शिवहर में दुर्गा पूजा को लेकर प्रशासन अलर्ट, पंडाल से विसर्जन तक सख्त निर्देश
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बिहार के शिवहर जिले में दुर्गा पूजा 2026 को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शिवहर दुर्गा पूजा 2026 को लेकर समाहरणालय के संवाद कक्ष में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित हुई। डीएम प्रतिभा रानी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पूजा पंडालों की सुरक्षा, शोभायात्रा, प्रतिमा विसर्जन, यातायात व्यवस्था और सांप्रदायिक सद्भाव जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।
प्रशासन ने शांति समिति के सदस्यों, जनप्रतिनिधियों, पूजा आयोजन समितियों और स्थानीय नागरिकों से मिलकर काम करने की अपील की। बैठक में स्पष्ट किया गया कि त्योहार के दौरान सुरक्षा, अनुशासन और आपसी भाईचारा बनाए रखने के लिए प्रशासन तथा आम लोगों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
डीएम प्रतिभा रानी की अध्यक्षता में हुई शांति समिति की बैठक
दुर्गा पूजा के दौरान जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से आयोजित बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और शांति समिति के सदस्यों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य त्योहार से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा करना और संभावित समस्याओं का समय रहते समाधान सुनिश्चित करना था।
डीएम प्रतिभा रानी ने शांति समिति के सदस्यों से अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने और लोगों के बीच सद्भाव बनाए रखने में सहयोग करने पर जोर दिया। उन्होंने प्रशासन और स्थानीय समुदाय के बीच निरंतर संवाद की आवश्यकता बताई।
बैठक में यह भी कहा गया कि किसी क्षेत्र में विवाद या तनाव की स्थिति उत्पन्न होने पर उसकी सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन को दी जाए। छोटी समस्याओं को बातचीत और समन्वय के माध्यम से समय रहते सुलझाने से बड़ी परेशानी को रोका जा सकता है।
पूजा समितियों को निर्देश, शोभायात्रा और विसर्जन में बरतें सावधानी
प्रशासन ने संबंधित पदाधिकारियों को पूजा आयोजन समितियों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखने का निर्देश दिया। आयोजकों से अपेक्षा की गई कि वे प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए कार्यक्रमों का संचालन करें और स्थानीय समस्याओं की जानकारी समय पर अधिकारियों को दें।
शोभायात्रा और प्रतिमा विसर्जन के दौरान निर्धारित मार्ग तथा समय का पालन करने पर विशेष जोर दिया गया। आयोजन समितियों से स्वयंसेवकों की सहायता लेने और श्रद्धालुओं की आवाजाही व्यवस्थित रखने को कहा गया।
रास्तों पर अनावश्यक अवरोध पैदा करने से बचने की भी हिदायत दी गई। इससे आम लोगों के आवागमन के साथ-साथ आपातकालीन सेवाओं को भी परेशानी नहीं होगी।
रथ और ट्रैक्टर की जांच जरूरी, सुरक्षा से समझौता नहीं
दुर्गा पूजा की शोभायात्रा में इस्तेमाल होने वाले रथ, ट्रैक्टर और अन्य वाहनों की सुरक्षा को लेकर भी निर्देश दिए गए। प्रशासन ने वाहनों के ब्रेक, पहियों और संचालन व्यवस्था की जांच कराने पर जोर दिया।
वाहनों को नियंत्रित गति से चलाने और उनकी क्षमता के अनुसार ही लोगों को बैठाने की आवश्यकता बताई गई। आयोजन समितियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वाहन संचालन में लापरवाही के कारण श्रद्धालुओं की सुरक्षा खतरे में न पड़े।
शोभायात्रा के दौरान वाहन चालकों और स्वयंसेवकों के बीच समन्वय बनाए रखना भी महत्वपूर्ण होगा। सुरक्षित व्यवस्था से दुर्घटनाओं की आशंका कम करने में मदद मिल सकती है।
पूजा पंडालों में बिजली और अग्नि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
बैठक में पूजा पंडालों की विद्युत व्यवस्था और अग्नि सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया। पंडालों में सुरक्षित वायरिंग, व्यवस्थित प्रवेश और निकास तथा आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी इंतजाम रखने पर जोर दिया गया।
खुले तारों और जोखिमपूर्ण बिजली कनेक्शन से बचने की सलाह दी गई। पंडालों में लोगों की भीड़ को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त जगह रखने और निकास मार्ग को बाधामुक्त रखने की जरूरत बताई गई।
आयोजन समितियों को यह ध्यान रखना होगा कि बिजली या आग से जुड़ी किसी आपात स्थिति में श्रद्धालु सुरक्षित बाहर निकल सकें। सुरक्षा के इन उपायों से त्योहार के दौरान संभावित दुर्घटनाओं का जोखिम कम किया जा सकता है।
भीड़ और ट्रैफिक व्यवस्था पर रहेगी नजर
दुर्गा पूजा के दौरान पूजा स्थलों और प्रमुख सड़कों पर लोगों की आवाजाही बढ़ सकती है। इसे देखते हुए प्रशासन ने भीड़ और यातायात को सुव्यवस्थित रखने पर जोर दिया।
पूजा पंडालों के आसपास अनावश्यक जाम से बचने और रास्तों को व्यवस्थित रखने की जरूरत बताई गई। विशेष रूप से एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों के लिए मार्ग उपलब्ध रखने पर जोर दिया गया।
श्रद्धालुओं और आयोजन समितियों से भी अपेक्षा की गई कि वे यातायात व्यवस्था में सहयोग करें। भीड़ को नियंत्रित रखने और रास्तों को बाधामुक्त बनाने में स्वयंसेवकों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
अफवाह फैलाने वालों से सावधान, भ्रामक संदेश साझा न करें
बैठक में अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं को लेकर भी लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई। प्रशासन ने कहा कि किसी भी अपुष्ट सूचना या आपत्तिजनक सामग्री को बिना पुष्टि के साझा करने से बचना चाहिए।
सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी संदिग्ध संदेश की सत्यता संबंधित प्रशासनिक या पुलिस अधिकारी से जांचने के बाद ही उस पर भरोसा करना चाहिए। शांति भंग करने वाली गतिविधि की जानकारी मिलने पर तुरंत प्रशासन को सूचित करना चाहिए।
त्योहार के दौरान जिम्मेदार व्यवहार और सही सूचना का प्रसार सामाजिक सद्भाव बनाए रखने में मदद करता है। लोगों से अपील की गई कि वे किसी अफवाह के कारण तनाव फैलने न दें।
प्रतिमा विसर्जन के दौरान सुरक्षा और स्वच्छता का ध्यान रखें
प्रतिमा विसर्जन के समय जलाशयों के आसपास सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए। बच्चों और अन्य श्रद्धालुओं को जोखिमपूर्ण स्थानों से दूर रखने तथा विसर्जन के दौरान सुरक्षित व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया गया।
प्रशासन ने पूजा स्थलों और विसर्जन क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने की जरूरत भी बताई। आयोजन समितियों और स्थानीय लोगों से अपेक्षा की गई कि वे धार्मिक आयोजन के साथ सार्वजनिक स्थानों की साफ-सफाई का भी ध्यान रखें।
बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद?
जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक में पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, अनुमंडल दंडाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, नगर परिषद शिवहर के सभापति, शांति समिति के सदस्य और अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी शामिल हुए।
बैठक में स्थानीय परिस्थितियों, पूजा आयोजन की व्यवस्थाओं और जरूरी सुविधाओं से जुड़े सुझाव भी लिए गए। संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ आवश्यक कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।
