 50 हजार युवाओं को मिला रोजगार
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में औद्योगिक विकास और रोजगार के क्षेत्र में पिछले एक दशक के दौरान बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार, 1 नवंबर को गोरखपुर में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करते हुए कहा कि यह शहर अब पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक और निवेश केंद्रों में अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में गोरखपुर के औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 50 हजार युवाओं को रोजगार और काम के अवसर मिले हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार, गोरखपुर में बेहतर बुनियादी सुविधाओं के साथ शिक्षा, उद्योग और निवेश के क्षेत्र में लगातार विस्तार हुआ है। सरकार का प्रयास है कि स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे शहरों और राज्यों की ओर पलायन न करना पड़े। इसके लिए नए उद्योग स्थापित करने और निवेश को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जा रहा है।
गोरखपुर के औद्योगिक क्षेत्र में बढ़ा निवेश, 50 हजार युवाओं को रोजगार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गीडा अब पूर्वी उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। यहां नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
सीएम योगी के मुताबिक, पिछले 10 वर्षों में लगभग 50 हजार युवाओं को यहां रोजगार और कामकाज के अवसर उपलब्ध हुए हैं। औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
उन्होंने बताया कि गोरखपुर में उर्वरक कारखाने, चीनी मिलें, डिस्टिलरी, डेयरी उद्योग, इथेनॉल प्लांट, स्टील प्लांट और सीमेंट फैक्ट्रियों जैसी औद्योगिक इकाइयों की स्थापना हो रही है। इन उद्योगों से प्रत्यक्ष रोजगार के साथ-साथ परिवहन, आपूर्ति और स्थानीय व्यापार से जुड़े लोगों को भी लाभ मिलने की संभावना है।
टेक्नोलॉजी पार्क और आयुष विश्वविद्यालय से बढ़ेंगी सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में शिक्षा और तकनीकी विकास से जुड़ी परियोजनाओं को भी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि शहर में सैनिक स्कूल की सुविधा उपलब्ध है और टेक्नोलॉजी पार्क ने भी काम करना शुरू कर दिया है। इसके अलावा आयुष विश्वविद्यालय का संचालन भी शुरू हो चुका है।
सरकार का कहना है कि इन संस्थानों के माध्यम से युवाओं को शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार से जुड़ने के नए अवसर मिलेंगे। गोरखपुर को केवल औद्योगिक शहर ही नहीं, बल्कि शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार ने युवाओं, किसानों और महिलाओं के विकास को ध्यान में रखकर योजनाएं तैयार की हैं। सरकार का लक्ष्य विकास का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाना है।
बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों को मिलेगा विशेष पैकेज
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों की समस्याओं पर भी बात की। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में बेमौसम बारिश, तेज बारिश और ओलावृष्टि के कारण किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है।
इस स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने सभी जिला प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों में सर्वेक्षण कराने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि नुकसान का आकलन करने के बाद प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए विशेष पैकेज उपलब्ध कराया जाएगा।
इससे प्रभावित किसानों को आर्थिक नुकसान से उबरने में मदद मिलने की उम्मीद है। सरकार ने प्रशासनिक अधिकारियों को किसानों की समस्याओं पर गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए हैं।
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी उत्तर प्रदेश में औद्योगिक बदलाव का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि वर्ष 2017 से पहले राज्य में वैश्विक निवेश आकर्षित करने के लिए स्पष्ट दृष्टिकोण और ठोस कार्ययोजना की कमी थी।
उनके अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने सुधार, प्रदर्शन और बदलाव के मंत्र के साथ निवेश के अनुकूल माहौल तैयार किया है। कानून-व्यवस्था में सुधार, पारदर्शी नीतियों और बेहतर औद्योगिक वातावरण को प्रदेश में निवेश बढ़ने का प्रमुख आधार बताया गया।
कुल मिलाकर, गोरखपुर में औद्योगिक निवेश, नई परियोजनाओं और रोजगार के अवसरों को लेकर सरकार की योजनाएं पूर्वी उत्तर प्रदेश के विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। आने वाले समय में इन परियोजनाओं का वास्तविक लाभ स्थानीय युवाओं और कारोबारियों तक कितना पहुंचता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।
