तिरहुत MLC चुनाव में बड़ा उलटफेर, बंशीधर बृजवासी ने JDU को पछाड़ा
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बिहार के तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के MLC चुनाव में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। तिरहुत MLC चुनाव की मतगणना में निर्दलीय प्रत्याशी और वर्तमान विधान पार्षद बंशीधर बृजवासी ने जदयू के अभिषेक झा पर मजबूत बढ़त बना ली है। 11 राउंड की गिनती के बाद बृजवासी को 25,257 वोट मिले, जबकि अभिषेक झा 19,980 मतों के साथ पीछे चल रहे थे। राजद प्रत्याशी डॉ. रश्मि विनायक गौतम तीसरे स्थान पर थीं। हालांकि, एलिमिनेशन राउंड की प्रक्रिया जारी होने के कारण अंतिम नतीजे की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
तिरहुत स्नातक सीट पर निर्दलीय बंशीधर बृजवासी की मजबूत बढ़त
तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में बंशीधर बृजवासी की बढ़त ने चुनावी मुकाबले को चर्चा में ला दिया है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 11 राउंड की मतगणना पूरी होने तक उन्हें 25,257 वोट मिले थे।
वहीं, जनता दल यूनाइटेड (JDU) के उम्मीदवार अभिषेक झा को 19,980 मत प्राप्त हुए। इस तरह दोनों उम्मीदवारों के बीच वोटों का अंतर 5,277 था।
राजद की डॉ. रश्मि विनायक गौतम 14,977 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर थीं। जन सुराज के उम्मीदवार डॉ. बी. मोहन को 2,341 मत मिले थे।
मतगणना के दौरान 6,835 वोट अवैध घोषित किए जाने की जानकारी भी सामने आई। इतनी बड़ी संख्या में अवैध मत होने के कारण चुनाव में बैलेट पेपर भरने के तरीके और मतों की वैधता भी महत्वपूर्ण विषय बन गए हैं।
ध्यान दें: दिए गए आंकड़ों के अनुसार बृजवासी और अभिषेक झा के बीच अंतर 5,277 वोट है। अंतिम परिणाम एलिमिनेशन राउंड और निर्वाचन अधिकारी की आधिकारिक घोषणा पर निर्भर करेगा।
17 उम्मीदवारों के बीच हुआ मुकाबला
तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 17 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा। मतदान 23 अक्टूबर को कराया गया था, जबकि मुजफ्फरपुर स्थित एमआईटी परिसर में मतगणना शुरू हुई।
इस चुनाव में ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया गया। बैलेट पेपर से होने वाली मतगणना में मतपत्रों की जांच और उनकी वैधता तय करने की प्रक्रिया के कारण समय लग सकता है।
इस सीट पर मुख्य मुकाबला निर्दलीय बंशीधर बृजवासी, जदयू के अभिषेक झा और राजद की डॉ. रश्मि विनायक गौतम के बीच माना जा रहा था। शुरुआती और उपलब्ध राउंड के आंकड़ों में बृजवासी की बढ़त ने मुकाबले की दिशा को दिलचस्प बना दिया।
चूंकि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में वरीयता आधारित मतगणना और एलिमिनेशन की प्रक्रिया लागू हो सकती है, इसलिए केवल शुरुआती बढ़त को अंतिम जीत नहीं माना जाना चाहिए। आधिकारिक परिणाम आने तक उम्मीदवारों की स्थिति बदलने की संभावना को ध्यान में रखना जरूरी है।
58.39 प्रतिशत मतदाताओं ने किया था मतदान
तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में करीब 1.45 लाख मतदाता दर्ज थे। इनमें से 58.39 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में मतदाताओं की भागीदारी और उम्मीदवारों का समर्थन महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां मतदाताओं की पसंद का असर सीधे विधान परिषद में क्षेत्र के प्रतिनिधित्व पर पड़ता है।
इस बार तीन प्रमुख उम्मीदवारों के बीच मुकाबले के कारण चुनाव परिणाम पर राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई थी। निर्दलीय प्रत्याशी की बढ़त ने यह सवाल भी खड़ा किया कि क्या स्थानीय मुद्दे और व्यक्तिगत जनसंपर्क पार्टी के चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं।
हालांकि, इसका आकलन करने के लिए अंतिम नतीजे और उम्मीदवारों को मिले कुल वैध मतों का विश्लेषण करना होगा।
कौन हैं बंशीधर बृजवासी?
बंशीधर बृजवासी ने शिक्षक के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। शिक्षक संगठनों के माध्यम से उन्होंने शिक्षकों से जुड़े मुद्दे उठाए और इसी पहचान के सहारे राजनीति में अपनी जगह बनाई।
दिसंबर 2024 में हुए उपचुनाव में जीत दर्ज करने के बाद वह विधान परिषद पहुंचे थे। इस बार भी वह निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरे।
तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में उनकी बढ़त को उनके पिछले कार्यकाल और मतदाताओं के बीच बनी पहचान के संदर्भ में देखा जा रहा है। यदि वह अंतिम परिणाम में जीत दर्ज करते हैं, तो यह उनके राजनीतिक सफर के लिए एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी।
अभिषेक झा और डॉ. रश्मि गौतम की राजनीतिक पहचान
जदयू प्रत्याशी अभिषेक झा ने एनआईटी से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। उनकी पहचान शिक्षाविद् और जदयू प्रवक्ता के रूप में भी रही है। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) से की थी और बाद में जदयू में शामिल हो गए।
दूसरी ओर, राजद की उम्मीदवार डॉ. रश्मि विनायक गौतम पेशे से चिकित्सक और शिक्षाविद् हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह सासाराम मेडिकल कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर हैं।
इन दोनों उम्मीदवारों की मौजूदगी ने चुनाव को राजनीतिक रूप से अहम बनाया। लेकिन मतगणना के उपलब्ध आंकड़ों में दोनों उम्मीदवार बंशीधर बृजवासी से पीछे नजर आए।
तिरहुत MLC चुनाव के नतीजे का क्या होगा राजनीतिक असर?
तिरहुत स्नातक सीट का परिणाम बिहार की विधान परिषद में राजनीतिक दलों की स्थिति और स्थानीय समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। जदयू उम्मीदवार के पीछे रहने से पार्टी को इस सीट पर झटका लगने की संभावना दिखाई दी, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी की बढ़त ने मुकाबले को नया मोड़ दिया।
फिर भी, अंतिम परिणाम आने से पहले किसी भी उम्मीदवार की जीत को निश्चित बताना जल्दबाजी होगी। एलिमिनेशन राउंड पूरा होने, वैध मतों की अंतिम गणना और निर्वाचन अधिकारी की घोषणा के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
