दलसिंहसराय में स्वर्ण व्यवसायी की गोली मारकर हत्या, 3 घंटे जाम रहा NH-28
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बिहार के समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय में स्वर्ण व्यवसायी राजेश पोद्दार की गोली मारकर हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई। दलसिंहसराय में स्वर्ण व्यवसायी की हत्या के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है और उन्होंने आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर एनएच-28 पर करीब तीन घंटे तक सड़क जाम रखा। राजेश सोमवार रात अपनी बुलेट बाइक से नए घर लौट रहे थे। इसी दौरान डीह पगड़ा काली स्थान के पास बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी। उनके पास एक झोले में सोने-चांदी के जेवरात भी थे। परिजनों ने लूट के प्रयास की आशंका जताई है, लेकिन पुलिस ने अभी हत्या की वास्तविक वजह की पुष्टि नहीं की है।
डीह पगड़ा काली स्थान के पास वारदात, दो गोलियां लगने से मौत
मिली जानकारी के अनुसार, राजेश पोद्दार सोमवार रात अपनी बुलेट बाइक से घर लौट रहे थे। वह अपने साथ सोने-चांदी के आभूषणों से भरा एक झोला भी लेकर जा रहे थे, जिसकी कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।
इसी दौरान डीह पगड़ा काली स्थान के पास बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें निशाना बनाया। राजेश को दो गोलियां लगीं और उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद उनकी बुलेट बाइक सड़क किनारे गड्ढे में पलट गई। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर जुटने लगे। परिजनों को आशंका है कि बदमाश जेवरात लूटने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन लोगों के जुटने और पकड़े जाने के डर से भाग निकले।
हालांकि, यह आशंका अभी जांच का विषय है। हत्या लूट के प्रयास में हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण था, इसका खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा।
एनएच-28 पर तीन घंटे तक प्रदर्शन, गिरफ्तारी की मांग
राजेश की हत्या के बाद मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम से शव लौटने पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। स्थानीय लोगों ने बदमाशों की जल्द गिरफ्तारी की मांग करते हुए एनएच-28 के सरदारगंज चौक पर सड़क जाम कर दिया।
सुबह करीब नौ बजे शुरू हुए इस विरोध प्रदर्शन के कारण यातायात प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इस वारदात से इलाके में आम लोगों और कारोबारियों के बीच असुरक्षा की भावना बढ़ी है।
लोगों की मांग थी कि पुलिस जल्द से जल्द आरोपितों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करे। साथ ही क्षेत्र में बढ़ते अपराध पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
स्थानीय समाजसेवी और डीएसपी विवेक कुमार के आश्वासन के बाद करीब तीन घंटे में जाम समाप्त हुआ। प्रदर्शनकारियों ने उम्मीद जताई कि पुलिस मामले का शीघ्र उद्भेदन करेगी और दोषियों को कानून के अनुसार सजा मिलेगी।
छह साल से चला रहे थे ज्वेलर्स की दुकान
परिजनों के अनुसार, राजेश पोद्दार पिछले करीब छह वर्षों से काली चौक पर आरोही ज्वेलर्स एवं बर्तन की दुकान चला रहे थे। इसी कारोबार से वह अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे।
उनकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पत्नी उपासना, मां, भाई और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के लिए यह घटना न केवल भावनात्मक आघात है, बल्कि भविष्य की जिम्मेदारियों को लेकर भी बड़ी चुनौती बन गई है।
राजेश अपने पीछे पत्नी उपासना, दो बेटियों आरोही और आकृति तथा महज सात महीने के बेटे को छोड़ गए हैं। सबसे छोटे बच्चे की उम्र इतनी कम है कि वह पिता के जाने का अर्थ भी नहीं समझ सकता।
अब पत्नी के सामने तीनों बच्चों की परवरिश और भविष्य की जिम्मेदारी है। परिवार के अन्य सदस्य भी इस दुखद घटना से सदमे में हैं। राजेश के छोटे भाई दीपक कुमार नेपाल में रहते हैं, जबकि उनकी दो विवाहित बहनें रानी और गुड़िया हैं।
फॉरेंसिक टीम और डीआईयू की मदद से जांच
वारदात की सूचना मिलने पर ग्रामीण एसपी मुकुल कुमार रंजन सोमवार रात घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने मौके का निरीक्षण किया और संबंधित पुलिस अधिकारियों से जानकारी लेकर जांच तेज करने का निर्देश दिया।
ग्रामीण एसपी के अनुसार, पुलिस टीम आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। जांच में तकनीकी अनुसंधान, फॉरेंसिक टीम और जिला सूचना इकाई (डीआईयू) की मदद ली जा रही है।
पुलिस घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि बदमाशों की गतिविधियों और उनके भागने के रास्ते से जुड़े सुराग मिल सकें।
घटनास्थल से पुलिस को एक जिंदा कारतूस और दो खोखे मिले हैं। इन साक्ष्यों की जांच से वारदात के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल पुलिस हत्या के पीछे की वजह और वारदात में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी है। अधिकारियों ने जांच के विभिन्न पहलुओं पर काम शुरू किया है, लेकिन अभी किसी आरोपी की गिरफ्तारी या हत्या के कारण की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है।
कारोबारियों की सुरक्षा पर उठे सवाल
राजेश पोद्दार की हत्या के बाद इलाके में कारोबारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसी घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई जरूरी है, ताकि व्यापारियों और आम नागरिकों का पुलिस व्यवस्था पर भरोसा बना रहे।
लोगों की निगाहें अब पुलिस जांच पर टिकी हैं। परिवार और स्थानीय नागरिक चाहते हैं कि मामले का जल्द खुलासा हो तथा दोषियों को गिरफ्तार किया जाए।
इस मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि बदमाशों ने राजेश को क्यों निशाना बनाया और क्या वारदात का संबंध उनके पास मौजूद जेवरात से था। इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
