शिवहर में बिजली बिल का बड़ा सुधार, 29 हजार से घटकर इतना हुआ बकाया
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👉 WhatsApp से जुड़ेंशिवहर में शिवहर बिजली बिल सुधार से जुड़ी शिकायत पर लोक शिकायत निवारण प्रणाली के माध्यम से उपभोक्ता को राहत मिली। शिवहर बिजली बिल सुधार मामले में 29,000 रुपये के बिजली बिल में विभागीय स्तर पर 26,575.20 रुपये की कटौती की गई।
इसके बाद उपभोक्ता पर देय राशि घटकर 2,424.89 रुपये रह गई। मामला शिवहर प्रखंड के सरसौला खुर्द निवासी सत्यनारायण साह से जुड़ा है, जिन्होंने बिजली बिल में गड़बड़ी को लेकर लोक शिकायत निवारण कार्यालय में परिवाद दर्ज कराया था।
29 हजार रुपये के बिजली बिल को लेकर दर्ज हुई थी शिकायत
सरसौला खुर्द, शिवहर के निवासी सत्यनारायण साह ने 22 अगस्त 2026 को अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण कार्यालय में बिजली बिल में सुधार के लिए शिकायत दर्ज कराई थी।
उनकी शिकायत का अनन्य संख्या 503110122082603869 था। मामला नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) के सहायक विद्युत अभियंता, शिवहर से संबंधित था।
शिकायत पर 3 सितंबर, 17 सितंबर और 24 सितंबर 2026 को सुनवाई हुई। मामले की अगली सुनवाई 1 अक्टूबर 2026 को निर्धारित थी।
हालांकि निर्धारित सुनवाई से पहले ही बिजली विभाग ने मामले में सुधार की जानकारी लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी को दे दी।
मीटर रीडिंग में सामने आई थी गड़बड़ी
विद्युत विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार सत्यनारायण साह के मीटर पठन में नवंबर 2025 से सितंबर 2026 के बीच त्रुटि हुई थी।
उपभोक्ता संख्या 123102718494 और टैरिफ DS1D के तहत दर्ज कनेक्शन से संबंधित मामले में गलत मीटर पठन की समस्या सामने आई।
कनीय विद्युत अभियंता की रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने मीटर पठन में सुधार किया। इसके बाद सितंबर 2026 में जारी बिजली बिल की राशि को भी संशोधित किया गया।
29,000 रुपये के बिल में 26,575 रुपये की कटौती
सितंबर 2026 के लिए उपभोक्ता को कुल 29,000 रुपये का बिजली बिल जारी हुआ था।
विभागीय जांच और मीटर पठन में सुधार के बाद इस बिल में 26,575.20 रुपये की कटौती की गई।
सुधार के बाद उपभोक्ता पर अब केवल 2,424.89 रुपये की राशि देय रह गई है। यानी संशोधन के बाद मूल बिल की तुलना में बकाया राशि में बड़ा अंतर आया।
| विवरण | राशि |
|---|---|
| जारी बिजली बिल | ₹29,000 |
| विभागीय सुधार/कटौती | ₹26,575.20 |
| सुधार के बाद देय राशि | ₹2,424.89 |
30 सितंबर को विभाग ने दी समाधान की जानकारी
लोक शिकायत निवारण कार्यालय में चल रही सुनवाई के बीच NBPDCL के सहायक विद्युत अभियंता ने 30 सितंबर 2026 को लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी अनुराग कुमार रवि को पत्र सौंपा।
पत्र के माध्यम से विभाग ने मामले के समाधान की जानकारी दी। विभाग ने बताया कि गलत मीटर पठन को कनीय विद्युत अभियंता की रिपोर्ट के आधार पर ठीक कर दिया गया है।
साथ ही विभाग ने निर्धारित 1 अक्टूबर की सुनवाई के संदर्भ में बताया कि उपभोक्ता की समस्या का समाधान हो चुका है।
लोक शिकायत निवारण प्रणाली से मिली राहत
यह मामला बताता है कि विभागीय सेवा से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए लोक शिकायत निवारण कार्यालय किस तरह हस्तक्षेप कर सकता है।
बिजली बिल में मीटर रीडिंग से जुड़ी त्रुटि के कारण उपभोक्ता को बड़ी राशि का बिल मिला था। शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित विभाग से जवाब और सुधार की प्रक्रिया आगे बढ़ी।
कई चरणों में हुई सुनवाई के बाद विभाग ने अपनी रिपोर्ट के आधार पर बिल में संशोधन किया।
उपभोक्ता को अब कितना भुगतान करना होगा?
सितंबर 2026 में जारी 29,000 रुपये के बिल में विभाग ने 26,575.20 रुपये का सुधार किया है।
इस संशोधन के बाद उपभोक्ता पर 2,424.89 रुपये की राशि देय बताई गई है। यानी विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार अब संशोधित राशि के आधार पर ही भुगतान किया जाना है।
यह बदलाव गलत मीटर पठन से जुड़ी शिकायत के निस्तारण के बाद हुआ।
शिकायत निवारण प्रक्रिया में सुनवाई की भूमिका
लोक शिकायत निवारण की प्रक्रिया में संबंधित विभाग से जवाब मांगा जाता है और शिकायत से जुड़े तथ्यों की समीक्षा की जाती है।
इस मामले में भी बिजली विभाग के अधिकारी ने मीटर पठन की त्रुटि और उसके सुधार की जानकारी लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी को दी।
निर्धारित अगली सुनवाई से पहले समाधान की जानकारी मिलने के बाद विभाग ने मामले को समाप्त करने का अनुरोध किया।
बिजली बिल में गड़बड़ी होने पर क्या करें?
अगर किसी उपभोक्ता को बिजली बिल में असामान्य राशि दिखाई देती है, तो सबसे पहले बिल और मीटर रीडिंग की जानकारी की जांच करना उपयोगी होता है।
जरूरत पड़ने पर उपभोक्ता संबंधित बिजली कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकता है। शिकायत के साथ पुराने बिल, वर्तमान बिल और मीटर रीडिंग से संबंधित उपलब्ध जानकारी रखना मामले की जांच में सहायक हो सकता है।
यदि निर्धारित प्रक्रिया के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होता है, तो उपलब्ध शिकायत निवारण व्यवस्था के माध्यम से मामले को आगे बढ़ाया जा सकता है।
इस मामले से क्या सामने आया?
शिवहर के सत्यनारायण साह के मामले में विभागीय जानकारी के अनुसार नवंबर 2025 से सितंबर 2026 के बीच मीटर पठन में त्रुटि हुई थी।
सितंबर 2026 का 29,000 रुपये का बिल जारी होने के बाद लोक शिकायत निवारण कार्यालय में मामला पहुंचा। जांच के बाद विभाग ने 26,575.20 रुपये का सुधार किया और 2,424.89 रुपये की देय राशि बताई।
यह मामला बिजली बिल से जुड़ी शिकायतों के समय पर सत्यापन और रिकॉर्ड में सही मीटर पठन दर्ज करने की जरूरत को भी सामने लाता है।
एक नजर में पूरा मामला
- सत्यनारायण साह ने 22 अगस्त 2026 को शिकायत दर्ज कराई।
- शिकायत बिजली बिल में सुधार से संबंधित थी।
- 3 सितंबर, 17 सितंबर और 24 सितंबर को सुनवाई हुई।
- मीटर पठन में नवंबर 2025 से सितंबर 2026 के बीच त्रुटि बताई गई।
- सितंबर 2026 का बिल 29,000 रुपये था।
- विभाग ने 26,575.20 रुपये का सुधार किया।
- संशोधन के बाद 2,424.89 रुपये देय रहे।
- 30 सितंबर को NBPDCL ने समाधान की जानकारी दी।
- अगली सुनवाई 1 अक्टूबर 2026 को निर्धारित थी।
