Instagram पर Love, कोर्ट मैरिज के 10 महीने बाद दामिनी की दर्दनाक मौत, पति गिरफ्तार
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बिहार के सुपौल में दामिनी देवी की मौत ने प्रेम विवाह और घरेलू रिश्तों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि शादी के करीब 10 महीने बाद उसके पति संजीव साह ने सुनसान जगह पर पेट्रोल छिड़ककर उसे आग लगा दी। बुरी तरह झुलसी दामिनी जान बचाने के लिए करीब 500 मीटर तक दौड़ी और लोगों से मदद मांगी। ग्रामीण उसे अस्पताल ले गए, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में पति संजीव साह और उसके पिता किन्नू साह को गिरफ्तार करने की जानकारी दी है।
500 मीटर तक जान बचाने के लिए दौड़ती रही दामिनी
यह घटना बिहार के सुपौल जिले के रतनपुर थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, सातनपट्टी पंचायत के वार्ड संख्या-5 में सुपौल उपशाखा नहर के पास दामिनी आग की लपटों से घिर गई थी।
स्थानीय लोगों के अनुसार, शरीर में आग लगने के बाद वह किसी तरह वहां से भागी और करीब 500 मीटर दूर दूसरे गांव की ओर पहुंची। उसने लोगों से मदद की गुहार लगाई। उसकी हालत देखकर ग्रामीणों ने उसे संभाला और कपड़े से ढककर पुलिस को सूचना दी।
डायल 112 की मदद से दामिनी को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सरायगढ़-भपटियाही पहुंचाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे सदर अस्पताल, सुपौल रेफर कर दिया। रविवार की सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मौत से पहले पति पर लगाया आग लगाने का आरोप
मिली जानकारी के अनुसार, दामिनी ने मौत से पहले दिए गए बयान में अपने पति संजीव साह पर गंभीर आरोप लगाए। उसने बताया कि उसे सुनसान जगह पर बुलाया गया था, जहां कथित तौर पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई।
घटना सुपौल उपशाखा नहर के पास लालमनपट्टी इलाके में होने की बात सामने आई है। पुलिस इस बयान और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
फिलहाल आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही मामले की जांच आगे बढ़ रही है। घटना की परिस्थितियों और इसमें शामिल लोगों की भूमिका का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगा।
Instagram पर हुई दोस्ती, फिर कोर्ट मैरिज
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, दामिनी और संजीव की दोस्ती करीब नौ महीने पहले Instagram के जरिए हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच प्रेम संबंध विकसित हुआ और उन्होंने कोर्ट मैरिज कर ली।
हालांकि, शादी के बाद दोनों के रिश्ते में तनाव बढ़ने की बात कही जा रही है। खबरों के अनुसार, 23 अक्टूबर को संजीव ने तलाक की बात कही थी। इसके बाद 24 अक्टूबर को दामिनी अपने मायके मुजफ्फरपुर से भपटियाही थाना क्षेत्र पहुंची थी।
बताया गया है कि शनिवार को संजीव ने दामिनी को मिलने के लिए बुलाया। इसके बाद वह उसे बाइक पर बैठाकर अलग-अलग जगहों पर ले गया। आरोप है कि बाद में नहर किनारे सुनसान स्थान पर उस पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी गई।
इन घटनाक्रमों की पुष्टि के लिए पुलिस संबंधित बयान और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
घटनास्थल से बोतल और कपड़ों के टुकड़े बरामद
घटना की सूचना मिलने पर रतनपुर और भपटियाही थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। वीरपुर के एसडीपीओ पवन कुमार और फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पुलिस के अनुसार, मौके से गहरे हरे रंग के कपड़े के टुकड़े, गुलाबी रंग की महिला की चप्पल और 500 मिलीलीटर की पानी की बोतल में पेट्रोल जैसा ज्वलनशील पदार्थ मिलने की बात सामने आई है।
जांच टीम ने घटनास्थल से नमूने एकत्र किए हैं। इन्हें परीक्षण के लिए भेजा गया है, ताकि घटना से जुड़े तथ्यों की पुष्टि की जा सके। फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य जांच में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
पति और ससुर गिरफ्तार, पुलिस कर रही जांच
रतनपुर थानाध्यक्ष पिंटु कुमार के अनुसार, दामिनी के पिता के आवेदन पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी संजीव साह और उसके पिता किन्नू साह को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई है।
वहीं, संजीव के पिता किन्नू साह ने घटना की जानकारी पहले से होने से इनकार किया। उनका दावा है कि करीब नौ महीने पहले सोशल मीडिया पर दोनों की शादी से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो सामने आए थे। उनके मुताबिक, संजीव ने उस समय बताया था कि वह वीडियो बनाने के लिए लाइट डिलीवरी देने गया था और उसी दौरान लोगों ने जबरन शादी करवा दी थी।
यह संजीव के पिता का दावा है। पुलिस इस बयान समेत मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।
पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा गया शव
दामिनी के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस मृत्यु पूर्व बयान, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा और वैवाहिक रिश्तों में बढ़ते विवादों को लेकर चिंता बढ़ाई है। हालांकि, मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि और दोष तय करने का अधिकार अदालत को है। आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया से ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
