सिमरिया गंगा घाट जाने वालों की बढ़ी मुसीबत, 5 घंटे तक जाम में फंसे श्रद्धालु
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👉 WhatsApp से जुड़ेंबेगूसराय के सिमरिया गंगा घाट पर दुर्गा पूजा और गंगा स्नान के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को शनिवार को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सिमरिया गंगा घाट जाने वाले रास्ते पर रिफाइनरी के एक भारी वाहन के गुजरने से लंबा जाम लग गया। हालात ऐसे बने कि कई श्रद्धालुओं और वाहन चालकों को घाट तक पहुंचने में करीब पांच घंटे तक इंतजार करना पड़ा। बारिश और आंधी-तूफान ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दीं।
सुबह से ही उर्वरक नगर गेट नंबर-1 से सिमरिया गंगा घाट तक वाहनों की कतारें लगने लगी थीं। चारपहिया वाहन, ई-रिक्शा और मोटरसाइकिलें जाम में फंस गईं। गंगा स्नान और पूजा-अर्चना के लिए निकले लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी समय लगा। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने मोर्चा संभाला और यातायात सामान्य करने की कोशिश की।
भारी वाहन के गुजरने से बिगड़ी यातायात व्यवस्था
जानकारी के अनुसार, कोलकाता से रिफाइनरी के लिए भारी सामान लेकर आया एक वाहन जाम की प्रमुख वजह बना। इस वाहन को रास्ते से निकालने के लिए बीहट-एफसीआई थाना के सामने सड़क पर यातायात को वन-वे किया गया था।
वन-वे व्यवस्था के कारण सड़क पर वाहनों की आवाजाही धीमी हो गई। पहले से ही गंगा स्नान और दुर्गा पूजा के लिए बड़ी संख्या में लोग घाट की ओर जा रहे थे। ऐसे में भारी वाहन के गुजरने के दौरान यातायात का दबाव बढ़ गया और देखते ही देखते जाम लंबा होता चला गया।
सड़क पर वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण उन्हें आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल रही थी। कई वाहन चालक काफी देर तक एक ही जगह फंसे रहे। घाट जाने वाले श्रद्धालुओं को यह समझने में भी परेशानी हुई कि जाम कब तक खुलेगा।
सुबह छह बजे से लगने लगी वाहनों की लंबी कतार
शनिवार सुबह करीब छह बजे के बाद सड़क पर वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी। गंगा स्नान करने और पूजा-अर्चना के लिए जाने वाले श्रद्धालु अपने वाहनों से घाट की ओर निकल रहे थे। इसी दौरान यातायात बाधित होने से सड़क पर लंबी कतारें बन गईं।
जाम में केवल चारपहिया वाहन ही नहीं, बल्कि ई-रिक्शा और मोटरसाइकिल सवार भी फंसे रहे। कई लोगों को कम दूरी तय करने में भी घंटों लग गए। जिन श्रद्धालुओं ने सुबह स्नान और पूजा की योजना बनाई थी, उन्हें अपने कार्यक्रम में देरी का सामना करना पड़ा।
बारिश के कारण स्थिति और कठिन हो गई। जाम में फंसे लोगों को लंबे समय तक वाहनों के बीच इंतजार करना पड़ा। खराब मौसम के बीच परिवार के साथ यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं और बुजुर्गों को भी परेशानी हुई।
एफसीआई और चकिया थाना की पुलिस ने संभाला मोर्चा
जाम की सूचना मिलने के बाद एफसीआई थानाध्यक्ष सुबोध कुमार और चकिया थानाध्यक्ष गौतम कुमार दास पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने सड़क पर वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने और फंसे वाहनों को धीरे-धीरे आगे बढ़ाने का प्रयास किया।
पुलिस ने काफी देर तक मशक्कत की, लेकिन वाहनों का दबाव और भारी वाहन के आवागमन के कारण जाम पूरी तरह जल्दी नहीं खुल सका। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शाम सात बजे तक जाम की स्थिति बनी हुई थी।
इस दौरान मौसम ने भी परेशानी बढ़ाई। आंधी-तूफान और बारिश के बीच लोगों को लंबे समय तक सड़क पर इंतजार करना पड़ा। पुलिस की कोशिशों के बावजूद श्रद्धालुओं को राहत मिलने में समय लगा।
दुर्गा पूजा और गंगा स्नान के दौरान बढ़ा दबाव
दुर्गा पूजा के दौरान सिमरिया गंगा घाट पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है। गंगा स्नान के लिए भी बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं। ऐसे समय में सड़क पर यातायात का दबाव सामान्य दिनों की तुलना में अधिक हो सकता है।
इस घटना ने एक बार फिर त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के दौरान यातायात प्रबंधन की चुनौती को सामने रखा। जब भारी सामान लेकर आने वाले वाहनों और श्रद्धालुओं के वाहनों का आवागमन एक ही मार्ग पर होता है, तो जाम की आशंका बढ़ जाती है।
ऐसे अवसरों पर भारी वाहनों की आवाजाही का समय तय करना, प्रमुख मार्गों पर पुलिस की तैनाती बढ़ाना और श्रद्धालुओं को पहले से यातायात संबंधी जानकारी देना उपयोगी हो सकता है। हालांकि, इस मामले में ऐसी किसी नई व्यवस्था की आधिकारिक घोषणा की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
सिमरिया जाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
सिमरिया गंगा घाट जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए त्योहारों और विशेष स्नान के दिनों में यात्रा की योजना बनाना जरूरी है। भीड़भाड़ की आशंका को देखते हुए घर से पर्याप्त समय लेकर निकलना बेहतर रहेगा।
निकलने से पहले स्थानीय यातायात की स्थिति की जानकारी लें।
भारी भीड़ वाले समय में अतिरिक्त यात्रा समय रखें।
पुलिस के निर्देशों और निर्धारित यातायात मार्गों का पालन करें।
बारिश या खराब मौसम में सड़क पर सावधानी बरतें।
जाम की स्थिति में गलत दिशा से निकलने या जल्दबाजी करने से बचें।
