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मणिपुर के नेताओं से मिले खरगे-राहुल गांधी, दिल्ली में अहम बैठक से बढ़ी हलचल

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मणिपुर के नेताओं से मिले खरगे-राहुल गांधी, दिल्ली में अहम बैठक से बढ़ी हलचल

नई दिल्ली में सोमवार, 2 नवंबर को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर मणिपुर के पार्टी नेताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल और मणिपुर कांग्रेस अध्यक्ष सहित कई नेता मौजूद रहे। बैठक का आयोजन खरगे के 10 राजाजी मार्ग स्थित आवास पर किया गया।

यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब मणिपुर में शांति, सुरक्षा और विस्थापित लोगों की घर वापसी को लेकर अलग-अलग समुदायों की ओर से मांगें उठ रही हैं। हाल ही में इंफाल में आयोजित एक रैली में लोगों ने सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस (SoO) समझौते को समाप्त करने और आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों की सुरक्षित वापसी की मांग की थी।

हालांकि, बैठक के एजेंडे और उसमें लिए गए फैसलों को लेकर कांग्रेस की ओर से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि मणिपुर के मौजूदा हालात पर पार्टी आगे कौन-सी रणनीति अपनाएगी।

खरगे के आवास पर मणिपुर कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक

कांग्रेस की यह बैठक राजधानी दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हुई। इसमें राहुल गांधी और केसी वेणुगोपाल की मौजूदगी को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बैठक में मणिपुर कांग्रेस नेतृत्व ने भी हिस्सा लिया। पार्टी के शीर्ष नेताओं और राज्य इकाई के प्रतिनिधियों की इस मुलाकात को मणिपुर से जुड़े राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा के तौर पर देखा जा रहा है।

मणिपुर में लंबे समय से जारी तनाव के कारण विस्थापन, सुरक्षा और सामान्य जनजीवन की बहाली बड़े मुद्दे बने हुए हैं। ऐसे में राज्य के नेताओं के साथ कांग्रेस नेतृत्व की बैठक पर राजनीतिक हलकों की नजर है।

इंफाल में COCOMI की रैली, SoO समझौता खत्म करने की मांग

दिल्ली में कांग्रेस की बैठक से पहले इंफाल में Coordinating Committee on Manipur Integrity (COCOMI) की ओर से एक बड़ी रैली आयोजित की गई थी। इसमें पहाड़ी और घाटी क्षेत्रों के अलग-अलग समुदायों के लोगों ने हिस्सा लिया।

रैली में शामिल लोगों ने सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस यानी SoO समझौते को समाप्त करने की मांग उठाई। इसके साथ ही उन्होंने हिंसा और अशांति के कारण अपने घरों से विस्थापित हुए लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की अपील की।

प्रदर्शन के दौरान प्रतिभागियों ने शहर की सड़कों पर मार्च निकाला और अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। रैली में विभिन्न समुदायों की भागीदारी को मणिपुर में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने की मांग से जोड़कर देखा जा रहा है।

SoO समझौता केंद्र सरकार, मणिपुर सरकार और कुछ कुकी उग्रवादी संगठनों के बीच संघर्षविराम से जुड़ी व्यवस्था है। इसे लेकर राज्य में अलग-अलग पक्षों की राय और मांगें सामने आती रही हैं।

दिल्ली में INDIA गठबंधन की रैली के बाद सियासी गतिविधियां तेज

कांग्रेस नेताओं की यह बैठक ऐसे समय हुई है, जब एक दिन पहले दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन ने बड़ी रैली आयोजित की थी। इस कार्यक्रम में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, ममता बनर्जी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव सहित विपक्ष के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए थे।

रैली का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची में कथित अनियमितताएं और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया थी। विपक्षी नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताएं रखीं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी सवाल उठाए।

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में कथित वोट चोरी को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष संविधान की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी लड़ाई जारी रखेगा।

इस रैली में बड़ी संख्या में समर्थक शामिल हुए थे। मार्च मिंटो रोड- कनॉट प्लेस जंक्शन से शुरू होकर रामलीला मैदान तक पहुंचा था।

मणिपुर के मुद्दों पर कांग्रेस की आगे की रणनीति पर नजर

मणिपुर में विस्थापित परिवारों की सुरक्षित वापसी, समुदायों के बीच विश्वास बहाली और स्थायी शांति की मांग लगातार उठ रही है। ऐसे में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व और राज्य इकाई के नेताओं की बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हालांकि, कांग्रेस ने बैठक के बाद किसी विस्तृत निर्णय या नई राजनीतिक पहल की आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। इसलिए बैठक के नतीजों को लेकर अभी कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि कांग्रेस मणिपुर के हालात को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के सामने कौन-से मुद्दे उठाती है। फिलहाल, राज्य में शांति बहाली और विस्थापित लोगों की सुरक्षित घर वापसी सबसे प्रमुख मांगों में शामिल हैं।

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